दैनिक भास्कर हिंदी: महाराष्ट्र: सियासी खींचतान के बीच अमित शाह से मिले CM फडणवीस

November 4th, 2019

हाईलाइट

  • मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अमित शाह से की मुलाकात
  • केंद्र से मांगी किसानों के लिए सहायता
  • भारी बारिश के कारण किसानों को हुआ था भारी नुकसान

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री पद को लेकर शिवसेना और भारतीय जनता पार्टी के मध्य चल रही खींचतान अब भी जारी है। इस बीच प्रदेश के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आज (सोमवार) दिल्ली पहुंचकर केंद्रीय गृह मंत्री और भाजपा के दिग्गज नेता अमित शाह से मुलाकात की। सीएम फडणवीस ने केंद्र सरकार से किसानों के लिए सहायता मांगी है। बता दें कि प्रदेश में हाल ही में हुई बेमौसम भारी बारिश के कारण किसानों और मछुआरों को भारी नुकसान झेलना पड़ा था।

 

 

जल्द बनेगी सरकार
महाराष्ट्र की नई सरकार के लिए बन रहे समीकरणों पर पूछे गए सवाल के बाद सीएम फडणवीस ने कहा कि बहुत से लोग नई सरकार के गठन पर बात कर रहे हैं लेकिन मैं किसी को भी कुछ भी कहने के लिए टिप्पणी नहीं करना चाहता। उन्होंने कहा कि मैं बस इतना ही कहना चाहता हूं कि नई सरकार जल्द बनेगी, इसका मुझे भरोसा है।

 

मुख्यमंत्री पद को के लिए शिवसेना और भाजपा की तरफ से लगातार बयानबाजी भी हो रही है। इस बीच शिवसेना के दिग्गज नेता संजय राउत ने रविवार को यह दावा किया था कि शिवसेना को 170 से भी ज्यादा विधायकों का समर्थन मिल रहा है। उन्होंने बताया था कि विधायकों द्वारा पार्टी को दिया जा रहा समर्थन का यह आंकड़ा 175 तक भी पहुंच सकता है।

शिवसेना बनाएगी सरकार !

बता दें कि शिवसेना के पास 56, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के पास 54 और कांग्रेस के पास 44 विधायक हैं। इसके अलावा महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में एक दर्जन से भी ज्यादा निर्दलीय विधायकों ने जीत हासिल की है। ऐसे में यदि शिवसेना निर्दलीय विधायकों समेत इन सभी पार्टियों का समर्थन प्राप्त करती है तो यह आंकड़ा 175 के आस-पास पहुंच सकता है। जिसके बाद शिवसेना अपनी गठबंधन सरकार बनाने में सफल हो सकती है।

शिवसेना अपनी भूमिका स्पष्ट करे : NCP

NCP ने शिवसेना की तरफ से प्रदेश मुख्यमंत्री बनने की संभावना जताई है। NCP नेता नवाब मलिक ने कहा था कि यदि शिवसेना कहती है कि उनकी पार्टी से ही मुख्यमंत्री बनेगा तो यह बिल्कुल संभव है। नवाब ने शिवसेना को अपनी भूमिका स्पष्ठ करने के लिए कहा। उन्होंने बताया कि यदि शिवसेना अपनी भूमिका साफ करती है तो हम भी अपनी भूमिका स्पष्ट कर देंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि फिलहाल महाराष्ट्र की जनता द्वारा NCP को विपक्ष में बैठने के लिए चुना गया है, जिसके लिए हमारी पार्टी पूरी तरह से तैयार है।

सरकार के गठन का आधार आपसी सहमति : शिवसेना

शिवसेना का दावा है कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले शिवसेना और भाजपा के बीच आपसी सहमति से 50-50 फॉर्मूला तय किया गया था। जिसके मुताबिक दोनों पार्टियों को प्रदेश में ढाई-ढाई साल तक अपनी सरकार चलानी थी। शिवसेना का आरोप है कि भाजपा दोनों पार्टियों के बीच हुए इस फैसले से मुकर रही है। शिवसेना नेता संजय राउत ने शनिवार को कहा था कि 'सरकार का गठन पार्टियों के बीच पहले बनी सहमति के आधार पर होना चाहिए। न कि इस आधार पर कि सबसे बड़ा एकल दल कौनसा है।'

वहीं इससे पहले सीएम फडणवीस ने भी बताया था कि 'शिवसेना 5 साल के लिए मुख्यमंत्री पद चाहती है, लेकिन मांगना और प्रैक्टिकल होना दो अलग बातें हैं। मुख्यमंत्री पद को लेकर कभी कोई 50-50 फॉर्मूला तय नहीं हुआ।' बता दें कि प्रदेश में मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल 8 नवंबर को पूरा होने जा रहा है।