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दिल्ली सरकार से पेट्रोल डीलर्स नाराज, सोमवार को बंद रहेंगे 400 पेट्रोल पंप

October 21st, 2018 23:30 IST
दिल्ली सरकार से पेट्रोल डीलर्स नाराज, सोमवार को बंद रहेंगे 400 पेट्रोल पंप

हाईलाइट

  • दिल्ली पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन (DPDA) ने शहर के सभी 400 पेट्रोल पंप को 24 घंटे के लिए बंद रखने की घोषणा की है।
  • 22 अक्टूबर सुबह 6 बजे से लेकर 23 अक्टूबर को सुबह 5 बजे तक बंद रहेंगे।
  • दिल्ली सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर वैट घटाने से इनकार कर दिया है जिसके विरोध में पेट्रोल पंप बंद रहेंगे।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन (DPDA) ने शहर के सभी 400 पेट्रोल पंप को 24 घंटे के लिए बंद रखने की घोषणा की है। 22 अक्टूबर सुबह 6 बजे से लेकर 23 अक्टूबर को सुबह 5 बजे तक बंद रहेंगे। दरअसल, दिल्ली सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर वैट घटाने से इनकार कर दिया है, जिसके विरोध में DPDA ने पेट्रोल पंप बंद रखने का आहवान किया है।

DPDA के अध्यक्ष निश्चल सिंघानिया ने कहा, चार सितंबर को केंद्र सरकार ने डीजल और पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी घटाई थी। इस कटौती से कीमतों में 2.50 रुपए की कमी आई थी। केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को भी अपनी इच्छा अनुसार वैट घटाने के लिए कहा था, लेकिन दिल्ली सरकार ने वैट घटाने से साफ तौर पर मना कर दिया, जिस कारण दिल्ली में पड़ोसी राज्यों उत्तर प्रदेश और हरियाणा की तुलना में ईंधन महंगा हो गया। इन राज्यों में कीमतें कम होने की वजह से ग्राहक वहीं से ईंधन की खरीद कर रहे हैं। इससे राजधानी के पेट्रोल पंपों की बिक्री में भारी गिरावट आयी है। 

सिंघानिया ने कहा, पेट्रोल डीजल की कीमतों में अंतर होने के कारण दिल्ली में डीजल की बिक्री में 50 से 60 प्रतिशत और पेट्रोल की बिक्री में इस तिमाही में 25 प्रतिशत तक कमी आई है। सिंघानिया ने कहा कि बंद के चलते सभी 400 पेट्रोल पंपों पर कारोबार नहीं किया जाएगा। पेट्रोल पंपो पर डीजल-पेट्रोल की न तो खरीद होगी न ही बिक्री। DPDA ने दिल्ली सरकार से तुरंत वैट में कटौती करने की मांग की है ताकि वाहन चालक ईंधन खरीदने के लिए प्रोतसाहित हो। इससे दिल्ली सरकार को राजस्व का जो नुकसान हुआ है उसकी भी भरपाई की जा सकेगी।

दिल्ली पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन ने कहा कि एक दिन की हड़ताल के बाद अगले आंदोलन पर भी विचार किया जाएगा।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

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डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।