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आतंकियों ने पुलिसकर्मियों के घर में घुसकर दी धमकी, नौकरी छोड़ दो वरना जान से मार देंगे

August 30th, 2018 16:33 IST
आतंकियों ने पुलिसकर्मियों के घर में घुसकर दी धमकी, नौकरी छोड़ दो वरना जान से मार देंगे

हाईलाइट

  • जम्मू में पुलिसकर्मियों को आतंकवादियों ने दी धमकी।
  • पुलिस की नौकरी छोड़ दो, वरना जान से मार दिए जाओगे।
  • पहले भी धमकी देने के बाद आतंकियों ने पुलिसकर्मियों की हत्या की थी।


डिजिटल डेस्क, श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में स्पेशल ऑफिस ऑफिसर को अगवा कर हत्या के बाद से आतंकियों के हौसले बुलंद होते नजर आ रहे हैं। बीते दिनों पुलवामा में आतंकियों ने स्पेशल पुलिस ऑफिसर को अगवा कर उसे पुलिस की नौकरी छोड़ने के लिए कहा था और ऐसा नहीं करने पर जान से मारने की धमकी भी दी थी। सोमवार को भी आतंकियों ने तीन पुलिस वालों के घर में घुसकर उन पर हमला करने की कोशिश की। दक्षिण कश्मीर के शोपियां जिले में आतंकी पुलिसकर्मियों के घर में घुस आए और उन पर हमला करते हुए नौकरी छोड़ने की धमकी दी। आतंकियों ने कहा कि पुलिस की नौकरी छोड़ दो वरना जान से मार दिए जाओगे।

बीते तीन दिनों में यह तीसरा मौका है, जब आतंकियों ने सूबे की पुलिस समेत सुरक्षा बलों के जवानों पर हमला किया। शनिवार को ही आतंकियों ने पुलवामा के त्राल इलाके से स्पेशल पुलिस ऑफिसर मुदासिर अहमद लोन को अगवा कर लिया था और उनकी पिटाई की थी। आतंकियों ने लोन को भी पुलिस की नौकरी छोड़ने की धमकी देकर छोड़ा था। लोन जम्मू-कश्मीर पुलिस में कुक के तौर पर काम करते थे। रविवार को आतंकियों ने पुलवामा जिले के नैरा में सीआरपीएफ जवान नसीर अहमद की घर पर हत्या कर दी थी। घाटी में पुलिसकर्मियों के अपहरण और हत्या की घटनाओं में तेजी से इजाफा हुआ है, जबकि हथियारों को छीनना आम हो चला है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक इस साल के शुरुआती 6 महीनों में 39 सुरक्षाकर्मी, 17 सैनिक, 20 पुलिसकर्मी और दो सीआरपीएफ जवानों की हत्याएं हो चुकी हैं।

गौरतलब है कि तीन आतंकवादी शुक्रवार शाम को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में त्राल इलाके के चंकतर गांव में एक घर में घुस गए और एसपीओ मुदसिर अहमद लोन को अगवा कर लिया था। मुदसिर अहमद लोन की तैनाती अवंतिपुरा के राशिपुरा में थी। मुदसिर के अपहरण के बाद उनकी मां ने एक वीडियो भी जारी किया था। इसमें वे भावुक होकर आतंकियों से अपने बेटे की जान बचाने की गुहार लगा रही थीं। आतंकियों ने अहमद लोन को अगवा करने के बाद धमकी देकर छोड़ दिया था। जिसके दो दिन बाद ही उसकी हत्या कर दी गई। जम्मू-कश्मीर में अब तक पांच जवानों को आतंकवादी अगवा कर हत्या कर चुके हैं। हाल ही में कुलगाम से एक पुलिसकर्मी सलीम शाह को अगवा कर लिया गया था बाद में उनकी हत्या कर दी गई। इससे पहले 14 जून को आतंकियों ने सेना के जवान औरंगजेब की अपहरण कर हत्या कर दी थी। उनका शव पुलवामा के गुस्सु गांव में मिला था। औरंगजेब जम्मू-कश्मीर की लाइट इन्फेंट्री का हिस्सा थे, जो 44 राष्ट्रीय रायफल्स के साथ काम कर रही थी। औरंगजेब शोपियां में 44 RR की कोर टीम का हिस्सा थे। वे उस टीम का भी हिस्सा थे जिसने जैश के सरगना मसूद अजहर के भतीजे को मारा था। 

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। टोक्यो ओलंपिक का काउंटडाउन शुरु हो चुका हैं। 23 जुलाई से शुरु होने जा रहे एथलेटिक्स त्यौहार में भारतीय दल इस बार 120 खिलाड़ियों के साथ 18 खेलों में दावेदारी पेश करेगा। बता दें 81 खिलाड़ियों के लिए यह पहला ओलंपिक होगा। 120 सदस्यों के इस दल में मात्र दो ही खिलाड़ी ओलंपिक पदक विजेता हैं। पी.वी सिंधू ने 2016 रियो ओलंपिक में सिल्वर तो वहीं मैराकॉम ने 2012 लंदन ओलंपिक में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया था।

भारत पहली बार फेंनसिग में चुनौता पेश करेगा। चेन्नई की भवानी देवी पदक की दावेदारी पेश करेंगी। भारत 20 साल के बाद घुड़सवारी में वापसी कर रहा है, बेंगलुरु के फवाद मिर्जा तीसरे ऐसे घुड़सवार हैं जो ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। 

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युवा कंधो पर दारोमदार

टोक्यो ओलंपिक में भाग लेने जा रहे भारतीय दल में अधिकतर खिलाड़ी युवा हैं। 120 खिलाड़ियों में से 103 खिलाड़ी 30 से भी कम आयु के हैं। मात्र 17 खिलाड़ी ही 30 से ज्यादा उम्र के होंगे। 

भारतीय दल में 18-25 के बीच 55, 26-30 के बीच 48, 31-35 के बीच 10 तो वहीं 35+ उम्र के 7 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। इस लिस्ट में सबसे युवा 18 साल के दिव्यांश सिंह पंवार हैं, जो शूटिंग में चुनौता पेश करेंगे, तो वहीं सबसे उम्रदराज 45 साल के मेराज अहमद खान होंगे जो शूटिंग में ही पदक के लिए भी दावेदार हैं।