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मन की बात: पीएम मोदी का देश के नाम संदेश, हिंसा नहीं करती किसी भी समस्या का समाधान

मन की बात: पीएम मोदी का देश के नाम संदेश, हिंसा नहीं करती किसी भी समस्या का समाधान

हाईलाइट

  • इस दशक का मन की बात का पहला कार्यक्रम
  • मन की बात में पीएम मोदी ने देशवासियों को गणतंत्र दिवस की बधाई दी

डिजिटल डेस्क, नई ​दिल्ली। 71वें गणतंत्र दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार शाम साल 2020 में पहली बार मन की। इस दौरान पीएम ने कहा कि हम 21वीं सदी में हैं, जो ज्ञान-विज्ञान और लोकतंत्र का युग है। क्या आपने किसी ऐसी जगह के बारे में सुना है जहां हिंसा से जीवन बेहतर हुआ हो? हिंसा, किसी समस्या का समाधान नहीं करती।

पीएम ने देश को ये संदेश दिया:-

  • आज 26 जनवरी है। गणतंत्र पर्व की अनेक-अनेक शुभकामनाएं। 2020 का ये प्रथम ‘मन की बात’ का मिलन है। इस वर्ष का भी यह पहला कार्यक्रम है, इस दशक का भी यह पहला कार्यक्रम है। 
  • दिन बदलते हैं, हफ्ते बदल जाते हैं, महीने भी बदलते हैं, साल बदल जाते हैं, लेकिन भारत के लोगों का उत्साह और हम भी कुछ कम नहीं हैं, हम भी कुछ करके रहेंगे। Can do... ये  Can do का भाव, संकल्प बनता हुआ उभर रहा है।
  • ‘मन की बात’ - शेयरिंग, लर्निंग, और ग्रोइंग टुगेदर का एक अच्छा और सहज प्लेटफार्म बन गया है। हर महीने हजारों की संख्या में लोग, अपने सुझाव, अपने प्रयास, अपने अनुभव शेयर करते हैं। 
  • मैंने नए साल पर मन की बात पर चार्टर बनाया है, जिसमें कई चीजों की लिस्ट बनाई गई है। इस ‘मन की बात चार्टर’ को जब मैं पढ़ रहा था, तब, मुझे भी आश्चर्य हुआ कि इतनी सारी बाते हैं! इतने सारे हैश-टैग्स हैं! और, हम सबने मिलकर ढ़ेर सारे प्रयास भी किए हैं।
  • जब हर भारतवासी एक कदम चलता है तो हमारा भारतवर्ष 130 करोड़ कदम आगे बढ़ाता है। इसलिए चरैवेति, चरैवेति... का मंत्र लिए अपने प्रयास करते रहें।
  • स्वच्छता के बाद जन-भागीदारी की भावना, पार्टीसिपेटिव स्प्रिट आज एक और क्षेत्र में तेजी से बढ़ रही है और वह है 'जन संरक्षण'। जल संरक्षण के लिए कई व्यापक और इन्नोवेटिव प्रयास देश के हर कोने में चल रहे।
  • मैं असम की सरकार और असम के लोगों को खेलो इंडिया की शानदार मेजबानी के लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूं। इस महोत्सव ओए अंदर 80 रिकॉर्ड टूटे जिसमें से 56 रिकॉर्ड तोड़ने का काम हमारी बेटियों ने किया है।
  • अगले महीने 22 फरवरी से 1 मार्च तक ओडिसा के कटक और भुवनेश्वर में पहले खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स आयोजित हो रहे हैं। इसमें भागीदारी के लिए 3 हजारे से ज्यादा खिलाड़ी क्वालीफाई कर चुके हैं।
  • देश के करोड़ों विद्यार्थियों के साथ 'परीक्षा पे चर्चा' कार्यक्रम के अनुभव के बाद मैं विश्वास के साथ कह सकता हूं कि देश का युवा आत्मविश्वास से भरा है और हर चुनौती के लिए तैयार है।
  • 18 जनवरी को यवाओं ने देशभर में साईक्लोथॉन का आयोजन किया, जिसमें शामिल लाखों देशवासियों ने फिटनेस का संदेश दिया। हमारा न्यू इंडिया पूरी तरह से फिट रहे इसके लिए हर स्तर पर जो प्रयास देखने को मिल रहे हैं, वे जोश और उत्साह से भर देने वाले हैं।
  • पिछले दिनों में जब त्योहारों की धूम थी तब दिल्ली एक ऐतिहासिक समझौते का साक्षी बन रहा था। इसके साथ ही, लगभग 25 वर्ष पुरानी ब्रू-रेंज रैफ्यूजी क्राइसिस, एक दर्दनाक चेप्टर का अंत हुआ। समझौते के तहत अब उनके लिए गरिमापूर्ण जीवन जीने का रास्ता खुल गया है। आखिरकार 2020 का नया दशक, ब्रू-रेंज समुदाय के जीवन में एक नई आशा और उम्मीद की किरण लेकर आया। करीब 34,000 ब्रू-शरणार्थियों को त्रिपुरा में बसाया जाएगा।
  • ये समझौता कई वजहों से बहुत ख़ास है। ये कोपरेटिव फीडरलिज्म की भावना को दर्शाता है। समझौते के समय मिज़ोरम और त्रिपुरा, दोनों राज्यों के मुख्यमंत्री मौज़ूद थे। ये समझौता दोनों राज्यों की जनता की सहमति और शुभकामनाओं से ही सम्भव हुआ है।
  • अभी कुछ दिनों पहले असम में 8 अलग-अलग मिलिटेंट ग्रुप के सैकड़ों लोगों ने अपने हथियारों के साथ आत्म-समर्पण किया। जो पहले हिंसा के रास्ते पर चले गए थे, उन्होंने अपना विश्वास, शान्ति में जताया और देश के विकास में भागीदार बनने का निर्णय लिया है।
  • देशवासियों को यह जानकर बहुत खुशी होगी कि नॉर्थ-ईस्ट में insurgency बहुत-एक मात्रा में कम हुई है और इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि इस क्षेत्र से जुड़े हर एक मुद्दे को शांति के साथ, ईमानदारी से चर्चा करके सुलझाया जा रहा है।
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