दैनिक भास्कर हिंदी: पायलट, सिंधिया को इंतजार करना चाहिए था, उनके कदम आत्मघाती : मोइली

July 15th, 2020

हाईलाइट

  • पायलट, सिंधिया को इंतजार करना चाहिए था, उनके कदम आत्मघाती : मोइली

नई दिल्ली , 15 जुलाई (आईएएनएस)। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एम. वीरप्पा मोइली ने बुधवार को कहा कि पार्टी ने सचिन पायलट और ज्योतिरादित्य सिंधिया दोनों को बहुत कुछ दिया है और उन्हें बागी होने के बजाय इंतजार करना चाहिए था।

उन्होंने यह भी कहा कि सिंधिया और पायलट द्वारा उठाया गया कदम आत्मघाती है और उन्हें भाजपा में कभी मुख्यमंत्री नहीं बनाया जाएगा।

मोइली ने बेंगलुरू से आईएएनएस के साथ फोन पर हुई बातचीत में कहा, यह सोचने का समय नहीं है कि कौन सही है या कौन गलत है, लेकिन सवाल पार्टी की अखंडता का है, जिसे बनाए रखना है। पायलट को सब कुछ मिला, वह एक सांसद थे, वह एक केंद्रीय मंत्री थे, उन्हें पीसीसी प्रमुख और उपमुख्यमंत्री भी बनाया गया था।

मोइली की यह टिप्पणी राजस्थान में अशोक गहलोत के खिलाफ बागी तेवर अपनाने के लिए पायलट को उपमुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद से बर्खास्त करने के एक दिन बाद आई है।

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि पार्टी आकांक्षाओं को समझती है, लेकिन पार्टी के ढांचे में काम करना सीखना होगा।

मोइली ने कहा, आप पार्टी की कीमत पर उठने की महत्वाकांक्षा नहीं रख सकते। पायलट को धैर्य के साथ इंतजार करना चाहिए था। बेशक वह पार्टी के लिए काम कर रहे थे और कोई भी इससे इनकार नहीं करता है।

मोइली ने यह भी कहा कि कड़ी मेहनत करने का मतलब यह नहीं है कि किसी को नियम तोड़ने चाहिए।

उन्होंने कहा कि पायलट को कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) की बैठक में भाग लेना चाहिए था और एक पीसीसी अध्यक्ष होने के नाते उन्हें एक जिम्मेदार काम करना चाहिए था।

कांग्रेस पार्टी में पुराने बनाम नए चेहरे के सवाल पर मोइली ने कहा कि यह पुराने और नए का सवाल नहीं है। इन सभी विरोधाभासों के साथ कांग्रेस 135 साल से कायम है।

मार्च में मध्य प्रदेश में सिंधिया को खोने के बाद कमलनाथ सरकार का पतन हुआ और इसी तरह राजस्थान में गहलोत के खिलाफ पायलट ने बगावत की, तो उन्होंने कहा, सिंधिया ने सभी महत्व दिए जाने के बाद क्या किया है?

मोइली ने कहा कि मुख्यमंत्रियों का चुनाव किसी के पक्ष में विधायकों के समर्थन की संख्या के आधार पर किया जाता है। मध्यप्रदेश में कमलनाथ और राजस्थान में गहलोत को लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत मुख्यमंत्री बनाया गया।

मोइली ने कहा, चाहे वह सिंधिया हो या पायलट, उन्हें अपने मौके का इंतजार करना चाहिए था। वे भाजपा में कभी मुख्यमंत्री नहीं बनेंगे। इसलिए यह पायलट और सिंधिया दोनों के लिए आत्मघाती है।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी के दरवाजे अभी भी पायलट के लिए खुले हैं।

यह पूछे जाने पर कि अगले दो दिनों में सीएलपी की बैठक में शामिल नहीं होने पर पार्टी क्या कार्रवाई करेगी? मोइली ने कहा कि किसी भी अन्य कार्रवाई का सवाल उनके आगे के फैसलों पर निर्भर करता है।

मोइली ने पार्टी महासचिवों और राज्य प्रभारियों की भूमिका पर भी जोर देते हुए कहा कि इन दिनों उनमें से कई सतर्क नहीं हैं और वे स्थानीय पार्टी इकाइयों के सामने आने वाली समस्याओं को नहीं समझते हैं।