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महाराष्ट्र : जेएनयू हिंसा को लेकर राकांपा-एबीवीपी कार्यकर्ताओं में झड़प

January 06th, 2020 21:30 IST
 महाराष्ट्र : जेएनयू हिंसा को लेकर राकांपा-एबीवीपी कार्यकर्ताओं में झड़प

हाईलाइट

  • महाराष्ट्र : जेएनयू हिंसा को लेकर राकांपा-एबीवीपी कार्यकर्ताओं में झड़प

नासिक/मुंबई, 6 जनवरी (आईएएनएस)। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) व अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं के बीच सोमवार को नासिक में झड़प हो गई, जिससे स्थानीय पुलिस को उन्हें अलग व तितर-बितर करने के लिए बल का इस्तेमाल करना पड़ा।

यह घटना तब हुई, जब बड़ी संख्या में राकांपा के कार्यकर्ता एबीवीपी की नासिक शाखा के बाहर नारेबाजी कर प्रदर्शन करने लगे। राकांपा कार्यकर्ता जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में रविवार को हुई हिंसा के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे।

एबीवीपी, भाजपा की विद्यार्थी शाखा है।

राकांपा कार्यकर्ताओं ने तिरंगा व पार्टी झंडा लिया हुआ था। वे जोरदार नारेबाजी कर भाजपा व एबीवीपी को निशाने पर ले रहे थे और उन्हें जेएनयू परिसर की गुंडागर्दी के लिए जिम्मेदार ठहरा रहे थे, जिसमें करीब 35 छात्र व प्रोफेसर घायल हुए हैं।

नारेबाजी कर जवाब देते हुए एबीवीपी और राकांपा कार्यकर्ता जल्द ही एक दूसरे से धक्का-मुक्की करने लगे और हाथापाई करने लगे, जिससे हालात तनावपूर्ण हो गए।

घटना स्थल पर मौजूद पुलिस ने तत्काल मामले में दखल दिया और उन्हें बलपूर्वक अलग किया और कुछ कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।

उधर, मुंबई में राष्ट्रवादी युवा कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष महबूब शेख के नेतृत्व में संगठन कार्यकर्ताओं ने नारीमन प्वाइंट स्थित भाजपा के प्रदेश कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। उन्होंने जेएनयू हिंसा को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा-एबीवीपी के खिलाफ नारेबाजी की।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।