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राम मंदिर निर्माण: पटना का हनुमान मंदिर 10 और आंध्र का तिरुपति मंदिर देगा 1 करोड़  

राम मंदिर निर्माण: पटना का हनुमान मंदिर 10 और आंध्र का तिरुपति मंदिर देगा 1 करोड़  

हाईलाइट

  • बीते 9 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या मामले में सुनाया था फैसला
  • फैसले में विवादित भूमि रामलला को, सुन्नी पक्ष को कहीं और जमीन

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अयोध्या की विवादित राम जन्मभूमि मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अयोध्या में भव्य राम मंदिर ​निर्माण की तैयारियां शुरू हो गई हैं। मंदिर उसी जगह बनाया जाएगा, जहां वर्षों से विवाद चल रहा था। मंदिर निर्माण के लिए कई ट्रस्ट और धार्मिक संस्थाएं भी आगे आ रही हैं। ऐसे में पटना के महावीर मंदिर न्यास समिति ने अयोध्‍या में राम मंदिर निर्माण में 10 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है। वहीं तिरुपति मंदिर ट्रस्ट ने राम मंदिर निर्माण के लिए एक करोड़ रुपए दान देने की घोषणा की है। तिरुपति मंदिर आंध्र प्रदेश में स्थित है। 

जानकारी के अनुसार, फैसले के बाद राम मंदिर बनाने की तैयारी के तहत न्यास बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। मंदिर बनाने के लिए राजस्थान से पत्थरों के खेप पहुंचने शुरू हो गई है।

पटना
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद बिहार के प्रसिद्ध और पटना जंक्शन स्थित महावीर मंदिर ने राम मंदिर निर्माण में सहयोग करने का निर्णय लिया है। पटना का महावीर मंदिर अयोध्या में राम मंदिर बनाने में आर्थिक सहयोग करेगा। महावीर मंदिर न्यास समिति ने अयोध्‍या में राम मंदिर निर्माण में 10 करोड़ की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है। जानकारी के अनुसार, हर साल महावीर मंदिर न्यास समिति 2 करोड़ रुपए की मदद करेगा। इसकी जानकारी न्यास समिति के सचिव और पूर्व आईपीएस अधिकारी किशोर कुणाल ने दी। मालूम हो कि पटना जंक्शन स्थित महावीर मंदिर को पूर्व आईपीएस अधिकारी किशोर कुणाल की ही देन कहा जाता है। यह बिहार के प्रख्यात मंदिरों में से एक है। आचार्य किशोर कुणाल ने अयोध्या पर एक किताब भी लिखी है। उनकी यह किताब सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या मामले की सुनवाई के दौरान चर्चा में रही।

आंध्रप्रदेश 
प्रदेश के तिरुपति बालाजी मंदिर ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए 1 करोड़ रुपए दान देगा। यह मंदिर प्रदेश के तिरुपति कस्बे से 9 किलोमीटर दूर तिरुमला पहाड़ियों पर तिरुपति वेंकटेश्वर मंदिर स्थित है।

वहीं माना जा रहा है कि कुछ वर्षों में अयोध्या का राम मंदिर तिरुपति मंदिर से धनी हो जाएगा। अयोध्या में जल्द ही भव्य राम मंदिर बनने वाला है। देव नगरी उत्तर प्रदेश के सबसे धार्मिक जगह में अयोध्या शुमार हो जाएगा। वाराणसी, मथुरा और तिरुपति बालाजी जैसे भव्य मंदिर के रूप में अयोध्या भी शुमार हो जाएगा। यह आने वाले समय में बड़ा धार्मिक स्थल बन जाएगा। 50,000 से 1 लाख तीर्थयात्री शुरुआती वर्षों में अयोध्या का दौरा करेंगे, क्योंकि यह सदी में पहली बार है कि राम जन्मस्थान पर राम मंदिर होगा। "कुंभ की अर्थव्यवस्था जो 270 मिलियन भक्तों के दर्शन के लिए हर 6 साल में लगभग 12 बिलियन डॉलर है। अयोध्या में 1 बिलियन हिंदुओं द्वारा श्रद्धा की जाती है।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।