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राहुल गांधी को J&K प्रशासन की हिदायत, कश्मीर आने की जरूरत नहीं


हाईलाइट

  • प्रशासन ने ट्वीट कर दी स्थिति की जानकारी
  • नेताओं से स्थिति समझने की अपील की
  • राहुल गांधी और 9 विपक्षी नेता जाने वाले हैं कश्मीर

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के शनिवार को जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर जाने की खबरों के बीच राज्य के प्रशानस का बयान आया है। प्रशासन ने ट्वीट किया है कि विपक्षी नेता सहयोग करें और कश्मीर न आएं। नेताओं के दौरे से असुविधा हो सकती है, प्रशासन ने कहा है कि नेता उन प्रतिबंधों का उल्लंघन करेंगे, जो राज्य के कई क्षेत्रों में अभी लागू है। नेताओं को स्थिति समझते हुए शांति व्यवस्था बनाने में मदद करनी चाहिए।

दरअसल, पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी शनिवार को जम्मू कश्मीर की राजधानी श्रीनगर पहुंचने वाले हैं, उनके साथ विपक्षी दल के 9 नेता भी रहेंगे। राहुल गांधी जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने के बाद पहली बार जम्मू-कश्मीर जा रहे हैं, उनके साथ जाने वाले नेता हालात का जायजा लेंगे और स्थानीय लोगों से भी मुलाकात करेंगे।

राहुल के साथ जाने वाले सभी नेता कश्मीर के नेताओं और स्थानीय लोगों से भी मुलाकात करेंगे। बता दें कि जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने राहुल गांधी को जम्मू-कश्मीर आने का न्यौता दिया था, इसके बाद राहुल शनिवार को श्रीनगर जाने वाले हैं।

इससे पहले राहुल गांधी ने राज्यपाल सत्यपाल मलिक के कश्मीर बुलावे का जवाब दिया था, उन्होंने कहा था कि विपक्षी नेताओं के दल को जम्मू-कश्मीर जाने की इजाजत दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा था कि वहां के स्थानीय लोगों से नेताओं को मिलने दिया जाना चाहिए, राहुल ने राज्यपाल को संबोधित करते हुए कहा था कि विपक्षी नेता जम्मू-कश्मीर और लद्दाख आने का निमंत्रण स्वीकार करना चाहते हैं।  

दो बार वापस लौट चुके हैं गुलाम नबी
इससे पहले जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने सांसद और कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा था, उन्होंने कहा था कि कश्मीर के हालातों पर राहुल झूठ बोल रहे हैं। इससे पहले धारा 370 हटाए जाने के बाद कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद जम्मू-कश्मीर जा चुके हैं, लेकिन उन्हें एक बार श्रीनगर एयरपोर्ट तो दूसरी बार जम्मू एयरपोर्ट से दिल्ली लौटा दिया गया।

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।