दैनिक भास्कर हिंदी: आक्रोशित अन्नदाता: सोनीपत में किसानों ने किया पथराव, पुलिस ने किया वाटर कैनन का इस्तेमाल

November 26th, 2020

हाईलाइट

  • कैप्टन अमरिंदर बोले- किसानों को रोकना संवैधानिक भावना के खिलाफ
  • दिल्ली की ओर कल नहीं चलेगी मेट्रो, मेट्रो ने जारी की नई एडवाइजरी
  • सुखबीर सिंह बादल ने कैप्टन अमरिंदर सिंह पर लगाया आरोप

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए कृषि बिलों के विरोध में पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के किसान गुरुवार को 26 से 28 नवंबर तक के लिए 'दिल्ली कूच' पर निकले। लेकिन, दिल्ली और हरियाणा सरकार ने राज्य की सीमा पर किसानों को रोक लिया। इस दौरान पंजाब से सटे हरियाणा बॉर्डर पर गुरुवार को हिंसक प्रदर्शन हुए। पंजाब के प्रदर्शनकारियों ने हरियाणा बॉर्डर पर बैरिकेडिंग नदी में फेंक दी और पथराव किया। इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पानी की बौछार की और आंसू गैस के गोले दागे।

दिल्ली प्रवेश को रोकने के लिए दिल्ली-हरियाणा सीमा पर पुलिस व सुरक्षा बलों की तैनाती व बैरिकेड आदि लगाकर सख्त इंतजाम किए गए हैं। गुरुवार सुबह पंजाब के किसान पटियाला अंबाला हाईवे पर किए गए बैरिकेड को तोड़ते हुए और वाटर कैनन व आंसू गैस के गोले झेलते हुए आगे बढ़े। जब ये किसान हरियाणा के सादोपुर पहुंचे तो इन्हें एक बार फिर वाटर कैनन की बौछारें झेलनी पड़ीं।

वर्तमान में दिल्ली की सभी सीमाओं पर लंबे जाम लगे हुए हैं और दिल्ली में प्रवेश के लिए आम आदमी को भी जद्दोजहद करनी पड़ रही है। दूसरी ओर गुरुग्राम में योगेंद्र यादव ने किसान मोर्चा को दिल्ली कूच के लिए बुलाया था, लेकिन वहां पहुंचे सभी लोगों को हिरासत में ले लिया गया। हरियाणा में धारा 144 लागू कर दी गई है। वरिष्ठ अधिकारी हालात पर नजर रखे हुए हैं। ड्रोन से भी नजर रखी जा रही है।दिल्ली कूच में एक लाख किसानों के जुटने का दावा किया जा रहा है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उन्हें रोका गया तो वे दिल्ली जाने वाले सारे रास्ते जाम कर देंगे। इधर किसानों के दिल्ली कूच को देखते हुए डीएमआरसी ने एनसीआर से दिल्ली जाने वाली सभी मेट्रो सेवाएं अगले आदेश तक स्थगित कर दी हैं।

कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसान
सरकार ने कृषि सुधारों के लिए 3 कानून द फार्मर्स प्रोड्यूस ट्रेड एंड कॉमर्स (प्रमोशन एंड फेसिलिटेशन) एक्ट; द फार्मर्स (एम्पावरमेंट एंड प्रोटेक्शन) एग्रीमेंट ऑफ प्राइज एश्योरेंस एंड फार्म सर्विसेस एक्ट और द एसेंशियल कमोडिटीज (अमेंडमेंट) एक्ट बनाए थे। इनके विरोध में पंजाब और हरियाणा के किसान पिछले दो महीनों से सड़कों पर हैं। किसानों को लगता है कि सरकार MSP हटाने वाली है, जबकि खुद प्रधानमंत्री इससे इनकार कर चुके हैं।

दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर फोर्स तैनात
दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर पर पुलिस फोर्स के अलावा CRPF की 3 बटालियन तैनात की गई हैं। पुलिस के मुताबिक, आने-जाने वाले हर वाहन पर नजर रखी जा रही है। होमगार्ड के जवान भी तैनात हैं। किसानों रैली को देखते हुए दिल्ली-NCR में मेट्रो दोपहर 2 बजे तक बंद कर दी गई है। हरियाणा सरकार ने ऐलान किया है कि किसानों को किसी कीमत पर हरियाणा में घुसकर माहौल खराब करने नहीं दिया जाएगा। इसके लिए दिल्ली-चंडीगढ़ हाईवे ब्लॉक कर दिया गया है।

कुछ बॉर्डरों पर रही थ्री लेयर सुरक्षा व्यवस्था
हरियाणा-दिल्ली की सीमा से सटे बॉर्डर पर पुलिस की खास निगाहें रही। यहां थ्री लेयर सुरक्षा व्यवस्था का इंतजाम किया। खासकर, सिंधु बॉर्डर पर बैरिकेड लगाने के साथ-साथ डिवाइडर वाले पत्थरों को दिल्ली आने वाली सड़क पर लगा दिया। इन पत्थरों पर कटीले लोहे के तारों को भी लगाया गया। यहां रुक-रुककर वाहनों को निकाला गया। बॉर्डर पर वाटर कैनन, आंसू गैस के साथ पुलिस चुस्त रही। ड्रोन उड़ाकर पूरे हालात पर नजर रखी जा रही थी। टीकरी बॉर्डर, फरीदाबाद, गुरुग्राम, कापसहेड़ा, ढांसा बॉर्डर समेत कुछ अन्य जगहों की सुरक्षा व्यवस्था भी चुस्त रही।

जंतर-मंतर पर भी रहे खास इंतजाम
माना जा रहा था कि यदि किसान किसी तरह दिल्ली में प्रवेश कर जाते हैं तो वह जंतर-मंतर पहुंचकर प्रदर्शन का प्रयास करेंगे। इसको देखते हुए जंतर-मंतर पर भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे। लोकल पुलिस के अलावा कई कंपनी संसद मार्ग थाने के बाहर डटी रही। कुछ किसान आप के पूर्व विधायक के साथ जंतर-मंतर पहुंच गए। पुलिस ने सभी को हिरासत में लिया। बाद में सभी को बसों से मंदिर मार्ग थाने ले जाया गया।

सभी गुरुद्वारों पर भी रही नजर
दिल्ली के सभी गुरुद्वारों खासकर पश्चिम दिल्ली में पुलिस की खास नजर रही। माना जा रहा था कि यदि कुछ किसान समय से पूर्व मंगलवार या बुधवार को दिल्ली आए होंगे तो वह गुरुद्वारों में शरण ले सकते हैं। ऐसे में पुलिस ने खास तौर पर तिलक नगर, राजौरी गार्डन के गुरुद्वारों पर नजर रखी। रकाबगंज, बंगला साहेब, शीशगंज गुरुद्वारे पर भी पुलिस का पहरा रहा। पुलिस सूत्रों का कहना है कि मजनूं का टीला गुरुद्वारे से 25 से 30 किसानों को हिरासत में भी लिया गया।

किसानों को रोकना संविधान द्वारा दिए अधिकारों का हनन हैः कैप्टन अमरिंदर
कैप्टन अमरिंदर सिंह किसानों के प्रदर्शन को रोकने के प्रयास पर कहा है कि किसान केंद्र के लाए कानून के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं। आप एक शख्स को देश की राजधानी जाकर, जहां उसकी संसद है प्रदर्शन करने और अपने मत रखने से नहीं रोक सकते। आप उन्हें क्योंकि रोक रहे हैं।

बहादुरगढ़ से दिल्ली आने वाला रास्ता किया बंद
किसानों के प्रदर्शन के चलते बहादुरगढ़ से दिल्ली आने वाला रास्ता बंद कर दिया गया है।

सुखबीर सिंह बादल ने कैप्टन अमरिंदर सिंह पर लगाया आरोप
पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने किसानों के आंदोलन पर कहा है कि किसान अपनी लड़ाई किसी राजनीतिक झंडे के अधीन नहीं लड़ना चाहते। सभी पार्टियों से जुड़े किसान कृषि बिल के मुद्दे पर एक साथ हैं। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने इस मामले में बहुत ही ढुलमुल रवैया अपनाया है क्योंकि उन्होंने बिल्कुल भी प्रदर्शन नहीं किया। सुखबीर सिंह बादल ने कहा मुख्यमंत्री को केंद्र पर दबाव डालना चाहिए था। दिल्ली जाकर बैठकें करनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि मैं हरियाणा के किसानों से भी अपील करता हूं कि वो पंजाब के किसानों के साथ आएं और उनका समर्थन करें। 

करनाल में किसानों पर वाटर कैनन से की गई पानी की बौछार
करनाल में किसानों की भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने उन पर वाटर कैनन से पानी की बौछार की। यहां पर भी पूरे हरियाणा से भारी मात्रा में किसान सुबह से इकट्ठा हुए हैं।

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