comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

370 हटने से खिसियाया पाक, बंद किया एयरस्पेस, राजौरी में दागे मोर्टार

370 हटने से खिसियाया पाक, बंद किया एयरस्पेस, राजौरी में दागे मोर्टार

हाईलाइट

  • मोदी सरकार के J&K से धारा 370 को हटाने के बाद पाकिस्तान बौखला गया है
  • पाकिस्तान ने आंशिक रूप से अपने एयरस्पेस को बंद कर दिया है
  • पाक की ओर से LOC पर एक बार फिर सीजफायर उल्लंघन भी किया गया है

डिजिटल डेस्क, श्रीनगर। नरेंद्र मोदी सरकार के जम्मू-कश्मीर से धारा 370 को हटाने के बाद पाकिस्तान बौखला गया है। बुधवार को सबसे पहले जहां उसने भारत के साथ द्विपक्षीय व्यापार को रोकने की घोषणा की तो वहीं अब पाकिस्तान ने आंशिक रूप से अपने एयरस्पेस को बंद कर दिया है। इतना ही नहीं पाकिस्तान की ओर से जम्मू कश्मीर में एक बार फिर सीजफायर उल्लंघन किया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तान ने उसके और पाकिस्तान के बीच 11 रूट में से तीन को बंद कर दिया है। पाकिस्तान के इस फैसले के बाद एयर इंडिया ने एक बयान जारी कर कहा कि यह उन्हें प्रभावित नहीं करेगा। विमानन सुरक्षा एजेंसी ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (BCAS) ने सभी हवाई अड्डों को जम्मू और कश्मीर से संबंधित हालिया घटनाक्रम के मद्देनजर सुरक्षा को बढ़ाने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि 'सिविल एविएशन, आतंकवादी हमलों के लिए एक सॉफ्ट टारगेट के रूप में उभरा है।'

उधर, पाकिस्तान ने सीजफायर का उल्लंघन करते हुए राजौरी जिले के सुंदरबनी सेक्टर में छोटे हथियारों से गोलीबारी के साथ मोर्टार भी दागे। भारतीय सेना ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया। अधिकारी ने कहा कि पाकिस्तानी गोलीबारी में किसी के हताहत होने की तत्काल कोई रिपोर्ट नहीं आई है। यह पिछले चार दिनों में एलओसी पर तीसरा संघर्षविराम उल्लंघन है।

इससे पहले मंगलवार को भी पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में ही नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास गांव और चौकियों को निशाना बनाकर संघर्ष विराम का उल्लंघन किया था। पाकिस्तान ने छोटे हथियार से फायरिंग की थी और मोर्टार भी दागे थे। पाकिस्तान ने 3 अगस्त को भी पुंछ के मेहदर सेक्टर को निशाना बनाया था।

पिछले महीने, जम्मू क्षेत्र के पुंछ और राजौरी के दो जिलों में भारी पाकिस्तानी गोलाबारी और गोलीबारी में सेना के दो जवान और एक 10-दिवसीय बच्चे की मौत हो गई थी और कई नागरिक घायल हो गए थे।

कमेंट करें
qa81Z
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।