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कोलंबिया से जुड़े कोकीन ट्रेल का पता लगा रहे भारतीय अधिकारी

June 13th, 2020 00:00 IST
 कोलंबिया से जुड़े कोकीन ट्रेल का पता लगा रहे भारतीय अधिकारी

हाईलाइट

  • कोलंबिया से जुड़े कोकीन ट्रेल का पता लगा रहे भारतीय अधिकारी

नई दिल्ली, 12 जून (आईएएनएस)। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो(एनसीबी) ने रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस(आरसीएमपी) के साथ अंतर्राष्ट्रीय एजेंसी के खुफिया इनपुट के जरिए कोलंबियन ड्रग किंगपिन से जुड़े भारतीय तस्कर गिरोह का पता लगा रही है।

एनसीबी के निदेशक राकेश अस्थाना ने कहा, कनाडा में भारतीय प्रवासियों द्वारा चलाए जाने वाले अपराध गिरोह वास्तव में विदेशी ड्रग किंगपिन और भारतीय तस्करों की बीच की कड़ी है। भारत में हाल ही में 20 किलोग्राम के कोकिन जब्त किए गए थे। एनसीबी इस बाबत पंजाब और अन्य राज्यों में बड़े खिलाड़ियों की तलाशी के लिए मिले महत्वपूर्ण लीड पर कर रही है और हमें उम्मीद है कि हम जल्द ही उन्हें बेनकाब करने में सफल होंगे।

कोलंबिया और मैक्सिको ड्रग तस्करों से कई भारतीय-कनाडाई संगठित अपराध समूह जुड़े हुए हैं, जो कि ब्रिटिश कोलंबिया में सक्रिय हैं और भारत समेत एशिया में अपने ड्रग्स को भेज रहे हैं। इनमें से अधिकतर गैंग्सटर भारतीय मूल के हैं जो पंजाब से आते हैं।

आस्ट्रेलियाई फेडरल पुलिस से मिली एक खुफिया जानकारी के अनुसार, एनसीबी के शीर्ष अधिकारी ने बीते वर्ष दिसंबर में भारत के सबसे बड़े ड्रग कारटेल का भंडाफोड़ किया था,जोकि कनाडा और कालंबिया के ड्रग माफियाओं से जुड़ा हुआ था।

अस्थाना पहले सीबीआई में थे और उन्होंने कई करोड़ रुपये के चारा घोटाले समेत कई महत्वपूर्ण मामलों का भंडाफोड़ किया है।

उन्होंने कहा, हमने एएफपी के इनपुट पर काम किया और पता चला कि कनाडा के जरिए कोकीन की बड़ी खेप आस्ट्रेलिया पहुंची। कई देशों से जुड़े इस रैकेट के तार भारत से जुड़े हुए थे। अबतक इस मामले में कई लोगों को गिरफ्तार किया गया।

बीते वर्ष दक्षिण दिल्ली से इंडोनेशिया की स्मगलर मोनिका रेनकोट को गिरफ्तार किया गया था, एनसीबी को उससे पूछताछ के दौरान बड़ी लीड मिली है।

रेनकोट अक्षिंदर सिंह सोढ़ी के साथ काम करती थी, जो कि मामले में मुख्य संपर्ककर्ता है। एनीबी के अनुसार, दोनों कनाडा से चलने वाले बड़े ड्रग्स सिंडिकेट के लिए काम करते थे। खेप को भारत, आस्ट्रेलिया और अन्य देशों में भेजा गया था।

अस्थाना ने कहा, मैं ज्यादा सूचनाएं साझा नहीं कर सकता, क्योंकि यह महत्वपूर्ण जांच है। लेकिन मैं आश्वस्त कर सकता हूं कि एनसीबी भारत में इस मामले का भांडाफोड़ करने के लिए प्रतिबद्ध है।

अस्थाना ने कहा, यह महंगा ड्र्रग्स है और इसलिए इसे उच्च वर्ग के लोग प्रयोग करते हैं। इसलिए जब हमने पंजाब, दिल्ली और उत्तराखंड में तस्कर माफियाओं को धर दबोचने की कोशिश की तो हमने मुंबई, बेंगलुरू, दिल्ली और गोवा जैसे मेट्रो शहरों पर नजर रखी, जोकि भारत में बड़े वितरण केंद्र हैं।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।