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निर्भया मामला : दोषी ने कहा, दिल्ली गैस चैंबर फिर मौत की सजा क्यों?

निर्भया मामला : दोषी ने कहा, दिल्ली गैस चैंबर फिर मौत की सजा क्यों?

हाईलाइट

  • अक्षय कुमार सिंह ने सुप्रीम कोर्ट में निर्भया मामले को लेकर पुनर्विचार याचिका दायर की
  • अक्षय ने कहा- दिल्ली गैस चैंबर है, ऐसे मैं मौत की सजा देने की क्या जरूरत है?
  • सुप्रीम कोर्ट 9 जुलाई 2018 को ही अन्य तीन दोषियों की पुनर्विचार याचिका को रद्द कर चुका है

नई दिल्ली, 10 दिसंबर (आईएएनएस)। निर्भया सामूहिक दुष्कर्म और हत्याकांड में मौत की सजा पाने वाले चार दोषियों में से एक अक्षय कुमार सिंह ने सुप्रीम कोर्ट में मामले को लेकर पुनर्विचार याचिका दायर की। इस दौरान उसने कहा कि दिल्ली गैस चैंबर है, ऐसे मैं मौत की सजा देने की क्या जरूरत है?

वकील ए.पी.सिंह के माध्यम से दायर समीक्षा याचिका में अक्षय ने कहा, दिल्ली-एनसीआर में पानी और हवा को लेकर जो कुछ हो रहा है, उससे हर कोई वाकिफ है। जीवन छोटा होता जा रहा है, फिर मृत्युदंड क्यों?

सुप्रीम कोर्ट 9 जुलाई 2018 को ही अन्य तीन दोषियों की पुनर्विचार याचिका को रद्द कर चुका है। उस समय अक्षय ने याचिका दायर नहीं की थी। वकील सिंह ने अपने मुवक्किल की ओर से मंगलवार को शीर्ष अदालत में याचिका दायर की।

याचिका में अक्षय ने निवेदन करते हुए दावा किया कि दिल्ली की हवा की गुणवत्ता बिगड़ गई है, और राजधानी शहर सचमुच गैस चैंबर बन गया है। यहां तक कि शहर में पानी भी जहर से भरा है।

गौरतलब है कि 16 दिसंबर, 2012 की रात दक्षिण दिल्ली में एक चलती बस में छह लोगों ने निर्भया (23) के साथ मिलकर दुष्कर्म किया था।

सामूहिक दुष्कर्म इतना वीभत्स था कि इससे देशभर में आक्रोश पैदा हो गया था और सरकार ने दुष्कर्म संबंधी कानून और सख्त किए थे।

छह दुष्कर्म दोषियों में से एक नाबालिग था, जिसे बाल सुधार गृह में भेज दिया गया और बाद में रिहा कर दिया गया। एक दोषी ने जेल में ही आत्महत्या कर ली थी।

शीर्ष अदालत ने मुकेश (30), पवन गुप्ता (23) और विनय शर्मा (24) की पुनर्विचार याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि मृत्युदंड की समीक्षा के लिए अभियुक्तों द्वारा कोई आधार स्थापित नहीं किया गया है।

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