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Lockdown Effect : महंगी दारू खरीदने से पीछे नहीं हट रहे लोग, लेकिन इससे टूटी शराब कंपनियों की कमर!


हाईलाइट

  • दिल्ली सरकार शराब पर वसूल रही 70% कोरोना टैक्स
  • शराब कंपनियों के शेयर में भारी गिरावट

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। लॉकडाउन का तीसरा चरण सोमवार से शुरू हुआ है। दिल्ली समेत कई राज्यों में शराब की दुकानें खुल गई है। करीब 40 दिन बाद दुकान खुलने पर शराब खरीदने वालों की भीड़ देखी गई। इस बीच कुछ राज्यों में शराब पर अतिरिक्त टैक्स लगा दिया। इस फैसले का असर शराब कंपनियों पर देखने को मिल रहा है। अतिरिक्त टैक्स लगाने के बाद यूनाइटेड स्प्रिरिट्स और रैडिको खेतान सहित कई शराब कंपनियों के शेयर गिर गए।

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महंगी शराब का ग्राहकों पर नहीं असर
मैजिक मोमेंट्स और रामपुर इंडियन सिंगल मॉल्ट व्हिस्की बनाने वाली कंपनी रैडिको खेतान के शेयर मंगलवार को सात फीसदी से ज्यादा टूटकर 293.55 रुपए पर बंद हुए।  यूनाइटेड स्प्रिरिट्स का शेयर करीब 9 फीसदी टूटकर 493.70 रुपए पर बंद हुआ। वहीं शराब महंगी होने से पीने वालों को कोई असर नहीं हो रहा। लोग सुबह से शराब खरीदने के लिए घंटो लाइन में खड़े हो रहे हैं। 

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शराब विक्रेताओं ने मांगी होम डिलीवरी की अनुमति
वहीं कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन अल्कोहल ब्रेवेरजी कंपनी ने दिल्ली सरकार से शराब की होम डिलीवरी करने की अनुमति मांगी है। सीआईएबीसी के महानिदेशक विनोद गिरि ने कहा कि होम डिलीवरी सबसे सुरक्षित तरीके हैं। इससे सोशल डिस्टेंसिंग का पालन भी होगा। उन्होंने सरकार को टोकन सिस्टम का भी सुझाव दिया। इसमें व्यक्ति ऑनलाइन शराब बुक कर दिए गए समय पर दुकान से शराब खरीद सकता है। 

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