दैनिक भास्कर हिंदी: 'अगर सत्ता में आए तो मछुआरों के लिए अलग मंत्रालय बनाएंगे'

November 24th, 2017

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। गुजरात के चुनावी माहौल में एक बार फिर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी शुक्रवार को दो दिवसीय दौरे पर पहुंच गए हैं। शुक्रवार को राहुल सुबह पोरबंदर पहुंचे और सबसे पहले महात्मा गांधी के जन्म स्थल कीर्ति मंदिर गए। इसके बाद राहुल ने पोरबंदर में ‘नवसर्जन मच्छीमार अधिकार सभा’ को संबोधित किया। 

 

बीजेपी और पीएम मोदी पर राहुल का हमला

गुजरात के पोरबंदर में ‘नवसर्जन मच्छीमार अधिकार सभा’ में मछुआरों को के बीच राहुल ने कहा कि जब कांग्रेस पार्टी की सरकार थी तब हम आपको डीजल पर सब्सिडी देते थे, 5 लाख लोगों को ये सब्सिडी दी जाती थी और इस पर सरकार का 300 करोड़ रुपये लगता था। आपको 300 करोड़ की सब्सिडी नहीं देते लेकिन टाटा नैनो बनाने के लिये 33000 करोड़ रुपये दे देते हैं, अगर बड़ा उद्योगपति मोदी जी से पैसा मांगे तो 33000 करोड़ रुपये दे देते हैं। एक तरफ एक व्यक्ति को 33000 करोड़ रुपये दूसरी तरफ करोड़ों लोगों को मिलने वाला 300 करोड़ रुपए भी छीन लिया। पूरे देश में किसान कर्जा माफ करने की बात कर रहा है, पिछले साल हिन्दुस्तान के सबसे बड़े 10 उद्योगपतियों का नरेन्द्र मोदी जी ने खुद 1 लाख 30 हजार करोड़ रुपए माफ किया। मछुआरों ने कहा था कि जो काम किसान करता है वही काम मछुआरा करता है, मछुआरों के लिए अलग मंत्रालय होना चाहिए और हमारी सरकार बनेगी तो हम ये काम करके दिखाएंगे। नोटबंदी के समय जब आप लाइन में लगते थे तब क्या किसी सूट-बूट वाले को देखा था? मैं बताता हूं क्यों नहीं देखा, क्योंकि वो पहले से ही बैंक के अंदर पीछे से घुस के एसी में बैठे थे। जब कांग्रेस पार्टी चुनाव जीतेगी तो हमारे दरवाजे आपके लिये खुले होंगे चाहे वो विधानसभा हो या मुख्यमंत्री कार्यालय हो, गुजरात की जनता जो कहेगी उसके बल पर सरकार चलाएंगे। 22 साल से गुजरात के सबसे अमीर लोगों की आवाज विधानसभा और मुख्यमंत्री कार्यालय में सुनी गयी, आपकी आवाज़ सरकार तक नहीं पहुंचती इसे हम बदल कर दिखाएंगे।

 

 

 

 

दलित शक्ति केंद्र भी गए राहुल

राहुल की यह यात्रा चुनाव से पहले बहुत मायने रखती है। बता दें कि अगले महीने की 9 तारीख को 89 सीटों के लिए प्रथम चरण की वोटिंग होनी है और 14 तारीख को दूसरे चरण की वोटिंग होगी। राहुल शुक्रवार को दलित शक्ति केंद्र (डीएसके) भी गए, यह एक व्यावसायिक प्रशिक्षण संस्थान है जिसे दलित कार्यकर्ता चलाते हैं। यह इस जिले के साणंद कस्बे के पास है।