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चिड़ियाघर में शेर के बाड़े में कूदा युवक, वीडियो में देखिए फिर क्या हुआ..

October 17th, 2019 20:15 IST

हाईलाइट

  • दिल्ली के चिड़ियाघर में शेर के बाड़े में एक युवक कूद गया
  • हैरानी की बात यह रही शेर ने युवक पर हमला नहीं किया
  • सुरक्षाकर्मी ने आनन-फानन में बाड़े में कूदकर युवक की जान बचाई

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली के चिड़ियाघर में शेर के बाड़े में एक युवक कूद गया। हैरानी की बात यह रही शेर ने युवक पर हमला नहीं किया। युवक के शेर के बाड़े में कूदने की खबर मिलने के बाद सुरक्षाकर्मी भी आनन-फानन में बाड़े में कूदे और युवक को बाहर निकाला। इसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।

ये घटना सुबह करीब 11 बजे की है। वायरल वीडियो में युवक को शेर के सामने बैठे देखा जा सकता है। पीछे से लोगों के चिल्लाने की आवाज आ रही है जो युवक को बाहर निकलने के लिए कह रहे हैं। कुछ सेकंड के बाद, शेर आदमी को धक्का देता है। हालांकि शेर ने उसे कोई नुकसान नहीं पहुंचाया। चिड़ियाघर के एक अधिकारी ने कहा कि लोगों ने जूकीपर और फॉरेस्ट रेंजर को जानकारी दिए जाने के बाद इस युवक को बचाया गया।

डीसीपी साउथ ईस्ट चिन्मय बिस्वाल ने कहा कि चिड़ियाघर में एक तरफ लोहे की ग्रिल और दूसरी तरफ बांस का बैरियर था। वह आदमी बांस के बैरियर के ऊपर चढ़ गया और बाड़े में कूद गिया। हम उसे पूछताछ के लिए पुलिस स्टेशन लाए हैं। उन्होंने कहा 'युवक का नाम रेहान खान (28) है, जो कि बिहार का रहने वाला है। वह मानसिक रूप से अस्थिर लगता है। वह कई दिनों से दिल्ली के सीलमपुर में रह रहा है।' 

इसी तरह की एक लापरवाही पूर्ण घटना में सितंबर 2014 में दिल्ली के 27 साल के एक युवक को जान से हाथ धोना पड़ गया था। इसी चिड़िया घर में घूमने पहुंचा एक युवक सफेद शेर के सामने जा गिरा। 10 मिनट तक शेर और युवक आमने-सामने डटे रहे, अंतत: शेर ने युवक को मार डाला था। हादसे में जान गंवाने वाले युवक का नाम मकसूद था।

मकसूद दिल्ली के ही आनंद पर्वत इलाके में स्थित एक गत्ता फैक्टरी में नौकरी करता था। वो मूलत: जयपुर (राजस्थान) रहने वाला था। जिन दिनों मकसूद ने शेर के हाथों अपनी जान गंवाई, तब वो दिल्ली के जखीरा इलाके में माता-पिता के साथ रह रहा था।

घटना वाले दिन मकसूद सफेद शेर के पिंजरे में जा गिरा था। उसका पैर फिसल गया था। जब तक सुरक्षाकर्मियों ने मकसूद को शेर के सामने से बचाने के उपाय किए, तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

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कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।