दैनिक भास्कर हिंदी: कमलेश हत्याकांड: पुलिस को मिला खून से लथपथ भगवा कपड़ा

October 20th, 2019

हाईलाइट

  • लखनऊ पुलिस को मिला खून से सना भगवा कपड़ा और तौलिया
  • होटल के मैनेजर ने दी पुलिस को जानकारी

डिजिटल डेस्क, लखनऊ। हिन्दू समाज पार्टी के अध्यक्ष कमलेश तिवारी के हत्याकांड पर लखनऊ पुलिस ने एक होटल से खून से लथपथ एक भगवा कपड़ा बरामद किया है। लखनऊ के पश्चिमी क्षेत्र स्थित होटल खालसा के मैनेजर ने टीवी पर फुटेज देखने के बाद आइडेंटिटी कार्ड देखकर पुलिस को इसकी जानकारी दी। भगवा कपड़े के साथ पुलिस को होटल से एक बैग और खून से सनी एक तौलिया भी मिली है।

 

 

मामले की जांच करने पर दो संदिग्धों का होटल में चेक इन और चेक आउट का CCTV फुटेज भी सामने आया है। इसमें दोनों संदिग्धों को होटल के रजिस्टर में अपनी जानकारी लिखते हुए साफ देखा जा सकता है। इस होटल में शेख अशफाक और पठान मोइनुद्दीन अहमद के नाम से रुम नंबर G 103 बुक किया गया था। जानकारी के मुताबिक अशफाक और अहमद 17 अक्टूबर की रात 11:08 मिनट पर होटल आए थे और रात भर रुकने के बाद दूसरे दिन 18 अक्टूबर की सुबह 10:38 बजे चले गए। इसके बाद दोनों संदिग्ध एक बार फिर 1:21 बजे वापस आए और 16 मिनट बाद 1:37 बजे फिर से वापस लौट गए।

 

5 अपराधी हिरासत में

 

 

बता दें कि मामले में अब तक 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। सीएम आदित्यनाथ ने शनिवार को बताया कि मामले में तीन आरोपियों को गुजरात से और दो आरोपियों को उत्तर प्रदेश से हिरासत में लिया है। वहीं बाकी के खिलाफ कार्रवाई करने की तैयारी चल रही है और उन्हें पकड़ने के लिए दबिशें भी दी जा रही हैं।

बेटे ने उठाई NIA की मांग

 

 

वहीं कमलेश तिवारी के बेटे सत्यम तिवारी ने शनिवार को नेश्नल इनवेस्टीगेशन एजेंसी (NIA) द्वारा मामले की जांच की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि सुरक्षा गार्ड्स के रहते हुए भी मेरे पिता को मार दिया गया। हम प्रशासन पर कैसे भरोसा कर सकते हैं? उन्होंने बताया था कि उन्हें किसी पर भरोसा नहीं है।

गला रेतकर की थी हत्या

बता दें कि शुक्रवार को राजधानी लखनऊ के हिंडोला इलाके में कमलेश तिवारी की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई थी। पहले कमलेश को गोली मारे जाने की खबर सामने आई थी, लेकिन बाद में डॉक्टरों ने बताया था कि उनका किसी धारदार हथियार से गला रेता गया था। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी फरार हो गए थे। इसके बाद से ही उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पर लगातार कानून व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए जा रहे हैं।