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मालेगांव ब्लास्ट: साध्वी प्रज्ञा समेत तीन आरोपियों को कोर्ट में पेशी से मिली छूट


हाईलाइट

  • मालेगांव ब्लास्ट केस में साध्वी प्रज्ञा को कोर्ट से राहत
  • प्रज्ञा ठाकुर समेत तीन आरोपियों को कोर्ट ने दी पेशी से छूट
  • भोपाल से बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ रहीं प्रज्ञा सिंह ठाकुर

डिजिटल डेस्क, मुंबई। लोकसभा चुनाव के नतीजों से पहले भोपाल से बीजेपी प्रत्याशी साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को मालेगांव ब्लास्ट मामले में बड़ी राहत मिली है। 2008 मालेगांव विस्फोट मामले के आरोपियों प्रज्ञा सिंह ठाकुर, लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित और सुधाकर चतुर्वेदी को कोर्ट में पेशी से छूट मिल गई है। साध्वी प्रज्ञा ने चुनाव का हवाला दिया था। 

विशेष NIA कोर्ट ने मंजूर की याचिका
मुंबई में एक विशेष अदालत ने मालेगांव विस्फोट मामले के आरोपियों प्रज्ञा सिंह ठाकुर, लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित और सुधाकर चतुर्वेदी को अपने समक्ष पेशी से छूट दी है। विशेष NIA कोर्ट ने सोमवार को मामले की सुनवाई की। इस दौरान तीनों आरोपियों ने अपने वकीलों के माध्यम से कोर्ट के समक्ष पेश होने से छूट मांगी थी। प्रज्ञा और चतुर्वेदी ने कहा, वे लोकसभा चुनाव के आगामी परिणाम की तैयारियों में व्यस्त हैं। चुनाव में दोनों उम्मीदवार हैं। पुरोहित ने निजी मुश्किलों का हवाला दिया। कोर्ट ने तीनों की याचिकाएं मंजूर कर ली हैं।

सप्ताह में एक बार कोर्ट के समक्ष पेश होने का निर्देश था
दरअसल पिछले सप्ताह मामले की सुनवाई कर रही विशेष एनआईए अदालत ने सभी सातों आरोपियों को सप्ताह में एक बार अपने समक्ष पेश होने का निर्देश दिया था। यह भी निर्देश दिया गया था कि ठोस कारणों के बिना मांगी गई छूट का अनुरोध खारिज कर दिया जाएगा। साध्वी प्रज्ञा ने अपनी याचिका में कहा, उम्मीदवार के तौर पर उन्हें निर्वाचन आयोग की कुछ प्रक्रियाएं पूरी करनी होंगी जिसमें 23 मई को उनके निर्वाचन क्षेत्र में मतगणना के लिए अपना एजेंट नामित करना भी शामिल है। उत्तर प्रदेश की मिर्जापुर सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ रहे सुधाकर चतुर्वेदी ने भी यही कारण बताए।

ब्लास्ट के अन्य आरोपी भी जमानत पर रिहा हैं
अदालत फिलहाल मामले में गवाहों के बयान दर्ज कर रही है। इन तीनों के अलावा मामले के अन्य आरोपी मेजर (सेवानिवृत्त) रमेश उपाध्याय, अजर राहिरकर, सुधाकर द्विवेदी और समीर कुलकर्णी हैं। वे सभी जमानत पर रिहा हैं। कोर्ट ने पिछले साल अक्टूबर में सातों आरोपियों के खिलाफ आतंकी गतिविधियों, आपराधिक षड्यंत्र और हत्या एवं अन्य मामले में आरोप तय किए थे। गौरतलब है कि मालेगांव में 29 सितंबर 2008 को एक मस्जिद के पास हुए विस्फोट में 6 लोगों की मौत हो गई थी। 100 से अधिक लोग घायल हुए थे। 

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।