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साध्वी के बयान पर बोले राहुल - गॉड नहीं गॉडसे लवर्स है बीजेपी और RSS

साध्वी के बयान पर बोले राहुल - गॉड नहीं गॉडसे लवर्स है बीजेपी और RSS

हाईलाइट

  • साध्वी प्रज्ञा के नाथूराम गोडसे को लेकर विवादित बयान ने बवाल खड़ा कर दिया है
  • राहुल गांधी ने इसको लेकर बीजेपी पर जमकर निशाना साधा है
  • राहुल ने कहा बीजेपी और RSS वाले गॉड लवर्स नहीं बल्कि वह गॉडसे लवर्स हैं

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भोपाल से बीजेपी प्रत्याशी साध्वी प्रज्ञा के नाथूराम गोडसे को लेकर दिए विवादित बयान को भुनाने में विपक्षी पार्टियां कोई कसर नहीं छोड़ रही हैं। लोकसभा चुनाव प्रचार के आखिरी दिन कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने इसको लेकर बीजेपी पर जमकर निशाना साधा है। राहुल ने ट्वीट कर कहा है कि 'आखिरकार मुझे समझ आ गया, बीजेपी और RSS वाले गॉड लवर्स (भगवान प्रेमी) नहीं हैं, बल्कि वह गॉडसे लवर्स (गॉडसे प्रेमी) हैं।' 

दरअसल एक्टर कमल हासन ने एक सभा के दौरान नाथूराम गोडसे को आजाद भारत का पहला हिन्‍दू आतंकवादी बताया था। बीजेपी ने नाथूराम को आतंकी कहने पर कमल हसन की आलोचना की थी। वहीं साध्वी ने कमल हसन को जवाब देते हुए कहा था, 'नाथूराम गोडसे को आतंकवादी कहने वाले लोग अपने गिरेबां में झांक कर देखें। ऐसे लोगों को इस चुनाव में जवाब दे दिया जाएगा। नाथूराम गोडसे देशभक्‍त थे, देशभक्‍त हैं और देशभक्‍त रहेंगे।'

साध्वी के इस बयान की चौतरफा निंदा हो रही थी। जहां बीजेपी ने साध्वी के बयान से पल्ला झाड़ लिया था तो वहीं कांग्रेस तीखा हमला बोल रही थी। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने बीजेपी को घेरते हुए कहा ट्वीट किया कि 'साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के महात्मा गांधी जी के हत्यारे गोडसे को देशभक्त बताने वाले बयान से बीजेपी सिर्फ चुनाव को देखते हुए किनारा कर रही है। अगर चुनाव बाकी ना होते तो पूरी बीजेपी साध्वी के गोडसे व शहीद हेमंत करकरे को लेकर दिये बयान पर उनके साथ खड़ी होती, क्योंकि यही बीजेपी की भी सोच है।

यह विवाद इतना बढ़ गया कि खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस मामले पर बोलना पड़ा। पीएम मोदी ने साध्वी के बयान की निंदा करते हुए कहा कि भले ही साध्वी प्रज्ञा ने माफी मांग ली हो, लेकिन मैं उन्हें अपने मन से कभी माफ नहीं कर पाउंगा। पीएम के इस बयान पर निशाना साधते हुए कमलनाथ ने कहा, मोदी जी आप साध्वी प्रज्ञा को भले माफ करे या ना करे, लेकिन देश की जनता उन्हें बापू के हत्यारे व शहीद हेमंत करकरे पर दिये बयान पर कभी माफ नहीं करेगी। देश की जनता यह सच्चाई जानती है कि आप ही ने उन्हें पार्टी का उम्मीदवार बनाया है, हिम्मत है तो उन्हें पार्टी से बाहर करने का साहस दिखाएं।

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।