दैनिक भास्कर हिंदी: महाराष्ट्र: पंकजा बोलीं- मैं पार्टी नहीं छोड़ूंगी भाजपा चाहे तो निकाल दें, खड़से ने पार्टी छोड़ने के संकेत दिए

December 12th, 2019

हाईलाइट

  • लोग मेरे साथ हैं। मैंने संघर्ष यात्रा निकाली और मेरे साथ लोग खड़े रहे- पंकजा
  • पार्टी में लोग नाराज हैं, हम उनको मनाएंगे- चंद्रकांत पाटिल
  • राज्य में पार्टी के शीर्ष पदों पर बैठे पार्टी के नेता अच्छे नहीं हैं- खड़से

डिजिटल डेस्क, मुंबई। अपनी ही पार्टी की उपेक्षा से नाराज चल रहीं भारतीय जनता पार्टी की पूर्व मंत्री पंकजा मुंडे ने भूख हड़ताल का ऐलान किया है। इस दौरान उन्होंने साफ किया कि यह किसी भी पार्टी या व्यक्ति के खिलाफ नहीं होगा। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि वे कभी भी पार्टी नहीं छोड़ेंगी, भाजपा चाहे तो उन्हें निकाल दें। पंकजा ने कहा कि मराठवाड़ा के मुद्दे पर नेतृत्व का ध्यान आकर्षित करने के लिए वह 27 जनवरी को एक दिन की यह सांकेतिक भूख हड़ताल होंगी। 

 

 

बीड जिले में स्वर्गीय गोपीनाथ मुंडे की जयंती पर उनकी बेटी पंकजा मुंडे ने रैली का आयोजन किया है। विधानसभा चुनाव में हार के बाद पंकजा ने बीजेपी के नेताओं के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। उनका साथ एकनाथ खड़से भी दे रहे हैं।

विधानसभा चुनाव में हार के बाद पंकजा मुंडे ने बीजेपी के नेताओं के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। माना जा रहा है कि पंकजा मुंडे जल्द ही बड़ा ऐलान कर सकती हैं। एकनाथ खड़से के भाषण के बाद पंकजा मुंडे ने मंच से कहा कि जब चंद्रकांत पाटिल बोलेंगे तो कोई हूटिंग नहीं करेगा। बता दें कि इससे पहले गुरुवार को पंकजा मुंडे ने पार्टी नेताओं पर सनसनीखेज आरोप लगाए। पंकजा ने कहा है कि कुछ लोग चाहते हैं कि मैं पार्टी छोड़ दूं, इसलिए जानबूझ कर इस तरह की खबर उड़ा रहे हैं। मैं पार्टी से बिल्कुल नाराज नहीं हूं। एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में पंकजा ने कहा कि पार्टी में किसी बड़े पद के लिए भी मेरी किसी नेता से कोई बातचीत नहीं चल रही है।

पंकजा मुंडे ने कहा कि वह अपने पिता गोपीनाथ मुंडे के नाम पर बने संगठन के लिए काम करती रहेंगी। वहीं, पंकजा ने पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य में पार्टी की हार के लिए पूरी जिम्मेदारी वे लें। जिन नेताओं का चुनाव में टिकट काटा गया, वह केंद्र से नहीं, बल्कि राज्य स्तर पर काटा गया।

देवेंद्र फडणवीस के करीबी और महाराष्ट्र बीजेपी अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल भी गोपीनाथ मुंडे की जयंती के वक्त स्टेज पर मौजूद रहे। इस दौरान एकनाथ ने चंद्रकांत पाटिल के सामने ही देवेंद्र फडणवीस को कोसा और बताया कि पार्टी में नेता घुटन महसूस कर रहे हैं। एकनाथ खड़से के भाषण के बाद पंकजा मुंडे सीट से उठीं और लोगों से आग्रह किया कि जब चंद्रकांत पाटिल बोलेंगे तो कोई हूटिंग नहीं करेगा। वो जो बोलेंगे उन्हें सुनना है।

बता दें कि पंकजा मुंडे मराठावाड़ा की परली सीट पर अपने चचेरे भाई धनंजय मुंडे से हाल ही में विधानसभा का चुनाव हारी हैं। अपनी हार से आहत पंकजा मुंडे ने पिछले दिनों फेसबुक पर एक भावुक पोस्ट भी लिखा था। पंकजा ने यह भी कहा कि उनकी ही सरकार ने ही धनंजय मुंडे को बड़ा करने में मदद की। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में लोगों की जीत से ज्यादा उनकी हार के चर्चे रहे। 

पंकजा ने कहा- मैं किसी को धोखा नहीं देती हूं 

पंकजा ने कहा कि लोग मेरे साथ हैं। मैंने संघर्ष यात्रा निकाली और मेरे साथ लोग खड़े रहे। विधानसभा चुनाव के वक्त मैंने देवेंद्र फडणवीस को मुख्यमंत्री बनाने के लिए चुनाव प्रचार किया। हर विधायक के प्रचार के लिए गई ताकि महाराष्ट्र में सरकार बन सके, लेकिन उन लोगों को लगा कि मैंने धोखा करने वाली हूं। मेरे अंदर गोपीनाथ मुंडे के संस्कार है। मैं किसी को धोखा नहीं देती हूं।

हम नाराज लोगों को मनाएंगेः चंद्रकांत पाटिल

बीजेपी नेता चंद्रकांत पाटिल ने कहा कि पार्टी में लोग नाराज हैं। हम उनको मनाएंगे। एकनाथ खड़से के आरोपों पर महाराष्ट्र बीजेपी अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल बोले कि पंकजा निराश हैं, लेकिन हम उनको मनाएंगे। बीजेपी में हर नेता एक परिवार का हिस्सा है। मैं समझ सकता हूं कि एकनाथ खड़से नाराज हैं, हमने उनकी बेटी को विधानसभा चुनाव में भी टिकट दिया था पर चुनाव के नतीजे हमारे मुताबिक नहीं आए।

खड़से बोले- पंकजा मुंडे इस्तीफा नहीं देंगी

बीड के पराली में आयोजित रैली में बीजेपी नेता एकनाथ खड़से ने कहा कि मैं बताना चाहता हूं कि राज्य में पार्टी के शीर्ष पदों पर बैठे पार्टी के नेता अच्छे नहीं हैं। पंकजा मुंडे को भाजपा के ही नेताओं ने हराया। हालांकि, पंकजा मुंडे इस्तीफा नहीं देंगी, लेकिन मैं अपने बारे में कुछ नहीं कह सकता हूं। पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि आज मैं भाजपा में हूं, लेकिन मुझसे कहा गया है इसलिए मैं पार्टी के खिलाफ नहीं बोलूंगा, लेकिन मैं पार्टी के नेताओं के खिलाफ बोल सकता हूं, जिन्होंने मीठी बातें करके अपनों के ही पीठ में खंजर घोंप दिया।

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