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भारत में आने वाले तीन महीनों में कोरोना से होगी 10 लाख लोगों की मौत ! यहां पढ़ें Lancet की रिपोर्ट

भारत में आने वाले तीन महीनों में कोरोना से होगी 10 लाख लोगों की मौत ! यहां पढ़ें Lancet की रिपोर्ट

हाईलाइट

  • जून, जुलाई, अगस्त में कोरोना से होगी 10 लाख लोगों की मौत
  • ब्रिटिश मेडिकल मैग्जीन लांसेट ने एक रिपोर्ट में किया बड़ा दावा
  • भारत में होने वाली मौतों के लिए केन्द्र सरकार होगी जिम्मेदार

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली।भारत में अगले तीन माह में 10 लाख लोगों की मौत हो सकती हैं। यह संभवाना ब्रिटिश मेडिकल मैग्जीन लांसेट द्वारा बताई गई है। भारत में आना वाला वक्त कोरोना मरीजों के लिए भयावह होगा। लांसेट की रिपोर्ट के अनुसार भारत की मौजूदा सरकार की लापरवाही की वजह से मरीजों की मौतें हो रही है। 

क्या हैं लांसेट की रिपोर्ट 
भारत में कोरोना के मामले दिन-प्रतिदिन बढ़ते जा रहे हैं, कोरोना को लेकर भारत की स्थिति क्या है ? इस मुद्दे पर ब्रिटिश मेडिकल जर्नल लांसेट में प्रकाशित एक संपादकीय के अनुसार आने वाले तीन महीनों (जून,जुलाई,अगस्त) में भारत में तकरीबन 10 लाख लोगों की मौत हो सकती है। संपादकीय में कहा गया कि अगर परिणाम सही साबित होते है तो इसका सीधा जिम्मेदार भारत सरकार को ठहराया जाएगा। ब्रिटिश मेडिकल जर्नल लांसेट ने इंस्टीट्यूट फॉर हेल्थ मेट्रिक्स एंड इवैल्यूएशन के हवाले से लिखा हैं कि यह एक स्वतंत्र स्वास्थ्य संगठन हैं।उनके अनुसार आने वाले तीन महीनों में साढ़े सात लाख लोगों की मौत हो सकती है। लांसेट की खबर के अनुसार भारत में कोरोना को नियंत्रित करने में भारी कोताही बरती गई है। जिसका परिणाम अभी भारत भुगत रहा है।

मेडिकल जर्नल लांसेट के अहम पहलू
जर्नल लांसेट ने कोरोना के बढ़ते संक्रमण के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। जर्नल ने लिखा है कि भारत सरकार ने सुपरस्प्रेडर इवेंट की चेतावनी को नजरअंदाज करते हुए धार्मिक त्यौहारों में घूमने की अनुमति दी। इन त्यौहारों में पूरे देश से श्राद्धालु पहुंचे। चुनावी रैलियां करवाई गई। जिसमें लाखों की भीड़ शामिल हुई जिसकी कारण कोरोना प्रोटोकॉल की धज्जियां उड़ गई। टीकाकरण धीमा पड़ने की वजह से संक्रमण बुरी तरह से फैल गया। जर्नल में सरकार की जबावदेही पर सवाल उठाए। आगे बताया है कि भारत के स्वास्थ्य मंत्री ने दूसरी लहर के शुरू होने से पहले ही मार्च में वायरस के खत्म होने की घोषणा कर दी थी। जबकि कोरोना ने उसके बाद भारी तबाही मचाई। सरकार ने चेतावनियों को नजरअंदाज किया।

काबू पाने को लेकर सलाह 
लांसेट ने भारत में कोरोना संक्रमण को काबू करने की सलाह देते हुए कहा कि इस अभियान को लॉजिकल बनाए और टीकाकरण के वितरण में जल्दबाजी दिखाए, टीकाकरण अभियान ज्यादा से ज्यादा ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में चलाए जाए। देश के सामने सही आंकड़े प्रकाशित करे ताकि जनता इस सच्चाई से अवगत हो सके। लॉकडाउन की जरुरत अगर लगती है, जरुर लगाए। Institute for Health Metrics and Evaluation, Washington के मुताबिक अगर भारत के हालात में सुधार नहीं होता है तो आने वाले वक्त में यानि सितंबर 2021 में मरने वाले की कुल संख्या 14 लाख 96 हजार 460 पहुंच जाएगी।

भारत की मौजूदा स्थिति
भारत में अभी मौतों का आंकड़ा कुल दो लाख 42 हजार के पार पहुंच चुका है। देश में लगातार चौथे दिन 4 लाख से ज्यादा केस आए है। केंद्र सरकार ने अभी तक कुल (20 लाख 23 हजार 532 लोगों को वैक्सीन की दोनों डोज लग चुकी है। पिछले एक महीने में भारत को विदेशों से काफ़ी मदद मिल चुकी है। भारत को भेजी जाने वाली इमरजेंसी मेडिकल सप्लाई की रफ्तार में बढ़ोत्तरी हुई है। मई के इस महीने में अब तक अमेरिका और ब्रिटेन ने विमानों में भर कर वेंटिलेटर और ऑक्सीजन पहुंचाया है। 6 मई को दिल्ली के अंतराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर करीबन  25 विमानों में भर कर 300 टन राहत सामग्री पहुंच चुकी थी।
  
 


 

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manish bhatnagar May 11th, 2021 16:19 IST

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।