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भारत विरोधी एजेंडे के लिए पाकिस्तानी कूटनीति मिशनों का इस्तेमाल कर रही आईएसआई, लंदन नया हब

June 22nd, 2020 23:00 IST
 भारत विरोधी एजेंडे के लिए पाकिस्तानी कूटनीति मिशनों का इस्तेमाल कर रही आईएसआई, लंदन नया हब

हाईलाइट

  • भारत विरोधी एजेंडे के लिए पाकिस्तानी कूटनीति मिशनों का इस्तेमाल कर रही आईएसआई, लंदन नया हब

नई दिल्ली, 22 जून (आईएएनएस)। भारत के खिलाफ घृणास्पद अभियानों को वित्त पोषित करने और उसे बढ़ावा देने के लिए पाकिस्तान अपने कूटनीतिक मिशनों, खासतौर से लंदन में स्थित मिशन का इस्तेमाल कर रहा है। प्रारंभ में पाकिस्तानी सेना में एक सलाहकार के रूप में तैनात रह चुके एक कर्नल रैंक के अधिकारी की भूमिका प्रकाश में आई है। यह जानकारी भारतीय खुफिया एजेंसी की एक रपट से मिली है।

इस कर्नल को ब्रिटेन, जर्मनी, नीदरलैंड और यूरोप के कुछ अन्य देशों से संचालित खालिस्तान समर्थक स्पिंटर समूहों को एकजुट करने की जिम्मेदारी दी गई है।

पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी, इंटर-सर्विसिस इंटेलिजेंस (आईएसआई) के लिए काम कर रहे इस कर्नल की सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) सहित खलिस्तानी समूहों को फंड मुहैया कराने में प्रमुख भूमिका है। एसएफजे का एक कार्यालय लंदन में है।

भारत की आतंकवाद रोधी प्रमुख एजेंसी, एनआईए ने खालिस्तान समर्थक एक आतंकी किंगपिन गुरमीत सिंह बग्गा के जरिए भारतीय क्षेत्र के अंदर ड्रोन के जरिए हथियार गिराने की कई घटनाओं को अंजाम दिलाने में आईएसआई की भूमिका पाई है।

रपटों में कहा गया है कि जर्मनी के हैम्बर्ग स्थित बग्गा का ब्रिटेन और अमेरिका से अपने अभियान चला रहे खालिस्तानी आतंकियों से संबंध है। इसमें एसएफजे का गुरपटवंत सिंह पन्नू भी शामिल है।

यह कर्नल पाकिस्तानी उच्चायोग में तैनात पाकिस्तानी नौसेना के एक वरिष्ठ अधिकारी के अधीन काम करता है, और यह लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग कार्यालय के सामने कई भारत विरोधी प्रदर्शन आयोजित कराने में एक प्रमुख व्यक्ति रहा है।

आईएसआई समर्थित खालिस्तानी समूहों ने मार्च 2019 में लंदन में बुश हाउस के पास भारतीय उच्चायोग के बाहर कई भारतीयों पर हमले किए थे। बाद में पता चला कि एसएफजे ने आईएसआई और पाकिस्तानी उच्चायोग समर्थित ओवरसीज पाकिस्तानी वेलफेयर काउंसिल की मदद से हमला करवाया था।

पन्नू और उसके करीबी सहयोगी लाउंडेस स्क्वे यर पर स्थित पाकिस्तानी उच्चायोग में बार-बार आते रहते हैं।

खुफिया रपटों के अनुसार, इस कार्यालय में पिछले एक साल के दौरान एसएफजे के पदाधिकारियों और कर्नल रैंक के अधिकारी के बीच हुई कई बैठकें भारत विरोधी अभिान रेफ्रेंडम 2020 से संबंधित थीं, जिनका मकसद अमेरिका, कनाडा और यूरोप में मौजूद सिख प्रवासियों का समर्थन हासिल करना था। हालांकि खालिस्तान आंदोलन को फिर भड़काने की आईएसआई की साजिश को दुनिया भर के सिखों का समर्थन नहीं मिल पाया है।

पाकिस्तान द्वारा अपने कूटनीतिक मिशन के दुरुपयोग का यह कोई पहला मामला सामने नहीं आया है। आईएसआई नेपाल, बांग्लादेश और कुछ मध्यपूर्व के देशों में स्थित अपने कूटनीतिक मिशनों का दुरुपयोग नकली भारतीय मुद्रा की तस्करी सहित भारत विरोधी एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए करती रही है।

पिछले साल काठमांडू में नकली भारतीय मुद्रा के एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ हुआ था, जिसमें तीन पाकिस्तानी नागरिक गिरफ्तार किए गए थे। उनके नेपाल स्थित पाकिस्तानी दूतावास से तार जुड़े हुए थे। बांग्लादेश में कुछ वर्ष पहले पाकिस्तानी उच्चायोग की दूसरी सचिव फरीना अरशद के एक आंतकी संगठन के साथ संबंध उजागर होने के बाद उन्हें निष्कासित कर दिया गया था। रपटों में कहा गया था कि आईएसआई के लिए काम कर रहीं अरशद भारत में नकली भारतीय मुद्रा को पहुंचाने में संलिप्त रहे तस्कर गिरोहों को पनाह देने में संलिप्त थीं।

भरतीय खुफिया एजेंसी के सूत्रों ने कहा कि सीमा मुद्दे को लेकर भारत-चीन के बीच बढ़ रहे तनाव के मद्देनजर आईएसआई भारत विरोधी अभियानों को बढ़ावा देने के लिए खालिस्तानी संगठनों की बढ़चढ़ कर मदद कर रही है। आईएसआई ने रेफ्रेंडम 2020 से संबंधित गतिविधियों को मदद पहुंचाने के लिए कराची में एसएफजे के लिए एक कार्यालय भी स्थापित किया है। भारत सरकार ने भारत विरोधी घृणा अभियान और भारत में आतंकी हमलों में संलिप्त लोगों को पनाह देने के लिए एसएफजे को प्रतिबंधित कर दिया है।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।