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चीनी रिसर्च शिप ने की भारतीय जल क्षेत्र में घुसपैठ, नौसेना ने खदेड़ा

चीनी रिसर्च शिप ने की भारतीय जल क्षेत्र में घुसपैठ, नौसेना ने खदेड़ा

हाईलाइट

  • नौसेना ने भारतीय जल क्षेत्र में घुसे एक चीनी पोत को खदेड़ दिया
  • यह चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) का रिसर्च शिप था
  • शिप ने अंडमान सागर में भारत के एक्सक्लूसिव इकोनॉमिक जोन में प्रवेश किया था

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। नौसेना ने भारतीय जल क्षेत्र में घुसे एक चीनी पोत को खदेड़ दिया। यह चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) का रिसर्च शिप था। इस चीनी पोत ने सितंबर महीने में अंडमान सागर में भारत के एक्सक्लूसिव इकोनॉमिक जोन (EEZ) में प्रवेश किया था, जिसके बाद उसे खदेड़ा गया। अधिकारियों ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी।

इस घटना को लेकर नौसेना प्रमुख एडमिरल करमबीर सिंह ने कहा कि 'हमारे क्षेत्र में ऑपरेट होने वाले किसी भी शिप को, भारतीय नौसेना को सूचित करना होगा।' जब उनसे पूछा गया कि चीनी पोत शि यान 1 को वापस जाने के लिए क्यों कहा गया? इसस पर एडमिरल करमबीर ने कहा कि 'अगर आपको हमारे एक्सक्लूसिव इकोनॉमिक जोन में काम करना है, तो आपको हमारी अनुमति लेनी होगी।'

सरकारी सूत्रों ने न्यूज एजेंसी एएनआई को बताया कि चीनी अनुसंधान पोत शी यान-1 अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में पोर्ट ब्लेयर के पास भारतीय जल क्षेत्र में अनुसंधान गतिविधियों को अंजाम दे रहा था। समुद्री निगरानी विमान की मदद से इसका पता लगाया गया था। सूत्रों ने कहा कि चीन अपने पोत का इस्तेमाल द्वीप क्षेत्र में भारतीय गतिविधियों पर जासूसी करने के लिए भी कर सकता था। इस जगह से भारत आईओआर और दक्षिण-पूर्व एशियाई क्षेत्र में मैरिनटाइन मूवमेंट पर कड़ी नजर रख सकता है।

एजेंसियों को जब यह पता चला कि चीनी पोत भारत के एक्सक्लूसिव इकोनॉमिक जोन में अनुसंधान गतिविधियों को अंजाम दे रहा है, तो भारतीय नौसेना के एक युद्धपोत को इसकी निगरानी के लिए भेजा गया था। चूंकि कानून विदेशी देशों को भारतीय EEZ में किसी भी शोध या अन्वेषण गतिविधियों को करने की अनुमति नहीं देता है, भारतीय नौसेना के युद्धपोत ने चीनी अनुसंधान पोत को भारतीय जल से बाहर जाने के लिए कहा। इसके बाद चीनी पोत ने भारतीय क्षेत्र को छोड़ दिया।

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