comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

कमल नाथ ने कोयला मंत्री का आभार माना, शिवराज पर तंज कसा

June 08th, 2020 12:16 IST
 कमल नाथ ने कोयला मंत्री का आभार माना, शिवराज पर तंज कसा

हाईलाइट

  • कमल नाथ ने कोयला मंत्री का आभार माना, शिवराज पर तंज कसा

भोपाल, 7 जून (आईएएनएस)। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने छिंदवाड़ा में दो भूमिगत कोयला खदानों का ई-ओपनिंग के माध्यम से शुभारंभ होने पर कोयला मंत्री प्रहलाद जोशी के प्रति आभार जताया है, साथ ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर झूठा श्रेय लेने का आरोप लगाते हुए तंज भी कसा है। कमल नाथ छिंदवाड़ा से विधायक हैं और उनके पुत्र नकुल नाथ सांसद हैं।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को छिंदवाड़ा की दो भूमिगत कोयला खदानों का ऑनलाइन बटन दबाकर शुभारंभ किया था। कमल नाथ ने रविवार को एक बयान जारी कर कहा कि इस शुभारम्भ कार्यक्रम के बाद बड़ा ही आश्चर्य हुआ, जब शिवराज सिंह चौहान को इन खदानों का झूठा श्रेय लेने की कोशिश करते हुए देखा।

कमल नाथ ने खदान शुरू करने की प्रक्रिया में लगने वाले समय का जिक्र करते हुए कहा, किसी भी खदान को प्रारंभ करने को लेकर वषों की एक बड़ी लंबी प्रक्रिया होती है, इसको लेकर कठिन प्रयास करने पड़ते हैं। इसको वषरें से मेरे द्वारा ठोस प्रयास कर, क्षेत्र के विकास के लिए कड़ी तपस्या के रूप में अमलीजामा पहनाया गया है। शिवराज सिंह का इसमें तनिक भी योगदान नहीं है, उन्हें तो इसकी प्रक्रिया का भी पता नहीं होगा और न किस-किस नियम के तहत कोयला खदान खुलती है, उसका भी ज्ञान होगा।

कमल नाथ ने छिंदवाड़ा के विकास के लिए शुरुआती वषरें में किए गए प्रयासों का जिक्र करते हुए कहा, वर्ष 1980 में जब छिंदवाड़ा का सांसद बना तो एमईसीएल द्वारा पूरे कोयला क्षेत्र में विस्तृत बोरिंग करवाई गई तथा एक कार्ययोजना बनाई गई कि नई खदानें कहां-कहां खुल सकती हैं। छिंदवाड़ा जिले की जिन दो भूमिगत खदानों का शनिवार को शुभारंभ हुआ, उसका शिलान्यास डब्ल्यूसीएल की बोर्ड मीटिंग के पश्चात धनकासा खदान का 22 फरवरी, 2009 को मेरे द्वारा व तत्कालीन केंद्रीय कोयला मंत्री बगदोरिया द्वारा किया गया था, वही दूसरी शारदा खदान का उमा भारती द्वारा किया गया था।

कमलानाथ ने कहा कि केन्द्र की कांग्रेस सरकार के दौरान वन एवं पर्यावरण विभाग द्वारा इसकी मंजूरी प्रदान की गई थी।

उन्होंने दोनों खदानों की मंजूरी में आई अड़चन और उसके समाधान की तारीखों के साथ ब्यौरा देते हुए कहा कि शायद यह सब जानकारी शिवराज सिंह चौहान को नहीं होगी, क्योंकि इन खदानों के प्रयास में उनका कोई योगदान नहीं है। चौहान श्रेय लें उन योजनाओं का, जिनमें उनका प्रयास व योगदान हो। झूठा श्रेय लेने की कोशिश न करें।

कमेंट करें
0N2UR
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।