दैनिक भास्कर हिंदी: बीजेपी न कभी सिर्फ अटल-आडवाणी की पार्टी थी और न अब मोदी-शाह की है: गडकरी

May 11th, 2019

हाईलाइट

  • बीजेपी को लेकर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का बड़ा बयान
  • बीजेपी व्यक्ति केंद्रित नहीं विचारधारा आधारित पार्टी है
  • बीजेपी न कभी केवल अटल-आडवाणी की बनी और न ही केवल मोदी-शाह की बन सकती

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने बीजेपी के व्यक्ति केंद्रित पार्टी बन जाने की धारणा को खारिज करते हुए कहा, बीजेपी व्यक्ति केंद्रित नहीं बल्कि विचारधारा पर आधारित पार्टी है। इतना ही नहीं गडकरी ने कहा, यह पार्टी न कभी केवल अटल जी, आडवाणी जी की बनी और न ही कभी केवल अमित शाह या नरेंद्र मोदी की पार्टी बन सकती है। वहीं 2019 लोकसभा चुनावों के लेकर गडकरी ने दावा भी किया है कि बीजेपी को पिछली बार से भी अधिक सीटें मिलेंगी। 

मोदी-बीजेपी एक दूसरे के पूरक 
PTI को दिए इंटरव्यू में गडकरी ने पीएम मोदी और बीजेपी को एक दूसरे के पूरक बताया है। गडकरी से सवाल किया गया कि, क्या बीजेपी में 'इंदिरा इज इंडिया एन्ड इंडिया इज इंदिरा' की तर्ज पर 'मोदी ही बीजेपी और बीजेपी ही मोदी' वाली स्थिति हो गई है? जवाब में गडकरी ने कहा, बीजेपी जैसी पार्टी कभी व्यक्ति-केन्द्रित नहीं हो सकती है। यह विचारधारा पर आधारित पार्टी है। हमारी पार्टी में परिवार राज नहीं हो सकता। यह धारणा गलत है कि बीजेपी मोदी केन्द्रित हो गई है। पार्टी का संसदीय दल है जो सभी अहम फैसले करता है। उन्होंने कहा कि पार्टी और उसके नेता एक दूसरे के पूरक हैं।  

विकास के एजेंडे को बदलने की कोशिश विरोधियों ने की
गडकरी ने कहा, पार्टी बहुत मजबूत हो, लेकिन नेता मजबूत नहीं है तो चुनाव नहीं जीता जा सकता है। इसी तरह नेता कितना भी मजबूत हो लेकिन पार्टी मजबूत नहीं होने पर भी काम नहीं चलेगा। जो सबसे लोकप्रिय जननेता होता है वह स्वाभाविक रूप से सामने आता ही है।  चुनावों में अपनी सरकार के कामकाज एवं उपलब्धियों के बजाय राष्ट्रवाद और राष्ट्रीय सुरक्षा को चुनावी मुद्दा बनाए जाने के आरोप को खारिज करते हुए गडकरी ने कहा, चुनाव में जातिवाद और सांप्रदायिकता का जहर घोल कर हमारे विकास के एजेंडे को बदलने की कोशिश विरोधियों ने की है। मुझे यकीन है कि जनता विकास के साथ रहेगी और हम पूर्ण बहुमत के साथ फिर से सरकार बनाएंगे।

'राष्ट्रवाद मुद्दा नहीं, हमारी आत्मा है'
गडकरी ने कहा, राष्ट्रवाद हमारे लिए मुद्दा नहीं, यह हमारी आत्मा है। बेहतर शासन-प्रशासन और विकास हमारा मिशन है और समाज में शोषित, पीड़ित और पिछड़ों को केन्द्रबिंदु मानकर उन्हें रोटी-कपड़ा-मकान देना हमारा उद्देश्य है। 

'राष्ट्रवाद को हमने मुद्दा नहीं बनाया'
सवाल किया गया कि, विपक्ष आरोप लगा रहा है बीजेपी पांच साल की नाकामियों को छिपाने के लिए इस तरह के भावनात्मक मुद्दे उठा रही है। जवाब में गडकरी ने कहा, हमने इसे मुद्दा नहीं बनाया। उन्होंने कहा, हर चुनाव में देश की सुरक्षा पर हमेशा चर्चा हुई है। प्रधानमंत्री के भाषणों में पाकिस्तान और सेना का बार-बार जिक्र करने का बचाव करते हुए गडकरी ने कहा, हाल ही में पाकिस्तान की आतंकी गतिविधियों का जवाब भारत को देना पड़ा। ये विषय जब सामने आए तो आंतरिक और बाह्य सुरक्षा से जुड़े विषय पर चर्चा होना स्वाभाविक है। इसलिए राष्ट्रवाद को हमने मुद्दा नहीं बनाया है, बल्कि मीडिया ने बालाकोट सैन्य कार्रवाई पर उठे सवालों को चर्चा में लाकर इसे मुद्दा बना दिया। 

'मोदी सरकार ने देशहित में कई बड़ी योजनाएं शुरु की'
पांच साल में सरकार की उपलब्धियों के सवाल पर गडकरी ने कहा, मोदी सरकार ने देशहित में राष्ट्रीय राजमार्ग, हवाईअड्डे, अंतरदेशीय जलमार्ग जैसी बड़ी-बड़ी योजनाएं शुरु की हैं। इससे बहुत बड़ा बदलाव दिखा है। साथ ही उज्ज्वला योजना से लेकर जनधन, मुद्रा और आयुष्मान योजना तक और फसल बीमा से लेकर प्रधानमंत्री आवास योजना तक सभी के बहुत अच्छे परिणाम देखने को मिले। उन्होंने कहा, मुझे लगता है जितने काम 50 साल में नहीं हुए, उतने काम पांच साल में होते देख, जनता ने एक मजबूत विकल्प के रूप में इस बार भी हमें चुनने का फैसला किया है।