comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

पतंगबाजी के कारण लखनऊ में मेट्रो सेवा में आई रुकावट

November 17th, 2020 12:00 IST
 पतंगबाजी के कारण लखनऊ में मेट्रो सेवा में आई रुकावट

हाईलाइट

  • पतंगबाजी के कारण लखनऊ में मेट्रो सेवा में आई रुकावट

लखनऊ, 17 नवंबर (आईएएनएस)। दिन में कम से कम 5 बार पतंगबाजी के चलते लखनऊ में मेट्रो ट्रेन सेवाओं में रुकावट आई।

उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) ने एक बयान में कहा है, लखनऊ मेट्रो कॉरिडोर के पास पतंगबाजी के कारण मेट्रो की संपत्ति को नुकसान हो रहा है और ट्रेन सेवाएं बाधित हो रही हैं। सोमवार को कई बार ट्रेन सेवाओं में रुकावट आई लेकिन उन्हें तुरंत फिर से शुरू किया गया।

मेट्रो कॉरिडोर के पास पतंग उड़ाने से न केवल ओवर हेड इलेक्ट्रिफिकेशन (ओएचई) के साथ धागे की उलझने के कारण ट्रेन सेवाओं में समस्या आती है, बल्कि यह पतंग उड़ाने वाले के लिए भी घातक साबित हो सकता है। मांझा (धागा) में यदि कोई धातु तत्व है तो इसका 25,000 वोल्ट ओएचई के संपर्क में आना बेहद खतरनाक है।

बयान में आगे कहा गया कि ओएचई ट्रिपिंग के कारण मेट्रो सेवाओं को रोकना पड़ा और जांच में धातु के धागे भी ओएचई से उलझे मिले।

यूपीएमआरसी के एक प्रवक्ता ने कहा, ऑपरेशनल मेट्रो कॉरिडोर के पास इस प्रकार की घटनाएं बहुत खतरनाक होती हैं क्योंकि इससे ओएचई में बहुत अधिक वोल्टेज होने की वजह से करंट लगने से पतंग उड़ाने वाले को गंभीर चोटें आ सकती हैं या उसकी मौत भी हो सकती है।

जामघाट उत्सव के कारण सोमवार को शहर में पतंगबाजी अपने चरम पर थी। केंद्र सरकार के दिशानिर्देशों के अनुसार, चीनी मांझा (तांबे के तार का उपयोग करके तैयार किया गया धागा) का उपयोग निषिद्ध और प्रतिबंधित होने के बाद भी इसका उपयोग हुआ। लॉकडाउन के दौरान लखनऊ में चीनी मांझा के कारण 2 पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए थे।

स्थिति पर संज्ञान लेते हुए यूपीएमआरसी ने लखनऊ के लोगों से अपील की है कि वे इस मामले को गंभीरता से लें और ऑपरेशनल मेट्रो कॉरिडोर के पास पतंग न उड़ाएं। साथ ही दुकानदारों से भी आग्रह किया कि वे खरीदारों से कहें कि वे मेट्रो कॉरिडोर के पास पतंग न उड़ाएं। इसके अलावा यूपीएमआरसी इसे लेकर जागरुकता अभियान भी चला रहा है।

एसडीजे-एसकेपी

कमेंट करें
HzXFn
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।