पीके का यूटर्न: प्रशांत किशोर ने कहा कांग्रेस के राहुल गांधी बन सकते हैं पीएम

December 16th, 2021

हाईलाइट

  • बिना कांग्रेस के मजबूत विपक्ष की संभावना कम PK

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मौजूदा राजनीति में रणनीति के तौर पर ममता बनर्जी के साथ काम कर रहे प्रशांत किशोर(पीके) ने एक निजी समाचार चैनल को दिए इंटरव्यू में खुलकर अपने अनुमानों को लेकर अपनी रणनीति और सुझाव पर बोले। पीके ने कुछ समय पहले कांग्रेस को लेकर किये दावे और ममता बनर्जी के बयानों से उलट कहा कि बिना कांग्रेस के मजबूत विपक्ष की संभावना कम है। वहीं इंटरव्यू के दौरान पीके ने नीतीश कुमार के साथ फिर से काम कराने की इच्छा जताई। उन्होंने राहुल गांधी के प्रधानमंत्री के सवाल के जवाब में कहा कि हा राहुल गांधी पीएम बन सकते है।  

प्रशांत किशोर ने टाइम्स नाउ के फ्रैंकली स्पीकिंग शो में रैपिड फायर राउंड के सवालों के दौरान ये बातें कही।  प्रशांत किशोर ने सितंबर 2018 में जेडीयू जॉइन कर के अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की थी लेकिन नीतीश कुमार के साथ उनका राजनैतिक कैरियर ज्यादा लंबा नहीं चला और कुछ  समय बाद ही उन्होंने पार्टी और राजनीति दोनों ही छोड़ दी। आखिर में जब किशोर से पूछा गया कि वह भविष्य में कौन सी राजनीतिक पार्टी में जॉइन कर सकते हैं तो उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि जरूरी नहीं  कि वह कोई मौजूदा पार्टी में ही जाएं, वह अपनी खुद की नई पार्टी बना सकते हैं। 

प्रशांत किशोर से सवाल किया गया कि क्या कांग्रेस गांधी परिवार के बिना काम कर सकती है तो उन्होंने हां में जवाब दिया। हालांकि, उन्होंने अपने जवाब में यह भी जोड़ा कि अगर कांग्रेस के बाकी नेता ऐसा चाहें तो यह हो सकता है। प्रशांत किशोर ने अमरिंदर के साथ काम करने के लिए साफ मना कर दिया।

चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने टाइम्स नाउ नवभारत की एडिटर इन चीफ नाविका कुमार ने खास बातचीत के दौरान ये सब बातें कही। पीके ने कहा कि सिर्फ राजनीतिक दलों को इकट्ठा करके बीजेपी से जीत नहीं सकते। उन्होंने कहा कि मोदी को हराने के लिए चार चीजों की जरूरत बताई जिनमें 4 M  मैसेज, मैसेंजर, मशीनरी और मैकेनिक। प्रशांत किशोर ने राहुल गांधी के हिंदुत्व और हिंदुत्ववादी वाले बयान पर कहा कि हिंदुत्व और हिंदुत्ववादी मुद्दा गैर जरूरी है। इस बयान से बीजेपी को फायदा मिलेगा। पीके ने एक सवाल के जवाब में यह भी कहा कि बीजेपी 2017 के मुकाबले 2022 में उत्तर प्रदेश में ज्यादा सीटें ला सकती है