दैनिक भास्कर हिंदी: शेयर मार्केट में गिरावट पर बोले राहुल- मोदी के बजट पर सेंसेक्स ने पास किया 'अविश्वास प्रस्ताव'

February 3rd, 2018

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मोदी सरकार के आखिरी फुल बजट पर एक बार फिर निशाना साधा है। राहुल गांधी ने बजट के बाद लगातार गिर रहे शेयर मार्केट को लेकर पीएम मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि मोदी के बजट के खिलाफ सेंसेक्स ने 'अविश्वास प्रस्ताव' पास किया है। इससे पहले राहुल गांधी ने बजट पर हमला बोलते हुए कहा था कि 'शुक्र है, अब सिर्फ एक साल ही बचा है।' बता दें कि शुक्रवार को सेंसेक्स में 840 पॉइंट्स की गिरावट दर्ज की गई है।

 



सेंसेक्स ने पास किया 'अविश्वास प्रस्ताव'

शुक्रवार को राहुल गांधी के ऑफिशियल ट्विटर अकाउंट से ट्वीट किया गया, जिसमें शेयर मार्केट में भारी गिरावट को लेकर पीएम मोदी के बजट पर हमला किया गया था। राहुल ने अपने ट्वीट में कहा कि 'संसदीय भाषा में, सेंसेक्स ने मोदी के बजट के खिलाफ 800 पॉइंट्स का अविश्वास प्रस्ताव पास किया है।' इसके साथ ही उन्होंने इस ट्वीट में हैशटैग के साथ लिखा है 'बस एक और साल'।

 



शुक्र है, बस एक साल बचा है

इससे पहले गुरुवार को जिस दिन बजट पेश किया गया था, उस दिन भी राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर जबरदस्त हमला बोला था। राहुल ने अपने ट्वीट में कहा था कि '4 साल बीत गए, लेकिन अब भी किसानों को उचित दाम मिलने के वादे पूरे होने का इंतजार है। 4 साल में फैंसी स्कीम्स बनाई गई। 4 साल बाद भी हमारे युवाओं को रोजगार नहीं मिला। शुक्र है, अब बस एक साल ही बचा है।'

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शुक्रवार को 800 पॉइंट्स गिरा सेंसेक्स

बजट के एक दिन बाद शुक्रवार को शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई थी। सेंसेक्स शुक्रवार को 839.91 पॉइंट्स गिरकर 35,066.75 पर बंद हुआ था। वहीं निफ्टी में भी भारी गिरावट दर्ज की गई है। निफ्टी 255 पॉइंट्स फिसलकर 10,760.60 पर बंद हुआ। इंटरनेशनल मार्केट में भी घरेलू शेयरों को भारी नुकसान हुआ है। गुरुवार की तुलना में रुपया भी 64.02 से फिसलकर 64.18 पर आ गया। शेयर बाजार में शुक्रवार सुबह से ही गिरावट का दौर चला सेंसेक्स में 500 पॉइंट्स की भारी गिरावट देखी गई थी। अगस्त 2017 के बाद शेयर मार्केट में शुक्रवार को ऐसी गिरावट दर्ज की गई थी। जानकारों का मानना है कि बजट में फिस्कल डेफिसिट (राजकोषीय घाटे) के ज्यादा होने और लंबी अवधि के कैपिटल गेन पर टैक्स लगाने के सरकार के फैसले से ये गिरावट देखी जा रही है। सरकार के इस फैसले से शेयर बाजार में कारोबार शुरू होते ही ट्रेडरों और इन्वेस्टर्स ने लंबे समय के लिए रखे शेयरों को धड़ाधड़ बेचना शुरू कर दिया।