दैनिक भास्कर हिंदी: देश की पहली प्राइवेट ट्रेन होगी दिल्ली-लखनऊ 'तेजस' एक्सप्रेस

July 9th, 2019

हाईलाइट

  • रेलवे ने ट्रेनों का संचालन निजी कंपनियों को देने की कवायद शुरू की
  • प्राइवेट ऑपरेटरों के हाथों चलने वाली पहली ट्रेन होगी तेजस एक्सप्रेस 

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय रेलवे ने ट्रेनों का संचालन निजी कंपनियों को देने की कवायद शुरू कर दी है। रेलवे ने अपने दो ट्रेनों के संचालन को प्राइवेट सेक्टर को सौंपने के लिए अपने 100 दिवसीय एजेंडे को आगे बढ़ा दिया है। दिल्ली-लखनऊ तेजस एक्सप्रेस प्राइवेट कंपनी द्वारा चलाई जाने वाली देश की पहली ट्रेन होगी। रेल कर्मचारियों के यूनियनों के विरोध के बावजूद रेलवे ने तेजस एक्सप्रेस को निजी क्षेत्र को सौंपने की तैयारी पूरी कर ली है। 

तेजस का शेड्यूल जारी
IRCTC से कहा गया है, वह इसके बारे में प्रस्ताव को 10 जुलाई तक अंतिम रूप दे दे। यह ट्रेन हफ्ते में 6 दिन चलेगी। 200 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से चलने वाली तेजस का शेड्यूल जारी हो चुका है। हालांकि यह ट्रेन कब से चलेगी अभी यह तय नहीं हुआ है। गौरतलब है कि रेलवे ने 100 दिन के एजेंडे को आगे बढ़ाते हुए शुरुआती तौर पर दो प्राइवेट ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। तेजस देश की पहली निजी ट्रेन होगी। रेलवे यूनियन ने ट्रेन संचालन को निजी हाथों में सौंपने का विरोध किया है। रेलवे बोर्ड एक दूसरे रूट की भी तैयारी कर रहा है। यह रूट भी 500 किलोमीटर की दूरी के दायरे में ही होगा। 

दो ट्रेनों के साथ शुरू किया जाएगा प्रयोग
रेलवे बोर्ड के अधिकारी ने बताया, दिल्ली-लखनऊ पहला रूट है जिस पर चलने वाली ट्रेनों का संचालन प्राइवेट ऑपरेटर्स को सौंपा जा रहा है। इस बारे में एक महीने के अंदर फैसला ले लिया जाएगा। IRCTC अभी भी इसके मॉडल पर काम कर रही है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, दो ट्रेनों के साथ यह प्रयोग शुरू किया जाएगा और हमें उम्मीद है अगले 100 दिनों के अंदर हम कम से कम 1 ट्रेन को निजी ऑपरेटर के हाथों में सौंपने में कामयाब होंगे। इन रूट्स को चुनने के दौरान ध्यान रखा गया कि रूट्स पर कम भीड़ हो और जरूरी टूरिस्ट स्पॉट कनेक्ट होते हों। जल्द ही दूसरी ट्रेन को भी चुन लिया जाएगा।

2016 में हुआ था तेजस एक्सप्रेस का ऐलान
बता दें कि दिल्ली-लखनऊ तेजस एक्सप्रेस का ऐलान 2016 में हुआ था लेकिन हाल ही में जारी हुए नए टाइम टेबल में इसे शामिल किया गया था। तेजस एक्सप्रेस फिलहाल उत्तर प्रदेश के आनंदनगर रेलवे स्टेशन में है। ट्रेन संचालन के लिए बोली की प्रक्रिया शुरू होने के बाद इसे निजी कंपनियों को सौंप दिया जाएगा। 

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