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कोरोना संकट पर PM मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन और जापान के प्रधानमंत्री से बात की, कोरोना से बिगड़ते हालात में मदद की पेशकश

कोरोना संकट पर PM मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन और जापान के प्रधानमंत्री से बात की, कोरोना से बिगड़ते हालात में मदद की पेशकश

हाईलाइट

  • कोविशील्ड वैक्सीन के लिए कच्चा माल उपलब्ध करवाएगा अमेरिका
  • एस जयशंकर ब्रिटेन के अपने समकक्ष डोमिनिक राब से की बातचीत
  • रविवार को NSA अजीत डोवाल ने अमेरिकी NSA से बात की थी

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन की बीच सोमवार रात करीब 10 बजे को फोन पर बात हुई। दोनों नेताओं के बीच अपने-अपने देशों में कोरोना के हालातों को लेकर चर्चा हुई। पीएम मोदी ने बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के साथ कोरोना संकट को लेकर बात हुई। पीएम मोदी ने बताया कि आज शाम को उनकी अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन से फोन पर बात हुई। इस दौरान दोनों के बीच कोरोना संकट को लेकर चर्चा हुई। इस संकट की घड़ी में भारत का साथ देने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने जो बाइडेन का धन्यवाद दिया। इससे कुछ देर पहले जापान के प्रधानमंत्री योशिहिदो सुगा ने भी मोदी से फोन पर चर्चा की।

बाइडेन से बातचीत के बाद प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर कहा- हमने वैक्सीन के रॉ मटीरियल और दवाओं की सप्लाई चेन को कारगर बनाने पर चर्चा की। भारत और अमेरिका की हेल्थकेयर पार्टनरशिप दुनिया में कोविड-19 से पैदा हुई चुनौतियों का मुकाबला कर सकती हैं। हमने दोनों देशों में महामारी से बने हालात पर विस्तार से बातचीत की। वहीं, जापान के प्रधानमंत्री ने योशिहिदो सुगा ने कहा- महामारी से सिर्फ मिल-जुलकर और सामूहिक प्रयासों से ही निपटा जा सकता है। देशों में आपसी सहयोग बेहद जरूरी है। सुगा ने जापान की तरफ से भारत को मदद की भी पेशकश की।

आगे भी संपर्क में रहेंगे दोनों देश
मोदी और बाइडेन ने वैक्सीन डेवलपमेंट और सप्लाई के क्षेत्र में संभावित सहयोग पर भी विचार किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इस बारे में सहयोग और संपर्क रखने को कहा है। मोदी ने राष्ट्रपति बाइडेन को बताया कि भारत ने विश्व व्यापार संगठन (WTO) में एक पहल की है। इसके तहत यह तय करने में मदद मिलेगी कि विकासशील देशों को वैक्सीन सुचारू रूप से मिल सके। दोनों राष्ट्राध्यक्षों ने महामारी के मामले में संपर्क बनाए रखने पर भी सहमति जताई।

कोविशील्ड वैक्सीन के लिए कच्चा माल उपलब्ध करवाएगा अमेरिका
व्हाइट हाउस की ओर से जारी बयान के अनुसार, अमेरिका ने भारत में कोविशील्ड वैक्सीन के निर्माण के लिए आवश्यक कच्चे माल की पहचान कर ली है जिसे तुरंत भारत को उपलब्ध कराए जाएंगे। 

फ्रंटलाइन वर्कर्स को भी दी जाएगी मदद
भारत में फ्रंटलाइन हेल्थकेयर वर्कर्स को बचाने और कोरोना मरीजों के इलाज के लिए जरूरी वेंटिलेटर्स, पीपीई किट्स, रेपिड डायगनॉस्टिक टेस्ट किट्स आदि भी तुरंत मुहैया करवाई जाएंगी। साथ ही अमेरिका भारत को तुरंत ऑक्सीजन जेनरेशन और उससे जुड़ी सप्लाई को देने के लिए विकल्पों पर काम कर रहा है।

एस जयशंकर ब्रिटेन के अपने समकक्ष डोमिनिक राब से की बातचीत
कोरोना वायरस संकट से मुकाबले में ब्रिटेन द्वारा भारत का सहयोग करने की घोषणा के एक दिन बाद विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोमवार को ब्रिटेन के अपने समकक्ष डोमिनिक राब से बात की और द्विपक्षीय सहयोग पर चर्चा की। जयशंकर ने कहा कि उन्होंने और विदेश मंत्री राब ने भारत-ब्रिटेन द्विपक्षीय एजेंडा में प्रगति की समीक्षा की।

रविवार को NSA अजीत डोवाल ने अमेरिकी NSA से बात की थी
बता दें कि इससे पहले रविवार को एनएसए अजीत डोवाल ने अमेरिका के एनएसए जेक सुलिवन से बात की थी। जिसके बाद अमेरिका भारत को वैक्सीन के लिए कच्चे माल के निर्यात पर लगी रोक को हटाने को राजी हो गया और जल्द से जल्द इसे उपलब्ध कराने का भरोसा दिया।  

गौरतलब है कि दोनों देशों की 70 वर्षों से अधिक की स्वास्थ्य साझेदारी है। जिसके तहत पोलियो अभियान, एचआईवी,  स्मॉल पॉक्स के खिलाफ लड़ाई लड़ी गई। अब दोनों देश वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के खिलाफ भी साथ लड़ाई जारी रखेंगे। कोरोना महामारी की शुरुआत में  भारत ने अमेरिका के अस्पतालों के लिए मदद भेजी थी अब अमेरिका ने भी भारत के मुश्किल हालात में मदद करने के लिए दृढ़ता दिखाई है।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।