दैनिक भास्कर हिंदी: NRC: पश्चिम बंगाल कांग्रेस अध्यक्ष बोले- अवसरवादी नेता है ममता, कांग्रेस को खा जाएंगी 

August 3rd, 2018

हाईलाइट

  • पश्चिम बंगाल कांग्रेस अध्यक्ष अधीर रंजन ने सीएम ममता बनर्जी को बताया अवसरवादी नेता।
  • अधीर रंजन ने कहा, 'ममता पश्चिम बंगाल में कांग्रेस को आदमखोर की तरह खा रही है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। असम में नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन (NRC) के फाइनल ड्राफ्ट पर विपक्षी दलों में ही टकराहट सामने आ रही है। इस मुद्दे पर पश्चिम बंगाल कांग्रेस अध्यक्ष अधीर रंजन ने सीएम ममता बनर्जी पर ही हमला बोल दिया है। उन्होंने NRC को लेकर केन्द्र पर लगातार निशाना साध रही ममता बनर्जी को अवसरवादी नेता करार दिया है। अधीर रंजन ने कहा है, 'दिल्ली में ममता बनर्जी कांग्रेस का समर्थन मांगती हैं और बंगाल में आदमखोर की तरह कांग्रेस को खा रही हैं।'

असम में NRC के फाइनल ड्राफ्ट में 40 लाख लोगों के नाम शामिल न करने पर सबसे आक्रामक रूख अख्तियार करने वाली ममता बनर्जी पर तंज कसते हुए अधीर रंजन ने कहा है कि ये वही ममता है, जिन्होंने साल 2005 में बांग्लादेशी घुसपैठियों को एक बड़ी समस्या बताया था। रंजन ने कहा, 'ममता बनर्जी की यह पलटी महज राजनीतिक फायदे के लिए है। वे अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षा की पूर्ति के लिए एनआरसी का विरोध कर रही हैं।'

गौरतलब है कि असम के नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन (एनआरसी) का फाइनल ड्राफ्ट रविवार को जारी किया गया था। इसमें 3, 29,91,380 लोगों में से 2,89,38, 677 को असम की नागरिकता के लिए योग्य पाया गया था। इस ड्राफ्ट में 40 लाख लोगों के नाम शामिल नहीं किए गए थे। इन 40 लाख लोगों को अवैध भारतीय माना जा रहा है। हालांकि सरकार की ओर से कहा गया है कि जिन लोगों के नाम ड्राफ्ट में शामिल नहीं किए गए हैं, उन्हें अपने दावे और आपत्तियों के लिए समय दिया गया है।

इस मामले पर जमकर सियासी बहस छिड़ी हुई है। पिछले चार दिनों से विपक्षी दल संसद में इस ड्राफ्ट के खिलाफ हंगामा कर रहे हैं। ममता बनर्जी इस मुद्दे पर सबसे कड़े तेवर अख्तियार किए हुए हैं। ममता ने हाल ही में इस पर कहा था कि सरकार के ऐसे कदम देश को गृहयुद्ध की ओर धकेल सकते हैं। उन्होंने कहा था, 'बीजेपी की केंद्र सरकार NRC के जरिए लोगों को बांटने की कोशिश कर रही है। इससे देश में गृहयुद्ध छिड़ सकता है, खून-खराबा हो सकता है। 40 लाख से ज्यादा लोगों ने कल रूलिंग पार्टी के लिए वोट किया था और आज अचानक अपने ही देश में उन्हें शरणार्थी बना दिया गया है।' ममता ने कहा था, 'मैं अपनी मातृभूमि को ऐसी हालत में नहीं देखना चाहती, मैं मातृभूमि को बंटते हुए नहीं देखना चाहती।'

ममता के इस बयान के बाद असम के तीन अलग-अलग थानों में उनके खिलाफ FIR भी दर्ज की गई हैं। वहीं असम के TMC अध्यक्ष ने भी ममता के बयान से खफा होकर अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।