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दैनिक भास्कर हिंदी: अमृतसर ट्रेन हादसा : वाट्सएप पर कटे हुए सिर को देखकर पता लगा बेटा इस दुनिया में नहीं रहा

October 21st, 2018

हाईलाइट

  • अमृतसर में हुए भीषण रेल हादसे में विजय कुमार ने भी अपने बेटे को खो दिया है।
  • विजय कुमार ने अपने दो बेटों में से एक को इस दर्दनाक हादसे में खो दिया है।
  • विजय को सुबह तड़के तीन बजे वाट्सएप पर बेटे के कटे हुए सिर की फोटो आई थी।

डिजिटल डेस्क, अमृतसर। पंजाब के अमृतसर में दशहरा के दिन हुए भीषण रेल हादसे में करीब 60 लोगों ने अपनी जान गंवाई है। कई परिवार को तो अभी तक यकीन नहीं हो रहा है कि उनके अपने अब इस दुनिया में नहीं हैं। इन्हीं लोगों में अमृतसर के ही रहने वाले विजय कुमार ने भी अपने बेटे को खो दिया है। विजय कुमार ने अपने दो बेटों में से एक को इस दर्दनाक हादसे में खो दिया है। विजय बताते हैं कि उनको अपने बेटे के मरने की खबर उस वक्त पता चली जब सुबह तीन बजे वाट्सएप पर एक मैसेज आया। उस मैसेज में उनके बेटे के कटे हुए सिर की फोटो थी। विजय उस दृश्य को याद कर के सिहर उठते हैं।

विजय ने बताया कि उनके दो बेटे आशीष और मनीष दोनों रावण दहन देखने गए थे। वह दोनों 'चौरा रेलवे फाटक' स्थित घटनास्थल पर मौजूद थे। इस हादसे में आशीष की जान तो बच गई, लेकिन मनीष हादसे का शिकार हो गया। विजय ने कहा कि जब उन्हें इस हादसे का पता चला तो वह आनन-फानन में सभी अस्पताल घूम आए, लेकिन उनके बेटे का पता नहीं चला। इसके बाद तड़के सुबह तीन बजे उनके वाट्सएप पर एक तस्वीर आई। यह मनीष के कटे हुए सिर की तस्वीर थी।

विजय बताते हैं कि इस हृदय विदारक दृश्य से वह इतने विचलित हो उठे कि वह उसी वक्त घटनास्थल पर पहुंच गए और अपने बेटे के शरीर को तलाशने लगे। इस तलाश में उन्हें एक हाथ और एक पैर मिला, लेकिन वह मनीष का नहीं था। विजय उस वक्त तक वह सारी उम्मीद हार चुके थे और रोते हुए दर्दभरी आवाज में बोले, 'मनीष नीली जींस पहना था, यह पैर उसका नहीं हो सकता। मेरी तो दुनिया ही उजड़ गई।

हादसे के वक्त पति को वीडियो कॉल पर दिखा रही थी रावण दहन 
इस दर्दनाक घटना में कई लोग घायल भी हुए हैं। उन्हीं में से एक सपना इस दर्दनाक हादसे की चश्मदीद भी रही हैं। सपना को सिर में चोट भी आई है। सपना बताती हैं कि हादसे के वक्त वह अपने पति को वीडियो कॉल से रावण दहन दिखा रही थीं। सपना ने बताया कि जब पुतले में आग लगी तब सभी लोग पीछे हटने लगे और पटरियों के करीब आ गए। जब पहली ट्रेन गुजरी तो सभी लोग दूसरी पटरी पर पहुंच गए। उसी वक्त दूसरी ट्रेन तेज गति में विपरीत दिशा से आई और बहुत से लोगों को कुचलते हुए निकल गई। इसके बाद वहां भगदड़ मच गई।

बता दें कि शुक्रवार को पंजाब के अमृतसर में रावण दहन के दौरान बड़ा रेल हादसा हो गया था। यहां चौरा बाजार के पास जौड़ा फाटक पर ट्रेन की चपेट में आने से 59 लोगों की मौत हो गई थी। अब तक 57 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। सभी लोग दशहरा देखने पहुंचे थे। हादसे के वक्त घटनास्थल पर सैकड़ों लोग मौजूद थे। भीड़ ज्यादा होने के कारण कई लोग रेलवे ट्रैक पर खड़े हो गए, तभी अचानक ट्रेन आ गई और लोग उसकी चपेट में आ गए। हादसा ट्रेन 74943 नाकोदर-जालंधर सिटी डीएमयू से हुआ, जो जालंधर से अमृतसर की तरफ आ रही थी। 


 

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