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जम्मू-कश्मीर : फारूक अब्दुल्ला की 12 करोड़ की संपत्ति जब्त, ईडी ने की जम्मू-कश्मीर क्रिकेट संघ के मनी लॉन्ड्रिंग केस में कार्रवाई

December 20th, 2020 10:18 IST
जम्मू-कश्मीर : फारूक अब्दुल्ला की 12 करोड़ की संपत्ति जब्त, ईडी ने की जम्मू-कश्मीर क्रिकेट संघ के मनी लॉन्ड्रिंग केस में कार्रवाई

हाईलाइट

  • अटैच प्रॉपर्टी की मार्केट वैल्यू 60-70 करोड़
  • उमर अब्दुल्ला बोले- अटैच की गई संपत्तियां पुश्तैनी हैं

डिजिटल डेस्क, जम्मू। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला और अन्य की 11.86 करोड़ रुपए मूल्य की संपत्ति जब्त की है। ईडी अधिकारी ने शनिवार को इसकी जानकारी दी। जानकारी अनुसार जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन (JKCA) से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के सिलसिले में केंद्रीय एजेंसी ने यह कार्रवाई की है।

ईडी ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) द्वारा दर्ज प्राथमिकी के आधार पर मामला दर्ज किया था। सीबीआई ने मामले में JKCA के पदाधिकारियों को आरोपी बनाया है जिनमें महासचिव मोहम्मद सलीम खान और पूर्व कोषाध्यक्ष अहसान अहमद मिर्जा शामिल हैं।

सीबीआई ने साल 2018 में अब्दुल्ला, खान, मिर्जा के अलावा जेकेसीए के पूर्व कोषाध्यक्ष मीर मंजूर गजनफ्फर अली, पूर्व लेखाकार बशीर अहमद मिसगर और गुलजार अहमद बेग के खिलाफ जेकेसीए के कोष में करीब 43.69 करोड़ रुपये की कथित गड़बड़ी करने को लेकर आरोपपत्र दाखिल किया था। यह राशि भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) ने वर्ष 2002 से 2011 के बीच राज्य में क्रिकेट को प्रोत्साहित करने के लिए आवंटित की थी। बता दें मामले में ईडी ने फारूक अब्दुल्ला से कई बार घंटों पूछताछ भी की थी।

अटैच प्रॉपर्टी की मार्केट वैल्यू 60-70 करोड़
जम्मू और श्रीनगर में अब्दुल्ला की संपत्तियां अटैच की गई हैं। इनमें 2 रिहायशी, एक कमर्शियल प्रॉपर्टी और 3 प्लॉट शामिल हैं। इनकी बुक वैल्यू 11.86 करोड़ दिखाई गई है, लेकिन मार्केट वैल्यू 60-70 करोड़ है। मनी लॉन्ड्रिंग केस में ED अब्दुल्ला से कई बार पूछताछ कर चुका है। आखिरी बार अक्टूबर में श्रीनगर में उनसे सवाल-जवाब हुए थे।

उमर अब्दुल्ला बोले- अटैच की गई संपत्तियां पुश्तैनी हैं
फारुख अब्दुल्ला के बेटे उमर अब्दुल्ला ने कहा है कि जो संपत्तियां जब्त की गई हैं वे पुश्तैनी हैं। इसमें के कई 1970 के समय की हैं। फारुख अब्दुल्ला अपने वकीलों के संपर्क में हैं, वे इन वेबुनियाद आरोपों के खिलाफ कोर्ट में लड़ेंगे, जहां हर किसी को न्याय की उम्मीद रहती है। जबकि मीडिया कोर्ट या भाजपा प्रायोजित सोशल मीडिया कोर्ट की बात अलग है।

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