comScore

राहुल ने जलियांवाला बाग में दी श्रद्धांजलि, राष्ट्रपति और पीएम मोदी ने भी शहीदों को किया याद 

राहुल ने जलियांवाला बाग में दी श्रद्धांजलि, राष्ट्रपति और पीएम मोदी ने भी शहीदों को किया याद 

हाईलाइट

  • अमृतसर के जलियांवाला बाग नरसंहार के 100 साल पूरे।
  • राहुल गांधी ने जलियांवाला बाग पहुंच कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी।
  • राष्ट्रपति कोविंद, पीएम मोदी ने भी शहीदों को याद किया।

डिजिटल डेस्क, अमृतसर। जलियांवाला बाग नरसंहार कांड की 100वीं बरसी पर देश के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी और पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने शहीदों के श्रद्धांजलि दी। शनिवार को जलियांवाला बाग नरसंहार के 100 साल पूरे होने पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने जलियांवाला बाग मेमोरियल पहुंचकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और राज्य सरकार में मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू भी मौजूद रहे।

दरअसल राहुल गांधी ने शुक्रवार देर रात ही अमृतसर पहुंच गए थे। यहां सबसे पहले उन्होंने स्वर्ण मंदिर में मत्था टेका। इसके बाद शनिवार को जलियांवाला बाग मेमोरियल पहुंचे और शहीदों को श्रद्धांजलि दी।

वहीं राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी ट्वीट कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी है। राष्ट्रपति कोविंद ने ट्वीट किया है, 100 साल पहले आज ही के दिन, हमारे प्यारे स्वाधीनता सेनानी जलियांवाला बाग में शहीद हुए थे। वह भीषण नरसंहार सभ्यता पर कलंक है। बलिदान का वह दिन भारत कभी नहीं भूल सकता। उनकी पावन स्मृति में जलियांवाला बाग के अमर बलिदानियों को हमारी श्रद्धांजलि।

शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए पीएम मोदी ने लिखा है, जलियांवाला बाग नरसंहार कांड के शहीदों के बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उनकी याद में हमें उस भारत के निर्माण के लिए और भी अधिक मेहनत करने के लिए प्रेरित करती है जिस पर उन्हें गर्व होगा।


वहीं भारत में ब्रिटेन के हाई कमिश्नर डोमिनिक एस्क्विथ ने जलियांवाला बाग स्मारक पर पुष्प चक्र अर्पित किया। उन्होंने कहा, ब्रिटेन इस घटना पर गहरा खेद व्यक्त करता है। ब्रिटेन के हाई कमिश्नर ने यहां गेस्ट बुक में लिखा, 100 साल पहले हुई जलियांवाला बाग की घटना ब्रिटिश-भारतीय इतिहास में एक शर्मनाक कृत्य है। जो भी हुआ और उसकी वजह से जो पीड़ा पहुंची, उसके लिए हम गहरा खेद व्यक्त करते हैं। एस्क्विथ ने कहा, मैं खुश हूं कि ब्रिटेन और भारत 21वीं सदी की भागीदारी को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। 

इससे पहले शुक्रवार शाम राज्यपाल वीपी सिंह बदनौर, मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कैंडल मार्च निकालकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। कैंडल मार्च में कैबिनेट मंत्री सुखबिंदर सिंह सुखसरकरिया, ओम प्रकाश सोनी, सुनील जाखड़, आशा कुमारी, गुरजीत औजला, सुनील दत्ती, इंदरबीर बुलारिया, राजकुमार वेरका के अलावा छात्रों ने भी हिस्सा लिया।

कमेंट करें
y4G1m