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चार चरणों में होंगे जम्मू-कश्मीर निकाय चुनाव, 20 अक्टूबर को आएंगे नतीजे

September 15th, 2018 18:51 IST
चार चरणों में होंगे जम्मू-कश्मीर निकाय चुनाव, 20 अक्टूबर को आएंगे नतीजे

हाईलाइट

  • जम्मू-कश्मीर में 8, 10, 13, और 16 अक्टूबर को निकाय चुनाव के लिए मतदान होंगे।
  • मतदान का समय सुबह 7 बजे से दोपहर 2 बजे तक रखा गया है।
  • 20 अक्टूबर को चुनाव नतीजे घोषित किए जांएगे।

डिजिटल डेस्क, श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में निकाय चुनावों की तारीखों का ऐलान हो गया है। यहां 8 अक्टूबर से लेकर 16 अक्टूबर तक विभिन्न इलाकों में मतदान किया जाएगा। शनिवार को चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर शालीन काब्रा ने इसका ऐलान किया। काब्रा ने बताया कि निकाय चुनाव चार चरणों में संपन्न कराए जाएंगे। यहां 8, 10, 13, और 16 अक्टूबर को मतदान होंगे। मतदान का समय सुबह 7 बजे से दोपहर 2 बजे तक रखा गया है। वहीं 20 अक्टूबर को चुनाव नतीजे घोषित किए जांएगे।

बता दें कि राज्य की प्रमुख दो पार्टियां PDP और NC पहले ही इन निकाय चुनावों के बहिष्कार का ऐलान कर चुकी हैं। दोनों पार्टियों ने यह फैसला आर्टिकल 35-A पर छिड़ी बहस को लेकर लिया है। दोनों दलों का कहना है कि जब तक केन्द्र सरकार आर्टिकल 35-A पर अपना रूख स्पष्ट नहीं करती है तब तक हम पंचायत और निकाय चुनावों में हिस्सा नहीं लेंगे।

10 सितंबर को PDP चीफ महबूबा मुफ्ती ने अपनी पार्टी की बैठक के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा था , 'हमारी पार्टी राज्य में आर्टिकल 35-A को बरकरार रखने के समर्थन में है और इसके लिए हम अंतिम सांस तक लड़ेंगे। हम जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे को छिनने नहीं देंगे। यह राज्य के हर व्यक्ति के जीवन से जुड़ा मुद्दा है। जब तक केन्द्र इस पर अपना रूख स्पष्ट नहीं करता, तब तक हम आगामी निकाय और पंचायत चुनावों में हिस्सा नहीं लेंगे।'

वहीं नेशनल कॉन्फ्रेंस 4 सितंबर को ही इन चुनावों का बहिष्कार कर चुकी थी। पार्टी अध्यक्ष फारुक अब्दुल्ला ने ऐलान किया था कि केन्द्र इस मुद्दे पर स्पष्ट बयान नहीं देती है तो वे आगामी चुनावों में हिस्सा नहीं लेंगे।

गौरतलब है कि एनजीओ 'वी द सिटिजन' ने जम्मू-कश्मीर राज्य को विशेष अधिकार देने वाले आर्टिकल 35-A की संवैधानिक वैधता को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे रखी है। NGO की इस याचिका पर लगातार सुनवाई भी हो रही है। जम्मू-कश्मीर के दोनों प्रमुख दल नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीडीपी इसे लेकर केन्द्र सरकार का लगातार विरोध कर रहे हैं। इनका आरोप है कि केन्द्र सरकार आर्टिकल 35-A में छेड़छाड़ कर जम्मू-कश्मीर से उसके अधिकार छीनना चाहती है।

क्या है आर्टिकल 35-A
आर्टिकल 35-A के जरिये जम्मू-कश्मीर की सरकार को विशेष अधिकार प्राप्त है कि वहां का स्थायी निवासी कैसे तय होगा और अन्य नागरिकों को क्या-क्या अधिकार दिए जाएंगे। यह आर्टिकल राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद के कार्यकाल में लागू हुआ था। 14 मई 1954 से यह जम्मू-कश्मीर में लागू है। यह आर्टिकल, आर्टिकल 370 का ही एक हिस्सा है। इसकी वजह से कोई भी दूसरे राज्य का नागरिक जम्मू-कश्मीर में न तो संपत्ति खरीद सकता है और न ही वहां का स्थायी नागरिक बनकर रह सकता है।

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।