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कोरोना संकट: राहुल गांधी से बोले राजीव बजाज- लॉकडाउन में फंसा भारत, अर्थव्यवस्था चौपट


हाईलाइट

  • राहुल गांधी और उद्योगपति राजीव बजाज के बीच बातचीत
  • कोरोना से बिगड़ी अर्थव्यवस्था और कारोबार से जुड़े मुद्दों पर चर्चा

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कोरोना और लॉकडाउन के कारण देश की अर्थव्यवस्था का हाल बुरा हो गया है। जीडीपी से लेकर कारोबार तक में इसका बहुत ज्यादा असर पड़ा है। संकट के इस दौर में कांग्रेस नेता राहुल गांधी काफी एक्टिव नजर आ रहे हैं। अर्थव्यवस्था को वापस पटरी पर कैसे लाया जा सकता है और कोरोना से निपटने के उपायों सहित अन्य कई मुद्दों को लेकर वह लगातार एक्सपर्ट्स से चर्चा कर रहे हैं और कोरोना को रोकने के लिए केंद्र सरकार द्वारा उठाए गए कदमों पर हमला भी बोल रहे हैं। इसी कड़ी में राहुल गांधी आज (4 जून) बजाज ऑटो के मैनेजिंग डायरेक्टर राजीव बजाज से बात कर रहे हैं। 

उद्योगपति राजीव बजाज से बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने कहा, कोरोना संकट के दौरान हमारे सामने सबसे बड़ी समस्या प्रवासी मजदूरों की है। लॉकडाउन में सबसे ज्यादा तकलीफ इन्हीं लोगों को हुई है। गरीब लोगों और प्रवासियों ने आत्मविश्वास खो दिया है। काफी लोगों ने बोला है कि भरोसा खो दिया है, भरोसा ही नहीं बचा और और मुझे लगता है कि यह बहुत दुखद और देश के लिए खतरनाक है।

केंद्र सरकार ने अपने हाथ पीछे खींच लिए हैं और हालात को राज्यों के भरोसे छोड़ दिया है। जर्मनी, अमेरिका, साउथ कोरिया और जापान ने अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए बड़ी मात्रा में पैसे डाले।

राजीव बजाज ने कहा, कोरोना को लेकर लोगों में इतना बड़ा भय पैदा कर दिया गया है कि लोगों को लगता है यह बीमारी संक्रामक कैंसर या कुछ उसके जैसी है। अब लोगों के दिमाग को बदलने और जीवन पटरी पर लाने और उन्हें वायरस के साथ सहज बनाने की नई नसीहत सरकार की तरफ से आने वाली है। 

राजीव बजाज ने कहा, हमने कठिन लॉकडाउन लागू करने की कोशिश की, जो अभी भी कमजोर था। हम दोनों विकल्पों के बुरे परिणामों के बीच फंस गए। एक तरफ कमजोर लॉकडाउन यह सुनिश्चित करता है कि वायरस अभी भी मौजूद रहेगा। सरकार ने उस समस्या को हल नहीं किया है।

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