संसदीय मंत्री का विपक्ष पर आरोप: 2019 के जनादेश को पचा नहीं पा रहा है विपक्ष, सदन की कार्यवाही को किया बाधित

December 22nd, 2021

हाईलाइट

  • विपक्षी सांसद सदन में करते है हंगामा

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। संसद के शीतकालीन सत्र के समापन के बाद कांग्रेस और अन्य विरोधी दलों पर बड़ा आरोप लगाते हुए केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा है कि कांग्रेस और अन्य विरोधी दल 2019 की हार को पचा नहीं पा रहे हैं और इसलिए इन्होंने लगातार संसद की कार्यवाही को बाधित किया है।

मीडिया से बात करते हुए जोशी ने कहा कि 28 नवंबर को हुई सर्वदलीय बैठक में सभी दलों ने महंगाई पर चर्चा की मांग की थी। स्पीकर और सभापति दोनों ने सदन में अनुमति दे दी। सरकार की तरफ से जवाब देने के लिए वित्त मंत्री भी सदन में मौजूद थीं, लेकिन विपक्ष चर्चा से भाग गया।

जल्दबाजी में बिल पारित करवाने और विपक्ष को बोलने का मौका नहीं देने के आरोप को निराधार बताते हुए जोशी ने कहा कि सब कुछ नियमों और परंपराओं के अनुसार किया गया। सांसद अपनी सीट पर होते तो चर्चा भी होती, लेकिन विपक्षी सांसद लगातार सदन में हंगामा करते रहे। चुनाव सुधार संबंधित बिल पर विरोधी दलों की आपत्ति को खारिज करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह बिल स्टैंडिंग कमेटी से ही आया था। उन्होंने कहा कि विपक्षी सांसद चर्चा में शामिल नहीं होते, रूल बुक फेंकते हैं। मंगलवार को डेरेक ओ ब्रायन ने जो किया वो सारे देश ने देखा था।

संसद के शीतकालीन सत्र में हुए कामकाज की जानकारी देते हुए प्रह्लाद जोशी ने बताया कि 29 नवंबर को संसद का यह सत्र शुरू हुआ था और निर्धारित कार्यक्रम से एक दिन पहले 22 दिसंबर को इसे अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया गया। उन्होंने कहा कि सत्र के दौरान 24 दिनों की अवधि में कुल 18 बैठकें हुई।

सत्र के दौरान कुल 13 विधेयक (लोक सभा में 12 और राज्य सभा में एक ) पेश किया गया। दोनो सदनों द्वारा 11 विधेयकों को पारित किया गया। सत्र से पहले लाए 3 गए अध्यादेशों को भी सदन ने पारित किया। एक विधेयक ( जैव विविधता संशोधन विधेयक, 2021) को दोनों सदनों की संयुक्त समिति के पास भेजा गया। इसके अलावा लड़कियों की शादी की उम्र बढ़ाने से जुड़े विधेयकों सहित कुल 5 विधेयकों को स्टैंडिंग कमेटी को भेजा गया है।

उन्होंने बताया कि कामकाज को लेकर लोक सभा की उत्पादकता लगभग 82 प्रतिशत रही, जबकि हंगामे के बावजूद राज्य सभा में 48 प्रतिशत कामकाज हुआ। वहीं सदन में नहीं बोलने देने के राहुल गांधी के आरोप का जवाब देते हुए संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि राहुल गांधी और सोनिया गांधी दोनों को बिना किसी नोटिस के जीरो ऑवर में बोलने का मौका मिला था। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को प्रश्नकाल में प्रश्न पूछने का भी मौका मिला था, लेकिन उन्होने उस दौरान किसी और मुद्दे पर बोलना शुरू कर दिया।

 

(आईएएनएस)

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