दैनिक भास्कर हिंदी: RSS चीफ मोहन भागवत बोले- राम मंदिर जहां था, वहीं बनाएंगे

April 16th, 2018

डिजिटल डेस्क, मुंबई। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने एक बार फिर राम मंदिर को लेकर बड़ा बयान दिया है। रविवार को महाराष्ट्र के पालघर में एक हिंदू सम्मेलन को संबोधित करते हुए मोहन भागवत ने कहा कि 'राम मंदिर जहां था, उसी जगह बनाया जाएगा।' इसके साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि 'राम मंदिर को मुस्लिम समुदाय ने नहीं, बल्कि भारतीयों का मनोबल तोड़ने के लिए विदेशी ताकतों ने मंदिर को तोड़ा था।' बता दें कि राम मंदिर-बाबरी मस्जिद का मुद्दा अभी सुप्रीम कोर्ट में है।

मंदिर नहीं बना, तो संस्कृति की जड़ें कट जाएंगी

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रविवार को पालघर में विराट हिंदू सम्मेलन को संबोधित करते हुए RSS प्रमुख मोहन भागवत ने कहा 'भारत में मुस्लिम समुदाय ने राम मंदिर ने नहीं तोड़ा। भारतीय तो ऐसी चीजें कर ही नहीं सकते। भारतीयों का मनोबल तोड़ने के लिए विदेशी ताकतों ने मंदिर को तोड़ा था।' उन्होंने कहा 'आज हम आजाद हैं। हमें उसे फिर से बनाने का अधिकार है, जिसे नष्ट किया गया था। क्योंकि वो सिर्फ मंदिर नहीं थे बल्कि हमारी पहचान के प्रतीक थे।' मोहन भागवत ने आगे कहा 'अगर अयोध्या में राम मंदिर फिर से नहीं बनाया गया, तो हमारी संस्कृति की जड़ें कट जाएंगी। इसमें कोई शक नहीं कि मंदिर वहीं बनाया जाएगा, जहां वो पहले था।'

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दुकानें बंद हो गईं तो अब जातिवाद फैला रहे हैं

सम्मेलन को संबोधित करते हुए मोहन भागवत ने विपक्षी पार्टियों पर निशाना साधते हुए हालिया जातिगत हिंसा के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि 'जिनकी दुकानें बंद हो गईं, वो अब लोगों को जाति के मुद्दों पर लड़ाने के लिए उकसा रहे हैं।' दरअसल, भागवत का इशारा 2 अप्रैल को हुए भारत बंद पर था, जिसमें 14 लोगों की मौत हो गई थी।

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भागवत पहले भी कर चुके हैं ऐसी बात

इससे पहले भी राम मंदिर को लेकर मोहन भागवत ऐसी ही बात कह चुके हैं। नवंबर 2017 में कर्नाटक में एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा था कि '    उस जगह पर कोई दूसरी चीज नहीं बनेगी। हमें उसी पत्थर से वहां मंदिर बनाना चाहिए। अब वो दिन दूर नहीं जब मंदिर की छत पर भगवा झंडा लहराएगा।' उन्होंने कहा था 'ये कोई लोकलुभावन घोषणा नहीं है, बल्कि ये हमारे विश्वास का प्रतीक है। कई सालों के संघर्ष और त्याग की बदौलत अब राम मंदिर बनने की संभावना दिखी है। मंदिर उसी शान से बनेगा, जैसा पहले वहां था।'

अयोध्या को लेकर क्या है विवाद?

अयोध्या विवाद देश का ऐसा विवाद है, जिस पर राजनीति भी होती रही है और सांप्रदायिक हिंसा भी भड़की है। हिंदू पक्ष ये दावा करता है कि अयोध्या भगवान राम की जन्मभूमि है और इस जगह पर पहले राम मंदिर हुआ करता था। जिसे बाबर के सेनापति मीर बांकी ने 1528 में तोड़कर यहां पर मस्जिद बना दी थी। तभी से हिंदू-मुस्लिम के बीच इस जगह को लेकर विवाद चलता रहा है। अयोध्या विवाद ने 1989 के बाद से तूल पकड़ा और 6 दिसंबर 1992 को हिंदू संगठनों ने अयोध्या में राम मंदिर की जगह बनी विवादित बाबरी मस्जिद का ढांचा गिरा दिया। जिसके बाद ये मामला इलाहाबाद हाई कोर्ट में गया और अब सुप्रीम कोर्ट में है।