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नागपुर में पॉजिटिव आए मरीज ने दिया प्लाज्मा, 2 माह पहले हो चुके हैं स्वस्थ

नागपुर में पॉजिटिव आए मरीज ने दिया प्लाज्मा, 2 माह पहले हो चुके हैं स्वस्थ

हाईलाइट

  • अन्य कोरोना मरीजों के उपचार में मिलेगी मदद

डिजिटल डेस्क, नागपुर। लगातार कोरोना पॉजिटिव मरीजों की खबरों के बीच शनिवार को एक अच्छी खबर सुनने को मिली। कोरोना वायरस को मात देकर करीब 2 माह पहले ठीक हो चुके व्यक्ति ने लक्ष्मी नगर स्थित जीवन ज्योति ब्लड बैंक में शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (मेडिकल) की टीम की उपस्थिति में प्लाज्मा डोनेट किया। यह प्लाज्मा कोरोना पॉजिटिव मरीज को चढ़ाया जाएगा जो मरीज को जल्दी ठीक होने में मदद करेगा। कोरोना को मात देकर ठीक होकर घर पहुंचने वाले ऐसे मरीज जिनमें कोरोना से संबंधित लक्षण दिखाई दिए थे वह ठीक होने के 28 दिन बाद और 4 माह के अंदर प्लाज्मा डोनेट कर सकते हैं।

यह है जीत की कहानी
खामला निवासी संतोष तोतवानी (42) फुटवियर व्यापारी हैं। वह 16 मार्च को दिल्ली गई थे और 18 मार्च को वापस नागपुर पहुंचे थे। असहज महसूस होने पर वह निजी डॉक्टर्स के पास उपचार के लिए गए लेकिन कोई आराम नहीं हुआ। इसके बाद अपने पूरे परिवार के साथ इंदिरा गांधी शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (मेयो) में उपचार के लिए पहुंचे। यहां जांच के बाद 26 मार्च को उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। यह नागपुर की दूसरी चेन थी। इसके बाद उनके परिवार और संपर्क में आने वाले और 10 लोगों को कोरोना की पुष्टि हुई जबकि 125 लोगों को क्वारंटाइन किया गया। जांच रिपोर्ट निगेटिव आने पर श्री तोतवानी को 11 अप्रैल को डिस्चार्ज कर दिया गया। इसके बाद शनिवार 6 जून को उन्होंने प्लाज्मा डोनेट किया

प्लाज्मा की प्रक्रिया को समझें
मेडिकल के ब्लड बैंक के एक अधिकारी ने बताया कि ऐसा मरीज जिसमें कोरोना के लक्षण दिखाई दिए हों जैसे सिरदर्द, बुखार, खांसी या डायरिया आदि उनका ही प्लाज्मा लिया जाता है। प्लाज्मा लेने के पहले हम उनको बताते है कि हम सिर्फ आपका प्लाज्मा लेंगे जबकि रक्त के अन्य कंपोनेंट वापस चढ़ा दिए जाएंगे। यह एक बहुत सामान्य प्रकिया है जिससे घबराने की जरुरत नहीं है इसकी जिम्मेदारी हमारी है।

प्लाज्मा देने की प्रक्रिया
उन्होंने बताया कि प्लाज्मा कोरोना पॉजिटिव मरीज से लिया जाता है जो ठीक हो चुका है। मरीज के ठीक होने के 14 दिन की रिपोर्ट निगेटिव आने के 28 दिन बाद और 4 माह के अंदर यह लिया जा सकता है। ऐसा इसलिए किया जाता है क्योंकि इस दौरान उक्त व्यक्ति के अंदर उस वायरस से लड़ने के लिए एंटीबॉडी तैयार हो चुके होते है जो इतने समय तक ही रहते हैं। प्लाज्मा ना तो बिना लक्षण वाले मरीज को चढ़ाया जाता है ना ही गंभीर मरीज को चढ़ाया जाता है बल्कि जो मरीज इन दोनों ही स्थितियों के बीच मंे होता है उनको प्लाज्मा चढ़ाया जाता है

प्लाज्मा देकर जान बचा सकते हैं
पूर्व नगरसेवक प्रकाश तोतवानी ने बताया कि हमें जैसे ही मालूम चला कि डॉक्टर चाहते है कि हम प्लाज्मा डोनेट करें तो हमने तत्काल हाँ कर दिया। प्लाज्मा देकर हम किसी एक भी जान बचा सकते है तो हम क्यों नहीं देंगे। जिनके प्लाज्मा की जरुरत है लोग जो कोरोना को मात दे चुके हैं उनको भी आगे आना चाहिए।

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