दैनिक भास्कर हिंदी: कमल हासन बोले, तमिलनाडु के कई मुद्दों पर खामोश ही रहे हैं रजनीकांत

March 13th, 2018

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दक्षिण भारतीय फिल्मों के सुपरस्टार से नेता बने कमल हासन ने अपने साथी कलाकार रजनीकांत को लेकर बड़ी बयान दिया है। कमल हासन का कहना है कि सुपरस्टार रजनीकांत सिर्फ कावेरी जल विवाद पर ही नहीं, बल्कि कई मुद्दों पर चुप रहे हैं। उन्होंने कहा, 'सिर्फ एक मुद्दे पर हमें बात नहीं करनी चाहिए। बता दें कि पिछले महीने ही कमल हासन ने अपनी पार्टी लॉन्च की थी, जिसका नाम है मक्कल नीधि मय्यम यानी 'जनता न्याय केंद्र' है।

 

रजनीकांत की जमकर आलोचना

बता दें कि जल्द ही रजनीकांत भी नई राजनीतिक पार्टी बनाने वाले हैं। पिछले दिनों ही सुप्रीम कोर्ट ने कावेरी जल विवाद को लेकर फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु को पानी कम देने का फैसला सुनाया था। इसके बाद इस मुद्दे पर फिल्म जगत ने एक विरोध प्रदर्शन आयोजित किया, जिसमें रजनीकांत शामिल नहीं हुए। लिहाजा रजनीकांत की जमकर आलोचना हुई। रजनीकांत ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर नाराजगी जताते हुए कहा था सरकार को सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पिटीशन देना चाहिए। 

  

रजनीकांत बोले "तमिल राजनीति को अब मैं संभालूंगा"


रजनीकांत ने राजनीति में कदम रखते हुए कहा था, ''मुझे आपसे रेड कार्पेट की उम्मीद नहीं है, लेकिन मेरे लिए आप बाधाएं भी खड़ी मत किजिए। तमिलनाडु में अच्छे नेतृत्व और अच्छी सरकार की जगह खाली है। इससे पहले जयललिता और करुणानिधि थे। मगर अब जयललिता नहीं रहीं और करुणानिधि बीमार हैं। तमिल राजनीति को अब मैं संभालूंगा।''

 

कई मुद्दों पर मुखर हुए हासन

दूसरी तरफ हासन, कावेरी सहित कई मुद्दों पर काफी मुखर रहे हैं, उनकी पार्टी 'मक्कल नीधि मय्यम लोगों से समाज में लगातार बदलाव लाने की अपील कर रहे हैं। जब कमल हासन ने अपनी पार्टी लॉन्च की थी, उस वक्त रजनीकांत ने उनकी खूब तारीफ की थी। उन्होंने कहा था कि हासन एक सक्षम अभिनेता हैं और लोगों का विश्वास जीतने में सफल होंगे। कमल हासन के राजनीतिक पार्टी बनाने पर रजनीकांत ने कहा था कि वे दोनों अलग-अलग रास्ते अख्तियार करेंगे, लेकिन उनकी मंजिल सिर्फ लोक कल्याण होगी। 

  

गौरतलब है कि कावेरी जल विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु को काम पानी देने का फैसला सुनाया था, जिसको लेकर फिल्म जगत ने एक विरोध प्रदर्शन में रजनीकांत नदारद रहे थे। जिसको लेकर रजनीकांत को बड़ी आलोचना का शिकार होना पड़ा था।