दैनिक भास्कर हिंदी: भास्कर के दफ्तर पर इनकम टैक्स का छापा: भास्कर की पत्रकारिता को रोकने की कोशिश, छापों के बाद ट्रेंड हुआ #IStandWithDainikBhaskar

July 22nd, 2021

डिजिटल डेस्क, भोपाल। गुरूवार की सुबह से एक खबर सबसे ज्यादा सुर्खियों में हैं। देश के सबसे प्रतिष्ठित दैनिक हिंदी अखबार दैनिक भास्कर पर इनकम टैक्स के छापे। आयकर विभाग की टीम ने भास्कर के मध्यप्रदेश, राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र के कार्यालयों पर छापे मारे। ये छापा मारा कार्रवाई सुबह अचानक शुरू हुई। इस दरम्यान नाइट शिफ्ट के कर्मचारियों के मोबाइल और लैपटॉप तक आईटी ने अपने कब्जे में ले लिए। उन्हें दफ्तर से बाहर जाने से रोका गया। इस खबर के वायरल होते ही सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने लगा I stand with Dainik Bhaskar। भास्कर की निर्भीक पत्रकारिता के पक्ष में लोगों ने समर्थन देना शुरू कर दिया। समाचार जगत में भास्कर ऐसा विश्वसनीय नाम है जो स्वतंत्र पत्रकारिता में यकीन रखता है। इसलिए तो भास्कर कहता है मैं स्वतंत्र हूं। क्योंकि मैं भास्कर हूं। भास्कर में चलेगी पाठकों की मर्जी। यही वजह है कि भास्कर पर छापे पड़े तो अलग अलग राज्यों से पाठकों और नेताओं ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया जाहिर की।

इतना ही नहीं भास्कर पर हुई छापेमारी का मुद्दा दोनों सदनों में भी गर्माया।  विपक्ष ने इस मुद्दे को जोरशोर से उठाया। राज्यसभा में इस मसले पर नारेबाजी भी हुई। जिसके चलते दोपहर 2 बजे तक राज्यसभा की कार्यवाही स्थगित कर दी गई। लोकसभा में भी कमोबेश यही स्थिति रही। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने रेड ऑन फ्री प्रेस के हैशटैक के साथ ट्वीट किया। जिसमें उन्होंने लिखा कि कागज पर स्याही से सच लिखना, एक कमजोर सरकार को डराने के लिए काफी है। 

विवेक तनखा

 

 

कमलनाथ

 


दिग्विजय सिंह

 

 

अशोक गहलोत

 


जीतू पटवारी

 

एमपी कांग्रेस

 


अरविंद केजरीवाल

 



ममता बनर्जी

 


कोरोना के बाद से भास्कर लगातार एग्रेसिव रिपोर्टिंग कर रहा था। और पाठकों के सामने सच लाने का बीड़ा उठाया हुआ था। इस छापे की कार्रवाई को पत्रकार जगत ने बदले की भावना बताया।