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राज्यसभा चुनाव: संकट में गहलोत सरकार, भाजपा पर खरीद-फरोख्त का आरोप, रिसॉर्ट भेजे गए विधायक

राज्यसभा चुनाव: संकट में गहलोत सरकार, भाजपा पर खरीद-फरोख्त का आरोप, रिसॉर्ट भेजे गए विधायक

हाईलाइट

  • राज्यसभा चुनाव से पहले राजस्थान में सियासी उठापटक
  • बीजेपी पर कांग्रेस विधायकों की खरीद फरोख्त का आरोप
  • कांग्रेस ने अपने सभी विधायकों को जयपुर के एक होटल में भेजा

डिजिटल डेस्क, जयपुर। कोरोना संकट के बीच राजस्थान में सियासी हलचल भी तेज हो गई है। आगामी 19 जून को तीन सीटों पर होने वाले राज्यसभा चुनाव को लेकर राजस्थान कांग्रेस चौकस नजर आ रही है। बीजेपी पर खरीद-फरोख्त का आरोप लगाते हुए कांग्रेस पार्टी ने निर्दलीय समेत अपने सभी विधायकों को टूटने से बचाने के लिए जयपुर के शिव विलास होटल में भेज दिया है। होटल के बाहर 50 से ज्यादा पुलिस के जवान सादी वर्दी में तैनात किए गए हैं। जोकि यहां आने-जाने वालों और विधायकों पर लगातार नजर रख रहे हैं।

विधायकों को 25 करोड़ रुपये तक की पेशकश
वहीं राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बीजेपी पर आरोप लगाया है कि, उनके विधायकों को पैसे का लालच दिया जा रहा है, इसलिए सभी को होटल में रखा गया है। मुख्यमंत्री गहलोत ने ये भी कहा कि, पार्टी के विधायक एकजुट हैं और वे किसी तरह के लोभ - लालच में नहीं आएंगे। उन्होंने बीजेपी पर आरोप लगाया कि, कुछ कांग्रेस विधायकों को 25 करोड़ रुपये तक की पेशकश की गई।

कांग्रेस ने बीजेपी पर आरोप लगाया है कि, राजस्‍थान की सरकार को अस्थिर करने का प्रयास किया जा रहा है। सीएम अशोक गहलोत ने कहा, मध्यप्रदेश वाला खेल ही यहां खेला जा रहा था, हमारे विधायक बहुत समझदार हैं। उनको खूब लालच-लोभ देने की कोशिश की गई। मुझे गर्व इस बात का है कि हमारे साथ BSP के 6 और 13 निर्दलीय विधायक आए हैं। हिन्दुस्तान के इतिहास में राजस्थान पहला ऐसा राज्य है जहां एक रुपये का सौदा नहीं हुआ।

इसी बीच होटल शिव विला में ठहराए गए विधायकों में एक विधायक महादेव सिंह खंडेला ने कहा, हम कांग्रेस के साथ हैं सरकार के साथ हैं। चुनाव से पहले तो लोग मिलते ही हैं। मेरे पास कोई फोन नहीं आया है, कोई प्रलोभन नहीं आया है।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बुधवार सुबह पार्टी के सभी विधायकों के साथ अपने आवास पर एक बैठक की, वहीं शाम को कांग्रेस के मुख्य सचेतक महेश जोशी ने पुलिस महानिदेशक, एसीबी से एक आधिकारिक शिकायत की और उन भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की, जो धनबल के जरिए निर्दलीय विधायकों को लुभाने की कोशिश कर रहे हैं।

जोशी ने डीजी, एसीबी को संबोधित अपने पत्र में कहा है, हमें अपने विश्वस्त सूत्रों से पता चला है कि मध्यप्रदेश, गुजरात, कर्नाटक की तर्ज पर भाजपा कांग्रेस के विधायकों के साथ ही हमारी सरकार को समर्थन दे रहे निर्दलीय विधायकों को लालच देकर राजस्थान में सरकार को अस्थिर करने की कोशिश कर रही है।

पत्र में कहा गया है, यह कोशिश न केवल लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है, बल्कि जन आकांक्षाओं के भी खिलाफ है। यह अवैध, अनैतिक, निंदनीय है और कानूनी कार्रवाई की मांग करता है। जो लोग इस तरह के घृणित अपराध में लिप्त हैं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।

19 जून को राज्यसभा की तीन सीटों के लिए मतदान
राजस्थान में 19 जून को राज्यसभा की तीन सीटों के लिए मतदान होगा, जहां कांग्रेस ने दो उम्मीदवार खड़े किए हैं- के.सी. वेणुगोपाल और नीरज डांगी। जबकि भाजपा ने भी दो उम्मीदवार -राजेंद्र गहलोत और ओमकार सिंह लखावत को मैदान में उतार कर चुनाव को रोचक बना दिया है।

स्थिति का जायजा लेनेजयपुर पहुंचे सुरजेवाला
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला स्थिति का जायजा लेने और कांग्रेस विधायकों को एकजुट रखने के लिए बुधवार को जयपुर पहुंचे। सुरजेवाला उस रिसॉर्ट में भी पहुंचे जहां मुख्यमंत्री गहलोत कांग्रेस के और निर्दलीय विधायकों के साथ मौजूद थे। इस बीच यह सूचना आई कि, राज्य मंत्री विश्वेंद्र सिंह रिसॉर्ट नहीं पहुंचे हैं, जिनकी गहलोत खेमे से नहीं बनती है। सिंह को सचिन पायलट के खेमे का माना जाता है। कुछ विधायकों की प्रारंभिक बैठक मुख्यमंत्री के आवास पर हुई थी, लेकिन उसके बाद सभी वरिष्ठ नेता आगे की रणनीति बनाने रिसॉर्ट चले गए।

सबूत के साथ सामने आए कांग्रेस-बीजेपी
इस बीच राजस्थान में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने बताया, यह कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा फैलाया गया प्रोपेगेंडा मात्र है। मैं उन्हें खुली चुनौती देता हूं कि वे अपने आरोपों के पक्ष में सबूत के साथ सामने आएं। उन्होंने कहा, वास्तव में कांग्रेस को अपने घर को ठीक करने की जरूरत है। पार्टी में कई मंत्री और विधायक हैं, जिन्हें महीनों से नजर अंदाज किया जा रहा है। सरकार एक कंफर्ट जोन में है और एक टीम के रूप में काम नहीं कर रही है। अब हमने अपना दूसरा उम्मीदवार उतार दिया है तो पूरी पार्टी तनाव में आ गई है और अपने सभी विधायकों से संपर्क करने लगी है।

जो कांग्रेस के काम से असंतुष्ट हैं, वे हमारे आएं- बीजेपी 
पूनिया ने कहा, निर्दलीय विधायकों या एक क्षेत्रीय पार्टी के विधायक को खुला निमंत्रण है कि जो कांग्रेस सरकार के कामकाज से संतुष्ट नहीं हैं, वे हमारे साथ आ सकते हैं। इसमें कोई नुकसान नहीं है। आधिकारिक सूत्रों ने कहा, सीपीएम और भारतीय ट्राइबल पार्टी के विधायक रिसॉर्ट नहीं पहुंचे हैं। बता दें कि, कांग्रेस के पास अपने 107 विधायक हैं और उसे आरएलडी के एक विधायक और निर्दलीय 13 विधायकों, बीटीपी और माकपा के विधायकों का समर्थन प्राप्त है। जबकि भाजपा के पास 72 विधायक हैं और उसे आरएलपी के तीन विधायकों का समर्थन प्राप्त है।

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