दैनिक भास्कर हिंदी: महाराष्ट्र: पालघर में साधुओं की लिंचिंग मामले की जांच CID करेगा, सीएम ठाकरे ने लिया फैसला

April 20th, 2020

हाईलाइट

  • पालघर में ग्रामीणों ने 3 लोगों को चोर समझकर पीट-पीटकर मार डाला
  • अंतिम संस्कार में शामिल होने मुंबई से सूरत जा रहे थे तीनों
  • पुलिस ने मामले में 110 लोगों को गिरफ्तार किया है

डिजिडल डेस्क, मुंबई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने सोमवार को पालघर मॉब लिंचिंग मामले की जांच आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) को सौंप दी। ठाकरे ने राज्य के नाम अपने संबोधन में कहा कि अब तक पांच मुख्य आरोपी और 9 नाबालिगों सहित 100 अन्य सह-आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। सीएम ठाकरे ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस मामले को लेकर बात की थी।

जूना अखाड़े के दो संतों और ड्राइवर की मॉब लिंचिंग पर पूरे देश में गुस्सा देखने को मिल रहा है। इस घटना के बाद ट्विटर पर #Shame ट्रेंड करने लगा। इस बीच अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद् ने महाराष्ट्र सरकार को चेतावनी दी है। अखाड़ा परिषद के अध्य्क्ष नरेंद्र गिरी महाराज ने कहा कि अगर जिम्मेदार लोगों पर एक्शन नहीं होता है तो लॉकडाउन के बाद नागा साधु महाराष्ट्र कूच करेंगे। उन्होंने कहा कि साधुओं की मौत पर मुझे आश्चर्य है। यह मनुष्य नहीं कर सकता, राक्षस लोग ही ऐसा कर सकते हैं।

ये घटना 16 अप्रैल की है जब पालघर में ग्रामीणों ने तीन लोगों को चोर समझकर पीट-पीटकर मार डाला। ये लोग मुंबई के कांदिवली से गुजरात के सूरत अंतिम संस्कार में  शामिल होने जा रहे थे। मृतकों की पहचान 35 वर्षीय सुशीलगिरी महाराज, 70 वर्षीय चिकणे महाराज कल्पवृक्षगिरी और 30 वर्षीय निलेश तेलगड़े के रूप में हुई है। निलेश उनका ड्राइवर था। पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर 110 लोगों को गिरफ्तार किया है।

सोशल मीडिया पर लोग जाहिर कर रहे गुस्सा
ट्विटर पर लोग अब इस वीडियो को शेयर कर अपना गुस्सा जाहिर कर रहे हैं। इंडियन फिल्मेकर अशोक पंडित ने भी इसका वीडियो शेयर किया है और सवाल खड़े किए हैं। बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने ट्वीट किया, 'महाराष्ट्र के पालघर में 2 संत और उनके ड्राइवर को बड़े ही बेरहमी से लिंचिंग कर मौत के घाट उतार दिया गया। ये घटना गुरुवार की है। आज तक सारे लिबरल्स पूरी तरह से ख़ामोश हैं। कोई लोकतंत्र या संविधान की दुहाई नहीं दे रहा। देंगे भी क्यों ..ये तो संतो की मृत्यु हुई है, कौन पूछता है संतो को??'

आम आदमी पार्टी के पूर्व नेता और कवि कुमार विश्वास ने ट्वीट किया, 'महाराष्ट्र शासन के माथे पर कलंक है पालघर की लोमहर्षक घटना! छत्रपति महाराज शिवाजी की धरा पर मित्रता-शत्रुता से उपर उठ चुके साधुओं को अगर उन्मादी जाहिल भीड़ घेर कर मार दें तो यह उस ऐतिहासिक परम्परा पर धब्बा है जिसमें शत्रुपक्ष की महिलाओं तक को आदर दिया जाता है। भीषण दंड मिले।'

बॉलीवुड एक्टर फरहान अख्तर ने लिखा, 'इस हिंसा की कड़ी निंदा करता हूं, जिसने पालघर में 3 लोगों की जान ले ली। उपद्रवी भीड़ की समाज में कोई जगह नहीं होनी चाहिए और मुझे आशा है कि हत्यारों को गिरफ्तार कर लिया गया है और न्याय भी जल्द से जल्द दिया जाएगा।

अभिनेता जीशान अय्यूब (Zeeshan Ayyub) ने घटना पर दुख जताते हुए ट्वीट किया, 'पालघर लिंचिंग के बाद भी अगर हम ये मान रहे हैं कि हम लोगों में इंसानियत बाकी है तो माफ कीजिए, मैं आपकी इस बात से इत्तेफाक नहीं रखता। इस देश को आप लोगों ने नफरत से जला दिया है। पर घबराइये नहीं, हम आपसे लड़ते रहेंगे, देश को बचाने के लिए।'

गढ़चिंचल गांव के पास वन विभाग ने रोकी गाड़ी
पालघर के जिला कलेक्टर कैलाश शिंदे ने बताया, 'कांदिवली के एक आश्रम में रहने वाले सुशील गिरि महाराज दो अन्य लोगों जयेश और नरेश येलगडे के साथ एक वैन में यात्रा कर रहे थे। इस वैन को उन्होंने सूरत में एक अंतिम संस्कार में शामिल होने जाने के लिए किराए पर लिया था। इनमें से एक शख्स गाड़ी चला रहा था। लॉकडाउन के बावजूद इन लोगों ने मुंबई के कांदिबली से करीब 120 किलोमीटर का सफर तय कर लिया था। महाराष्ट्र और केंद्रशासित प्रदेश दादर और नागर हवेली की सीमा पर गढ़चिंचल गांव के पास उनकी गाड़ी को वन विभाग के संतरी ने रोका।

गांव में थी बच्चा चोर गिरोह के सक्रिय होने की खबर
पिछले कुछ दिनों से इलाके में ये अफवाह थी कि रात में बच्चे को उठाने वाला चोर गिरोह सक्रिय है। इसलिए ग्रामीणों ने निगरानी दल का गठन किया था। रात करीब 10 बजे जब वैन में आए लोग संतरी से बात कर रहे थे तभी वहां गांव का निगरानी दल भी आ पहुंचा और गांड़ी की तलाशी लेने लगा। इस पर दोनों पक्षों में बहस हो गई और बात बढ़ने पर गांव वालों ने उनकी पिटाई शुरू कर दी। वन विभाग के गार्ड ने 35 किलोमीटर दूर कासा थाना को इसकी सूचना दी। जब थाने से चार पुलिसकर्मी वहां पहुंचे तो ग्रामीणों ने पुलिस टीम को भी धमकी दी और उनकी गाड़ी में तोड़-फोड़ शुरू कर दी।

घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
कुछ लोगों ने इस घटना का वीडियो भी बनाया है जिसमें दिख रहा है कि लोग ईंट-पत्थर और लाठी-डंडों और तलवार से तीनों पर हमला बोल रहे हैं। पुलिस ने इन तीनों को बचाने की कोशिश की लेकिन भीड़ के चलते पुलिसकर्मियों को भी पीछे हटना पड़ा।

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