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काशी के हालात से रूबरू हुए प्रधानमंत्री, घंटों चली गहन समीक्षा

June 19th, 2020 20:30 IST
 काशी के हालात से रूबरू हुए प्रधानमंत्री, घंटों चली गहन समीक्षा

हाईलाइट

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वाराणसी, 19 जून (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के हालात से रूबरू होने के लिए इस बार वीडियो कांफ्रेंसिंग को माध्यम बनाया। उन्होंने शुक्रवार को करीब ढाई घंटे से अधिक समय तक यहां की स्थिति की गहन समीक्षा की।

वीडियो कांफ्रेंसिंग में मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल, जिलाधिकारी कौशलराज शर्मा, नगर आयुक्त गौरांग राठी के अलावा प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र के विधायकों ने भी अपनी बात रखी।

उन्होंने लॉकडाउन के दौरान जनपद में कोरोना संक्रमितों के इलाज, उन्हें खोजने, लोगों को खाद्यान्न पहुंचाने के कार्यो के विषय में भी जाना। कमिश्नरी स्थित एनआइसी सेंटर में जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने प्रस्तुति दी। इसके बाद कमिश्नर अग्रवाल ने विकास व निर्माण परियोजनाओं की प्रगति की रिपोर्ट प्रस्तुत की।

प्रधानमंत्री ने श्रीकाशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर, रिंग रोड और सड़क की अन्य योजनाओं के विषय में पूछताछ की। साथ ही उन्होंने लॉकडाउन के बाद विकास कार्यो को तेज करने का निर्देश दिया और कहा कि एक तो लॉकडाउन की वजह से देरी हुई है, दूसरे बहुत सारे लोग बेरोजगार हुए हैं, ऐसे में योजनाओं को तेजी से शुरू करने से जहां लोगों को रोजगार मिलेगा, वहीं समय से उन्हें पूरा करने में सहूलियत होगी।

मोदी ने जिलाधिकारी से नीति आयोग के पायलट प्रोजेक्ट के रूप में सेवापुरी को 90 दिनों में आदर्श ब्लॉक बनाने की योजना की तैयारियों के बारे में पूछा। जिलाधिकारी ने बताया कि सेवापुरी विकास खंड में अब तक की स्थिति का आकलन कर आवश्यकताओं को चिन्हित कर लिया गया है। साथ ही वहां कर्मचारियों की नियुक्ति और विकास कार्यो की शुरुआत कर दी गई है। योजनाओं को पूरा करने के लिए 175 करोड़ रुपये की जरूरत होगी। उसका भी एस्टीमेट बना लिया गया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, कोरोनाकाल में काशीवासियों ने धैर्य और मेहनत से एक-दूसरे का सहयोग किया। इससे साबित हो गया कि आपदा के समय में भी आंसू बहाना स्वभाव नहीं है। यह कार्य देश के लिए किसी नजीर से कम नहीं है। वाराणसी प्रशासन ने भी जनसहयोग के लिए बेहतरीन कार्य किया।

उन्होंने कहा कि यह देश में एक प्रयोग है, जिसे सफल बनाएं, ताकि इसे आधार बनाकर पूरे देश में लागू किया जा सके। इस योजना के तहत पूरे ब्लॉक को 31 अगस्त तक बिजली, पानी, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, केंद्र और राज्य की सभी योजनाओं को सभी पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाने आदि कार्य से पूरी तरह संतृप्त किया जाएगा।

बैठक में मौजूद प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री नीलकंठ तिवारी ने कहा कि लगभग ढाई घंटे की बातचीत में प्रधानमंत्री काशी के विकास कार्यो की प्रगति से काफी संतुष्ट नजर आए।

उन्होंने कहा, हमेशा की ही तरह प्रधानमंत्री मोदी ने अधिकारियों और हम सबसे विकास कार्यो के संबंध में सुझाव मांगे और काशी के नवनिर्माण को लेकर अपने बहुमूल्य सुझाव भी दिए।

इस दौरान रवींद्र जायसवाल, विधायक सुरेंद्र सिंह व सौरभ श्रीवास्तव, एमएलसी अशोक धवन व लक्ष्मण आचार्य मौजूद रहे।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।