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कोरोना संकट पर बोले मोदी: भारत ने लॉकडाउन को पीछे छोड़ा, निश्चित तौर पर हासिल करेंगे विकास


हाईलाइट

  • पीएम मोदी ने CII के सालाना सत्र को किया संबोधित
  • कहा- भारत में लॉकडाउन का व्यापक प्रभाव रहा
  • संकट में भी भारत ने 150 से अधिक देशों की मदद की

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सीआईआई के सालाना सत्र को संबोधित किया। कोरोना संकट का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा, ये इंसान की सबसे बड़ी ताकत होती है कि वो हर मुश्किल से बाहर निकलने का रास्ता बना ही लेता है। आज भी हमें एक तरफ इस महामारी से लड़ने के लिए सख्त कदम उठाने हैं वहीं दूसरी तरफ अर्थव्यवस्था (Economy) का भी ध्यान रखना है। एक तरफ देशवासियों का जीवन बचाना है तो दूसरी तरफ देश की अर्थव्यवस्था को भी गति देना है।

अर्थव्यवस्था को ट्रैक पर लौटाना सरकार की पहली प्राथमिकता
पीएम ने कहा, हम निश्चित तौर पर अपना विकास हासिल करेंगे और अर्थव्यवस्था को ट्रैक पर लौटाना सरकार की पहली प्राथमिकता है। देश लॉकडाउन के दौर से निकल चुका है। अब अर्थव्यवस्था के खुलने का समय आ गया है। कोरोना संकट में जब किसी देश के लिए दूसरे की मदद करना मुश्किल हो रहा था। हर कोई अपने को संभालने में लगा था ऐसे समय में भारत ने 150 से अधिक देशों को मेडिकल सप्लाई भेजकर उनके लिए मानवीय मदद का काम किया है। 

संक्रमण को रोकने में लॉकडाउन का व्यापक प्रभाव
पीएम मोदी ने कहा, कोरोना ने हमारी स्पीड जितनी भी धीमी की हो लेकिन आज देश की सबसे बड़ी सच्चाई यही है कि भारत, लॉकडाउन को पीछे छोड़कर अनलॉक के पहले चरण में प्रवेश कर चुका है। इसमें इकोनॉमी का बहुत बड़ा हिस्सा खुल चुका है। हम जरूर अपनी ग्रोथ वापस पाएंगे। आज ये सब हम इसलिए कर पा रहे हैं, क्योंकि जब दुनिया में कोरोना वायरस पैर फैला रहा था, तो भारत ने सही समय पर, सही तरीके से सही कदम उठाए। दुनिया के तमाम देशों से तुलना करें तो आज हमें पता चलता है कि भारत में लॉकडाउन का कितना व्यापक प्रभाव रहा है।

कार्यक्रम में कोरोना संकट के दौर का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा... 

- प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना ने गरीबों को तुरंत लाभ देने में बहुत मदद की है। इस योजना के तहत 74 करोड़ लाभार्थियों के घर तक राशन पहुंचाया जा चुका है। प्रवासी श्रमिको के लिए भी फ्री राशन पहुंचाया जा रहा है। अभी तक गरीब परिवारों को 53,000 करोड़ रुपए से ज्यादा की आर्थिक सहायता दी जा चुकी है। महिलाएं, दिव्यांग, बुजुर्ग, श्रमिक हर किसी को इससे लाभ मिला है।

- प्राइवेट सेक्टर के 50 लाख कर्मचारियों के खाते में 24% EPF का योगदान सरकार ने दिया है। इनके खाते में करीब 800 करोड़ रुपए जमा करवाए गए हैं।

- सरकार आज ऐसे पॉलिसी रिफॉर्म कर रही है जिनकी देश ने उम्मीद भी छोड़ दी थी। अगर कृषि क्षेत्र की बात की जाए तो हमारे यहां आजादी के बाद जो नियम-कायदे बने, उसमें किसानों को बिचौलियों के हाथों में छोड़ दिया गया था APMC एक्ट में बदलाव के बाद अब किसान जिसे चाहे अपनी फसल बेच सकता है।

- भारत को फिर से तेज विकास के पथ पर लाने के लिए, आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिए इरादा, समावेश, निवेश, इंफ्रास्ट्रक्चर और नवीनता ये 5 चीजें बहुत जरूरी हैं। हाल में जो बड़े फैसले लिए गए हैं, उसमें भी इन सभी की झलक देखने को मिल जाएगी।

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