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Coronavirus: केरल के एक व्यक्ति ने वीडियो कॉल से देखा पिता का अंतिम संस्कार, नहीं मिली आइसोलेशन से बाहर आने की अनुमति

Coronavirus: केरल के एक व्यक्ति ने वीडियो कॉल से देखा पिता का अंतिम संस्कार, नहीं मिली आइसोलेशन से बाहर आने की अनुमति

हाईलाइट

  • कोरोनावायरस के चलते केरल के एक व्यक्ति ने वीडियो कॉल से देखा पिता का अंतिम संस्कार
  • पिता से मिलने कतर से कोच्चि आए थे लिनो एबेल
  • जानलेवा कोरोनावायरस के डर के चलते एबेल को आइसोलेशन में रख दिया गया

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कोरोनावायरस के चलते केरल के एक व्यक्ति लिनो एबेल अपने 70 वर्षीय पिता एबेल औसेफ के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो सकें। पिता की तबियत खराब होने के बाद उनसे मिलने के लिए लिनो एबेल ने कतर से कोच्चि के लिए उड़ान भरी थी। लेकिन कोच्चि के एक अस्पताल में उन्हें जानलेवा कोरोनावायरस के डर के चलते आइसोलेशन में रख दिया गया। इस उनके पिता की मृत्यु हो गई और उन्हें उनके पिता का अंतिम संस्कार अस्पताल के बिस्तर से वीडियो कॉल के माध्यम से देखा। बता दें कि केरल में करीब 5,400 लोगों को आइसोलेशन में रखा गया है।

कोरोनोवायरस के डर से नहीं मिले पिता से
एक फेसबुक पोस्ट में एबेल ने लिखा, 7 मार्च की सुबह उन्हें उनके भाई से पिता के बिस्तर से गिरने की सूचना मिली। उनके पिता को थोडुपुझा में उनके घर से कोट्टायम मेडिकल कॉलेज ले जाया गया था, और उनकी हालत गंभीर थी। लिनो ने कतर में अपनी कंपनी बीग्लोबल प्रोडक्शन से छुट्टी ली और अगली सुबह कोच्चि एयरपोर्ट पर पहुंच गए। तब उनका तापमान सामान्य था और उन्होंने थोडुपुझा पहुंचने पर एक एन 95 मास्क खरीदा। लेकिन उन्होंने कोरोनोवायरस के बारे में बहुत कुछ सुना था। इसलिए उन्होंने किसी को नहीं छुआ और सभी से दूरी बनाए रखी। कोट्टायम मेडिकल कॉलेज में, उन्होंने उनके भाई से बात की और पिता को नहीं देखने का फैसला किया, जो तब वेंटिलेटर सपोर्ट पर थे।

गले में खराश के बाद डॉक्टरों ने आइसोलेशन में भेजा
लीनो ने कहा, 'जब मैं अस्पताल से बाहर आया, तो मुझे गले में खराश महसूस हुई और मैंने अस्पताल के कोरोना सेक्शन में रिपोर्ट करने का फैसला किया। मैं कतर से आया था, इसलिए डॉक्टर ने मुझे आइसोलेशन में जाने का सुझाव दिया।' उस रात उनके पिता को दिल का दौरा पड़ा और उनकी मृत्यु हो गई। एबेल ने अपने पिता के अंतिम दर्शन की अनुमति मांगी, लेकिन इसे अस्वीकार कर दिया गया। उन्होंने लिखा, 'मेरे पास आइसोलेशन में रोने के अलावा कोई विकल्प नहीं था। यह भयानक था कि मैं एक ही अस्पताल में होने के बावजूद अपने पिता की एक झलक भी नहीं पा सकता था।

वीडियो कॉल के माध्यम से देखा अंतिम संस्कार
एबेल ने कहा, 'जब मेरे पिता के शरीर को घर पर श्रद्धांजलि के लिए रखा गया था, मैं अपने पिता को केवल एक वीडियो कॉल के माध्यम से देख सकता था।' एबेल ने कहा कि अगर उन्होंने अस्पताल में अपने गले में खराश की सूचना नहीं दी होती, तो वह उनके पिता के अंतिम संस्कार में शामिल हो सकते थे। लेकिन, उन्होंने तय किया था कि वह इस वायरस को अपने रिश्तेदारों और पड़ोसियों के बीच नहीं फैलने देंगे।

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