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पाक की नई चाल, करतारपुर जाने वाले श्रद्धालुओं से टैक्स वसूलने पर अड़ा

पाक की नई चाल, करतारपुर जाने वाले श्रद्धालुओं से टैक्स वसूलने पर अड़ा

हाईलाइट

  • भारतीय सिख श्रद्धालुओं को करतारपुर जाने के लिए चुकाने होंगे 1500 रुपए
  • पाक जाजिया टैक्स के तहत श्रद्धालुओं से वसूलेगा राशि, पासपोर्ट भी दिखाना होगा
  • दर्शनार्थियों के साथ भारतीय काउंसलर के आने पर भी साफ इंकार कर दिया

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। करतारपुर स्थित गुरुनानक के निवास स्थान पर मत्था टेकने जाने वाले भारतीय सिख श्रद्धालुओं के लिए पाकिस्तान लगातार बाधा पहुंचाने की कोशिश कर रहा है। नवंबर में करतारपुर कॉरिडोर खोले जाने की योजना है, लेकिन भारत-पाक के बीच वर्तमान में तनाव वाले हालात हैं। ऐसे में पाकिस्तान ने अब नया पैंतरा खेला है। पाकिस्तान सरकार ने कहा है कि वह उन्हीं श्रद्धालुओं को मत्था टेकने देगी जो 1500 रुपए का भुगतान करेंगे। बिना पैसे दिए श्रद्धालु दर्शन नहीं कर पाएंगे। यानी पैसे नहीं तो दर्शन नहीं। ज्ञात हो कि भारत मुफ्त दर्शन की मांग करता आया है।

पाकिस्तान ने करतारपुर में मत्था टेकने जाने वाले श्रद्धालुओं पर जाजिया टैक्स लगा दिया है। यहीं नहीं पाक ने इसे हटाने से उसने साफ तौर पर इनकार कर दिया है। पाकिस्तान ने 20 डॉलर का जजिया टैक्ट लगाया है। विशेष पर्वों के अवसर पर 10000 अतिरिक्त लोगों के दर्शन करने पर भी पाकिस्तान ने गोलमोल जवाब दिया है। इसके अलावा दर्शनार्थियों के साथ भारतीय काउंसलर आने पर भी साफ इंकार कर दिया है।

कॉरिडोर के जरिए पाकिस्तान जाने के लिए भारतीय श्रद्धालुओं को पासपोर्ट दिखाना होगा। इमरान खान की पाकिस्तान सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह 20 डालर की रकम दिए बिना श्रद्धालुओं को मत्था नहीं टेकने देगी।

करतारपुर कॉरिडोर परियोजना के चरण में तो सड़क के जरिए पाकिस्तान में प्रवेश मिलेगा, लेकिन जैसे ही नदी में बाढ़ आएगी यह सड़क डूब जाएगी, पाकिस्तान ने इस जगह पर पुल बनाने की बात कही थी, लेकिन बाद में अपनी बात से मुकर गया। पाक का कहना है कि वह पुल महीने बाद बनाना शुरू करेगा।

गौरतलब है कि केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर ने जानकारी दी थी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 8 नवंबर को इसका उद्घाटन करेंगे। कॉरिडोर के खुलने के बाद हर रोज 5000 श्रद्धालु दर्शन करेंगे। लैंड पोर्ट ऑथोरिटी ऑफ इंडिया के चेयरमैन गोविंद मोहन ने कहा कि भारत सरकार 20 अक्टूबर से करतारपुर कॉरिडोर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू करेगी।


 

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।