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ओवरलोड होने से 10 फीट नीचे गिरी अस्पताल की लिफ्ट, बाल-बाल बचे कमलनाथ, पूर्व मंत्री जीतू पटवारी और सज्जन वर्मा

ओवरलोड होने से 10 फीट नीचे गिरी अस्पताल की लिफ्ट, बाल-बाल बचे कमलनाथ, पूर्व मंत्री जीतू पटवारी और सज्जन वर्मा

हाईलाइट

  • कांग्रेस नेता रामेश्वर पटेल का स्वास्थ्य जानने पहुंचे थे अस्पताल
  • लिफ्ट की क्षमता 15 लोगों की थी, जबकि उसमें 20 लोग सवार हो गए

डिजिटल डेस्क, इंदौर। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमल नाथ रविवार को इंदौर में बाल-बाल बच गए। वे जिस लिफ्ट में थे वह गिर गई। कमल नाथ इंदौर के डीएनएस अस्पताल में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रामेश्वर पटेल का हाल जानने गए थे। उनके साथ पूर्व मंत्री जीतू पटवारी और सज्जन वर्मा भी साथ थे। हादसा लिफ्ट के ओवरलोड होने की वजह से हुआ। लिफ्ट की क्षमता 15 लोगों की थी, जबकि उसमें 20 लोग सवार हो गए।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमल नाथ के मीडिया समन्वयक नरेंद्र सलूजा ने बताया, पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ के इंदौर के डीएनएस अस्पताल में वरिष्ठ कांग्रेस नेता रामेश्वर पटेल को देखने जाते के समय लिफ्ट के गिर गई। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ जी व उनके साथ कांग्रेस के अन्य नेता लिफ्ट में ऊपर जाने के लिए सवार हुए, तभी लिफ्ट अचानक धड़ाम से 10 फीट नीचे गिर पड़ी और लिफ्ट में धूल और धुएं का गुबार भरा गया। लिफ्ट के दरवाजे लॉक हो गए और करीब 10 से 15 मिनट बाद बमुश्किल औजार ढूंढ कर लिफ्ट का लॉक खोला गया।

सलूजा के अनुसार इस अस्पताल का अभी हाल ही में निर्माण हुआ है। कमलनाथ सहित सभी नेता सुरक्षित हैं, लेकिन यह सुरक्षा में बड़ी चूक व लापरवाही है। इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई होना चाहिए, अस्पताल प्रबंधन पर भी इस मामले में कड़ी कार्रवाई होना चाहिए। 

ये भी थे लिफ्ट में 
बताया गया है कि कमलनाथ के साथ इस हादसे के दौरान लिफ्ट में पूर्व मंत्री सज्जन वर्मा, पूर्व मंत्री जीतू पटवारी, विधायक विशाल पटेल, शहर कांग्रेस अध्यक्ष विनय बाकलीवाल व उनके सुरक्षा कर्मी सवार थे।

कमलनाथ ने किया ट्वीट
वहीं पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने ट्वीट कर कहा कि हनुमान जी की कृपा सदा से रही है..जय हनुमान।

इंजीनियर को बुलाकर कमलनाथ को बाहर निकाला
हादसे के बाद अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। लिफ्ट के इंजीनियर को बुलाया गया। काफी मशक्कत के बाद सभी नेताओं को सुरक्षित बाहर निकाला जा सका। इसी दौरान घबराहट होने से कमलनाथ की तबीयत खराब हो गई। अस्पताल में ही उनकी जांच की गई। इसके बाद वे वहां से रवाना हो गए।

घटना की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश
घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कलेक्टर मनीष सिंह को मामले की जांच के आदेश दिए। कलेक्टर ने ADM मुख्यालय हिमांशु चंद्र को इस घटना की मजिस्ट्रियल जांच करने को कहा है। कुछ दिन पहले CM शिवराज सिंह चौहान भी मंत्रालय की लिफ्ट में फंस गए थे। तब दो लोगों को सस्पेंड किया गया था।

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कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।