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दबाव में झुकी कांग्रेस, हुड्डा को सौंपी विधायक दल की कमान, शैलजा राज्य प्रमुख नियुक्त

दबाव में झुकी कांग्रेस, हुड्डा को सौंपी विधायक दल की कमान, शैलजा राज्य प्रमुख नियुक्त

हाईलाइट

  • कांग्रेस ने राज्यसभा सांसद कुमारी शैलजा को पार्टी का राज्य प्रमुख नियुक्त किया
  • भूपेंद्र सिंह हुड्डा को सीएलपी नेता और चुनाव प्रबंधन समिति का अध्यक्ष बनाया गया है
  • लंबे समय से हुड्डा और उनके समर्थक राज्य प्रमुख को बदलने की मांग कर रहे थे

डिजिटल डेस्क, चंडीगढ़। हरियाणा विधानसभा चुनाव से पहले, कांग्रेस ने बुधवार को राज्यसभा सांसद कुमारी शैलजा को पार्टी का राज्य प्रमुख नियुक्त किया। जबकि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) नेता और चुनाव प्रबंधन समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। बता दें  कि लंबे समय से हुड्डा राज्य प्रमुख को बदलने की मांग कर रहे थे। हुड्डा के दबाव में आखिरकर पार्टी को झुकना पड़ा और ये फैसला लेना पड़ा है। 

शैलजा हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रमुख अशोक तंवर की जगह लेंगी। 2014 में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने तंवर को शीर्ष पद दिया था। हरियाणा मामलों के प्रभारी गुलाम नबी आजाद ने एक प्रेस वार्ता में यह घोषणा की।

शैलजा चार बार सांसद रहा चुकी है। सिरसा से दो बार और अंबाला से दो बार। हालांकि अंबाला निर्वाचन क्षेत्र से इस साल वह लोकसभा चुनाव हार गई। वह चार बार के सिरसा सांसद दलबीर सिंह की बेटी हैं और यूपीए सरकार के दौरान केंद्रीय मंत्री थीं।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और अशोक तवंर के बीच पिछले काफी वक्त से दरार की खबरें आ रही थी। अशोक तवंर को राहुल गांधी का करीबी माना जाता है और हुड्डा समर्थक लगातार अपनी अनदेखी होने का आरोप लगा रहे थे। वह तंवर को पार्टी अध्यक्ष के पद से हटाए जाने की मांग कर रहे थे।

पिछले हफ्ते हुड्डा ने तंवर को हटाकर नया पार्टी अध्यक्ष नियुक्त करने के लिए अंतरिम कांग्रेस प्रेसिडेंट सोनिया गांधी से मुलाकात की थी। इस दौरान गुलाम नबी आजाद भी मौजूद थे।

कुछ दिन पहले हुड्डा ने रोहतक में एक रैली करते हुए पार्टी में बने रहने और छोड़ने को लेकर 30 सदस्यीय एक कमेटी बनाई थी। बाद में, राज्य के प्रत्येक हिस्से को प्रतिनिधित्व देने के लिए सदस्यों की संख्या 100 से अधिक हो गई। हुड्डा ने रोहतक रैली में पार्टी के कश्मीर पर लिए गए स्टैंड का भी विरोध किया था।

मंगलवार को हुई एक बैठक में, पूर्व सीएम के समर्थकों ने हुड्डा पर ही अगला राजनीतिक कदम उठाने का फैसला छोड़ दिया था। हुड्डा गुट के पास 90 सदस्यीय विधानसभा में 17 कांग्रेस विधायकों में से 13 विधायकों का समर्थन है।

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