दैनिक भास्कर हिंदी: Cartosat-2F ने भेजी पहली तस्वीर, नजर आया इंदौर का होल्कर स्टेडियम

January 17th, 2018

डिजिटल डेस्क,दिल्ली। हाल ही में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र  (इसरो) ने 100वां सैटेलाइट कार्टोसैट-2 शृंखला का मौसम उपग्रह और 30 अन्य उपग्रह सफलतापूर्वक लॉन्च किए थे। मगंलवार को इसरो ने अपने उपग्रह के जरिए ली गई पहली तस्वीर जारी की है। उपग्रह ने जो तस्वीर भेजी है उसमें इंदौर का होल्कर स्टेडियम दिखाई दे रहा है।


गौरतलब है कि भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने अंतरिक्ष में अपना 100 उपग्रह भेजा है। जिसे श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से लॉन्च किया है। पिछले साल अगस्त में नाकाम हुई उड़ान के बाद इसरो ने खामियों को दूर कर इस कीर्तिमान को रचा है। मंगलवार को बंगलुरू मुख्यालय वाले इसरो की वेबसाइट ने उपग्रह की ली पहली तस्वीर जारी की। जिसमें इंदौर का होलकर स्टेडियम नजर आ रहा है। 

                      ISRO ने जारी की फोटो
 

बता दें कि इसरो ने साल की शुरुआत में 13 जनवरी को PSLV के जरिए एक साथ 31 उपग्रह को लॉन्च किए थे। जिसमें 31 उपग्रहों में से तीन भारतीय हैं और 28 अन्य छह देशों के थे। इसके अलावा 100 किलोग्राम का माइक्रो और 10 किलोग्राम का नैनो उपग्रह भी शामिल है। कुल 28 अंतर्राष्ट्रीय सह-यात्री उपग्रहों में से 19 अमेरिका, 5 दक्षिण कोरिया और एक-एक कनाडा, फ्रांस, ब्रिटेन और फिनलैंड के थे। सभी सैटेलाइट को लॉन्च करने की व्यवस्था इसरो और उसकी व्यावसायिक शाखा अंतरिक्ष कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने संभाली। 

                     


43 साल पहले पहला उपग्रह प्रक्षेपित हुआ

आपके लिए यह जानना जरूरी है कि इसरो निर्मित पहला उपग्रह आज से करीब 43 साल पहले प्रक्षेपित हुआ था जब भारत अंतरिक्ष तकनीक की दुनिया में एकदम नया खिलाड़ी था। आज भारत अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में अपना लोहा मनवा चुकी है। इसरो एक ही रॉकेट से 104 उपग्रह अंतरिक्ष में भेजकर नया कीर्तिमान भी रच चुका है। हालांकि उस वक्त इसरो के पास ना तो उपग्रह निर्माण का कोई एक्सपीरियंस था और ना ही प्रक्षेपण के लिए कोई रॉकेट। 
 


पहले उपग्रह का नाम था 'आर्यभट्ट'
 

बता दें कि इन उपलब्धियों की नींव 19 अप्रेल 1975 को पड़ी थी। जब भारत ने अपना पहला उपग्रह आर्यभट्ट लांच किया था। इसरो द्वारा बनाए गए इस उपग्रह के लांच ने अंतरिक्ष को जानने और शोध करने की भारतीय ललक को पुख्ता करने में अहम भूमिका निभाई थी। देश की पहली महिला पीएम इंदिरा गांधी ने इस उपग्रह का नाम महान खगोलविद और गणितज्ञ आर्यभट्ट के नाम पर रखा था। जिसे पीनिया में तैयार किया गया था। आर्यभट्ट उन पहले व्यक्तियों में से थे जिन्होंने बीजगणित का प्रयोग किया था। इसके अलावा उन्होंने पाई का सही मान 3.1416 निकाला था।