दैनिक भास्कर हिंदी: Parliament Monsoon 2021: संसद के दोनों सदनों में भारी हंगामा, लोकसभा-राज्यसभा सोमवार तक स्थगित

July 30th, 2021

हाईलाइट

  • संसद के दोनों सदनों में हंगामा

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के 10 वें दिन (30 जुलाई, शुक्रवार) भी दोनों सदनों में जमकर हंगामा हुआ। लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही 11 बजे शुरू हुई, दोनों सदनों की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी दलों के सांसदों ने हंगामा शुरू कर दिया। विपक्षी नेताओं ने पेगासस जासूसी कांड, महंगाई, कृषि कानूनों और अन्य मुद्दों पर संसद में विरोध प्रदर्शन किया। 

भारी हंगामे को देखते हुए लोकसभा की कार्यवाही सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी गई है। इससे पहले राज्यसभा में हुए हंगामे के कारण इसे दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित किया गया था। लेकिन बाद में लगातार हंगामा होते देख लोकसभा और राज्यसभा दोनों को ही स्थगित कर दिया गया।

लोकसभा
लोकसभा में शुक्रवार को भी विपक्ष के हंगामे के कारण पूरे दिन के लिए सदन को स्थगित कर दिया गया। अब सोमवार को सुबह 11 बजे तक लोकसभा की कार्यवाही स्थगित रहेगी। विपक्षी सदस्यों के हंगामे पर नाराजगी जाहिर करते हुए संसदीय कार्य मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा, नॉन-इश्यू को लेकर 7-8 दिन से सदन नहीं चलने दिया जा रहा है। जनता से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों पर काम होना है। कई अहम विधेयकों पर चर्चा होनी है। संसदीय कार्य मंत्री ने विपक्षी सदस्यों से सदन चलाने में सहयोग करने की अपील की। ताकि जनता से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा हो सके।

आज दिन में 11 बजे से सदन की कार्यवाही शुरू हुई। प्रश्नकाल चलने के दौरान भी कांग्रेस, टीएमसी सहित विपक्षी दलों के सांसद तख्तियां लहराते हुए नारेबाजी करने लगे। उन्होंने पेगासस जासूसी कांड, किसानों के मुद्दे पर बहस से सरकार पर भागने का आरोप लगाया। जबकि सरकार का कहना रहा कि बिजनेस एडवाइजरी कमेटी के माध्यम से तय विषयों पर संवैधानिक परंपरा के तहत मुद्दों पर चर्चा होती है। विपक्ष जनहित की जगह नॉन -इश्यू को लेकर हंगामा कर रहा है। हंगामे के कारण पहले 12 बजे तक के लिए कार्यवाही स्थगित हुई। इसके बाद सदन की कार्यवाही शुरू हुई तो फिर विपक्ष ने हंगामा किया। जिसके बाद सदन की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित हुई।

इससे पूर्व आज लोकसभा में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेन्द्र यादव ने दो विधेयक पेश किए। केंद्रीय मंत्री भूपेन्द्र यादव ने द कमीशन फार एयर क्वालिटी मैनेजमेंट इन नेशनल कैपिटल रीजन एंड एडजॉइनिंग एरियाज बिल, 2021 पेश किया।

इसी तरह केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने द जनरल बिजनेस(नेशनलाइजेशन) अमेंडमेंट बिल, 2021 को लोकसभा में पेश किया। बता दें कि संसद का मानसून सत्र 19 जुलाई से चल रहा है। तब से लगातार पेगासस जासूसी कांड, किसान कानून, डीजल-पेट्रोल के बढ़ते दाम, महंगाई आदि मुद्दों को लेकर विपक्ष के हंगामे से संसद के दोनों सदन नहीं चल पा रहे हैं। सरकार को उम्मीद है कि अगले सोमवार से दोनों सदन सुचारु चलेंगे।

राज्यसभा
वहीं दूसरी ओर राज्यसभा में कार्यवाही शुरू हुई तो सभापति ने सदन में सीटी बजाने पर चिंता व्यक्त की और सदस्यों को कार्रवाई की चेतावनी दी। सदन के सभापति एम. वेंकैया नायडू ने कहा कि अगर इसकी अनुमति दी जाती है तो यह एक परंपरा बन जाएगी और ऐसे कृत्यों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने सदस्यों से असंसदीय मानदंडों से दूर रहने की अपील की।

गुरुवार को विपक्षी सदस्यों ने नारेबाजी की थी। नारेबाजी के दौरान सदन में सीटी की आवाज आने के बाद उपसभापति हरिवंश ने चेतावनी दी कि वह उक्त सांसद का नाम लेंगे।सभापति नायडू ने यह भी कहा कि वह के. सी. वेणुगोपाल द्वारा पेश किए गए स्वास्थ्य राज्य मंत्री के खिलाफ विशेषाधिकार नोटिस की जांच कर रहे हैं।

वेणुगोपाल ने कहा, मैंने आज राज्यसभा में नियम 187 के तहत उनके भ्रामक बयान के बारे में एक विशेषाधिकार नोटिस दिया है कि क्या कोविड की दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन की कमी के कारण कोई मौत हुई है।

शुरूआत में सदन को दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित किया गया था। सदन की कार्यवाही पुन: शुरू होने के बाद प्रश्नकाल कुछ समय तक जारी रहा, लेकिन इसे फिर से दोपहर 2.30 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।

इसके बाद जब सदन की कार्यवाही दिन में तीसरी बार शुरू हुई, तो उपसभापति हरिवंश ने सदस्यों से निजी सदस्य विधेयकों को पेश करने के लिए कहा, जिसके बाद केवल सत्ता पक्ष के सदस्यों ने ही इस पर गौर किया, जबकि विपक्षी सांसदों ने इसे अनदेखा किया। इस बीच विपक्ष ने अपना विरोध जारी रखा। हंगामे में नारियल विकास बोर्ड (संशोधन) विधेयक, 2021 पारित किया गया और जमा बीमा पर विधेयक सदन में पेश किया गया।

जब से संसद का मानसून सत्र शुरू हुआ है, केवल एक दिन विपक्ष ने कोविड की स्थिति पर चर्चा में भाग लिया। बाकी दिनों में विपक्ष ने सदन को चलने नहीं दिया और जमकर नारेबाजी की, जिसकी वजह से सदन को बार-बार स्थगित करना पड़ा। सरकार को घेरने के लिए विपक्ष एकजुट हो गया है। शुक्रवार को दोनों सदनों में समान विचारधारा वाले विपक्षी दलों के नेताओं ने मुलाकात की और अपना विरोध जारी रखने का फैसला किया।